कानपुर लाल बंगला में मकान के सामने दुकान को लेकर विवाद, परिवार ने दबाव बनाने के लगाए आरोप

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रिपोर्ट- हनुमन्त सिंह पिन्टू 

कानपुर: शहर के लाल बंगला क्षेत्र में मकान के सामने स्थित दुकान को लेकर चल रहा विवाद अब गंभीर रूप लेता नजर आ रहा है। काजीखेड़ा निवासी सगीर अंजुम रजा ने आरोप लगाया है कि दुकान को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा है और इस मामले में उन्हें तथा उनके परिवार को लगातार दबाव का सामना करना पड़ रहा है। शिकायतकर्ता ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, दबाव बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, दुकान को लेकर विवाद पहले से न्यायालय तक पहुंच चुका है। उनका दावा है कि इसी मामले में राजेंद्र सिंह की ओर से दायर मुकदमा 16 मार्च 2026 को न्यायालय द्वारा खारिज किया जा चुका है। इसके बावजूद सगीर अंजुम रजा का आरोप है कि राजेंद्र सिंह और उनके कुछ साथी लगातार उन पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं।

न्यायालय से मामला खारिज होने के बाद भी विवाद जारी रहने का दावा

सगीर अंजुम रजा का कहना है कि दुकान से जुड़े विवाद में न्यायालय की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद परिस्थितियां सामान्य नहीं हुईं। उनका आरोप है कि मुकदमा खारिज होने के बाद भी उन्हें अलग-अलग माध्यमों से परेशान किया जा रहा है। परिवार का कहना है कि लगातार चल रहे विवाद के कारण घर का माहौल प्रभावित हो रहा है और उन्हें मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

हालांकि, शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए सभी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। ऐसे में मामले के दूसरे पक्ष का पक्ष और पुलिस-प्रशासन की जांच इस पूरे प्रकरण में महत्वपूर्ण होगी।

बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ताओं पर भी दबाव का आरोप

शिकायत में बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ताओं पर भी पीड़ित परिवार पर दबाव बनाने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि अलग-अलग लोगों की ओर से कथित तौर पर बनाए जा रहे दबाव के चलते परिवार तनाव में है।

वहीं, इन आरोपों की भी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए पूरे मामले में पुलिस की जांच और संबंधित पक्षों के बयान सामने आने के बाद ही स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी। किसी संगठन या व्यक्ति के खिलाफ लगाए गए आरोपों को जांच पूरी होने से पहले अंतिम तथ्य मानना उचित नहीं होगा।

9 सितंबर को मकान के मुख्य गेट के सामने प्रदर्शन का आरोप

शिकायतकर्ता के अनुसार, 9 सितंबर की शाम करीब चार बजे कुछ लोग उनके मकान के मुख्य गेट के सामने पहुंचे। आरोप है कि इन लोगों ने वहां धरना-प्रदर्शन किया। सगीर अंजुम रजा का कहना है कि इस दौरान परिवार को परेशानी का सामना करना पड़ा और मकान से आने-जाने को लेकर भी स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

परिवार का दावा है कि मकान के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने प्रदर्शन होने से रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित हुईं। शिकायतकर्ता ने प्रशासन से इस घटना की जांच कराने की मांग की है, ताकि यह पता चल सके कि मौके पर वास्तव में क्या परिस्थितियां थीं और वहां मौजूद लोगों की भूमिका क्या थी।

पत्नी के स्वास्थ्य को लेकर परिवार ने जताई चिंता

सगीर अंजुम रजा ने अपनी पत्नी के स्वास्थ्य का भी हवाला दिया है। उनका कहना है कि लंबे समय से चल रहे विवाद और लगातार कथित दबाव के कारण परिवार मानसिक परेशानी से गुजर रहा है। उनका आरोप है कि विवाद का असर परिवार के सामान्य जीवन पर पड़ रहा है।

परिवार की ओर से प्रशासन से मांग की गई है कि मामले को संवेदनशीलता के साथ देखा जाए और यदि किसी पक्ष की ओर से नियमों का उल्लंघन किया गया है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

कमिश्नर से शिकायत के बाद भी राहत नहीं मिलने का दावा

शिकायतकर्ता के मुताबिक, उन्होंने 5 सितंबर और फिर 9 सितंबर को पुलिस कमिश्नर को शिकायत देकर पूरे मामले की जानकारी दी थी। उनका कहना है कि शिकायत के बावजूद उन्हें अपेक्षित राहत नहीं मिल सकी।

सगीर अंजुम रजा के अनुसार, बाद में थाना चकेरी में उनके और अहमन अंसारी के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया। शिकायतकर्ता ने इस कार्रवाई के संबंध में भी निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि पूरे मामले के सभी पहलुओं की जांच होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद की वास्तविक स्थिति क्या है और किस पक्ष की क्या भूमिका रही है।

निष्पक्ष जांच की मांग

अब पीड़ित परिवार ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। परिवार चाहता है कि दुकान से जुड़े पुराने विवाद, न्यायालय में चले मुकदमे, कथित प्रदर्शन, पुलिस में दर्ज शिकायतों और बाद में दर्ज मुकदमे समेत सभी पहलुओं को एक साथ देखा जाए।

साथ ही परिवार ने कथित रूप से दबाव बनाने वाले लोगों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई और अपनी सुरक्षा की मांग भी की है। शिकायतकर्ता का कहना है कि विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने के लिए प्रशासन को हस्तक्षेप करना चाहिए, ताकि किसी भी पक्ष को परेशानी का सामना न करना पड़े।

जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर

फिलहाल लाल बंगला क्षेत्र का यह दुकान विवाद कई सवाल खड़े कर रहा है। एक ओर शिकायतकर्ता न्यायालय से मुकदमा खारिज होने के बावजूद कथित दबाव बनाए जाने का आरोप लगा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनके और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ थाना चकेरी में मुकदमा दर्ज होने की बात सामने आ रही है।

ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। खासतौर पर 9 सितंबर को मकान के मुख्य गेट के सामने हुए कथित धरना-प्रदर्शन, पूर्व में की गई शिकायतों और दर्ज मुकदमे के तथ्यों की जांच से घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।

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