कानपुरः बेकनगंज पुलिस का साइबर शिकंजा, CEIR पोर्टल से 15 गुम मोबाइल बरामद
रिपोर्ट- सुहैल अंसारी
कानपुर: गुम या खो चुके मोबाइल फोन को वापस पाने की उम्मीद कई बार लोगों को कम नजर आती है, लेकिन तकनीक और पुलिस की सक्रियता से ऐसे मामलों में राहत मिल सकती है। कानपुर कमिश्नरेट के सेंट्रल जोन में गुम मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत बेकनगंज पुलिस की साइबर हेल्प डेस्क टीम ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने CEIR पोर्टल की मदद से अलग-अलग राज्यों में गुम हुए 15 मोबाइल फोन को तलाशकर बरामद किया है।
बरामद किए गए मोबाइल फोन की कुल अनुमानित कीमत करीब तीन लाख रुपये बताई गई है। तकनीकी माध्यमों की मदद से मोबाइल फोन को ट्रेस करने के बाद पुलिस ने इन्हें बरामद किया। इसके बाद 10 सितंबर को सभी बरामद मोबाइल फोन उनके वास्तविक धारकों को वापस सौंप दिए गए। लंबे समय से गुम मोबाइल फोन वापस मिलने पर लोगों के चेहरे पर खुशी देखने को मिली। मोबाइल धारकों ने पुलिस की इस कार्रवाई के लिए बेकनगंज थाना पुलिस और साइबर हेल्प डेस्क टीम का आभार जताया।
CEIR पोर्टल बना मोबाइल तलाशने में मददगार
मोबाइल फोन गुम होने के बाद उसकी बरामदगी के लिए तकनीकी व्यवस्था काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसी दिशा में पुलिस द्वारा CEIR यानी Central Equipment Identity Register पोर्टल की मदद ली गई। पुलिस टीम ने गुम मोबाइल फोन से संबंधित जानकारी को तकनीकी माध्यमों के जरिए ट्रेस किया और उनकी लोकेशन तथा इस्तेमाल से जुड़े संकेतों के आधार पर उन्हें तलाशने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।
इसके परिणामस्वरूप पुलिस को अलग-अलग राज्यों में इस्तेमाल किए जा रहे कई गुम मोबाइल फोन का पता लगाने में सफलता मिली। इसके बाद संबंधित मोबाइल फोन को बरामद कर पुलिस ने उन्हें उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाया।
अलग-अलग राज्यों से बरामद किए गए 15 मोबाइल
बेकनगंज पुलिस की साइबर हेल्प डेस्क टीम द्वारा बरामद किए गए 15 मोबाइल फोन अलग-अलग स्थानों पर पहुंच चुके थे। ऐसे में उन्हें तलाशना और वापस लाना पुलिस के लिए एक तकनीकी चुनौती भी था। हालांकि, टीम ने CEIR पोर्टल और तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए इन मोबाइल फोन को ट्रेस किया।
पुलिस के मुताबिक, बरामद किए गए मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत करीब तीन लाख रुपये है। इस तरह एक साथ 15 मोबाइल फोन की बरामदगी से उन लोगों को बड़ी राहत मिली, जिन्होंने अपने फोन गुम होने के बाद पुलिस से मदद की उम्मीद की थी।
10 सितंबर को धारकों को सौंपे गए मोबाइल
मोबाइल फोन बरामद होने के बाद पुलिस ने उन्हें उनके वास्तविक धारकों को वापस करने की प्रक्रिया पूरी की। 10 सितंबर को बरामद 15 मोबाइल फोन संबंधित मोबाइल धारकों को सौंप दिए गए। अपना गुम हुआ फोन दोबारा हाथ में पाकर लोगों ने पुलिस टीम के प्रति खुशी और आभार व्यक्त किया।
मोबाइल फोन आज के समय में केवल बातचीत का माध्यम नहीं है। इसमें लोगों के जरूरी संपर्क, दस्तावेज, फोटो, डिजिटल सेवाओं से जुड़ी जानकारी और अन्य महत्वपूर्ण डेटा भी मौजूद रहता है। इसलिए फोन गुम होने पर लोगों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ जरूरी जानकारी के गलत इस्तेमाल की चिंता भी रहती है। ऐसे में मोबाइल की बरामदगी लोगों के लिए बड़ी राहत साबित होती है।
पुलिस और साइबर टीम की संयुक्त सक्रियता
इस कार्रवाई में अधिकारियों के निर्देशन और थाना स्तर पर पुलिस टीम की सक्रिय भूमिका रही। डीसीपी सेंट्रल अतुल श्रीवास्तव और एसीपी मंजय सिंह के नेतृत्व में अभियान को आगे बढ़ाया गया। वहीं, थाना प्रभारी मो. मतीन खान की अगुवाई में साइबर हेल्प डेस्क टीम ने तकनीकी माध्यमों से मोबाइल फोन की तलाश की।
पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक मो. मतीन खान, उप निरीक्षक रामानंद, उप निरीक्षक मंजर अब्बास, दीपक यादव और रोहित बघेल समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। टीम ने मोबाइल फोन से संबंधित उपलब्ध तकनीकी जानकारी का इस्तेमाल करते हुए उन्हें ट्रेस करने और बरामद करने की कार्रवाई की।
गुम मोबाइल की शिकायत को गंभीरता से लेने का संदेश
बेकनगंज पुलिस की यह कार्रवाई आम लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण संदेश देती है। अक्सर मोबाइल फोन गुम होने के बाद लोग यह मान लेते हैं कि शायद अब उनका फोन वापस नहीं मिल पाएगा। हालांकि, समय पर शिकायत दर्ज कराने और आवश्यक तकनीकी प्रक्रिया पूरी करने से मोबाइल फोन की बरामदगी की संभावना बनी रहती है।
पुलिस की साइबर हेल्प डेस्क ऐसे मामलों में तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल कर रही है। इसलिए मोबाइल गुम होने की स्थिति में लोगों को मामले की सूचना पुलिस को देनी चाहिए और मोबाइल से संबंधित जरूरी विवरण उपलब्ध कराना चाहिए।
तकनीक के जरिए बढ़ रहा पुलिस का भरोसा
आज पुलिसिंग में तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ रही है। पहले जहां गुम मोबाइल की तलाश मुख्य रूप से स्थानीय स्तर की जानकारी पर निर्भर रहती थी, वहीं अब तकनीकी प्लेटफॉर्म और डिजिटल रिकॉर्ड के माध्यम से जांच को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया जा सकता है।
बेकनगंज पुलिस द्वारा 15 मोबाइल फोन की बरामदगी इसी बदलती पुलिसिंग का उदाहरण है। अलग-अलग राज्यों में पहुंचे मोबाइल फोन को तकनीकी माध्यमों से तलाशकर वापस लाना पुलिस और साइबर टीम की कार्यक्षमता को दर्शाता है।
इसके अलावा, मोबाइल फोन को वास्तविक धारकों तक वापस पहुंचाने से लोगों का पुलिस व्यवस्था के प्रति भरोसा भी मजबूत होता है। बरामदगी के बाद जब लोगों को उनका खोया हुआ फोन वापस मिलता है तो उन्हें न केवल आर्थिक राहत मिलती है, बल्कि पुलिस से जुड़ी सकारात्मक धारणा भी मजबूत होती है।
मोबाइल गुम होने पर क्या करें?
मोबाइल फोन गुम होने की स्थिति में सबसे पहले संबंधित व्यक्ति को पुलिस में शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इसके साथ ही मोबाइल के IMEI नंबर, मोबाइल नंबर और अन्य उपलब्ध जानकारी को सुरक्षित रखना उपयोगी होता है। फोन में मौजूद जरूरी खातों और डिजिटल सेवाओं की सुरक्षा के लिए संबंधित पासवर्ड तथा आवश्यक सुरक्षा उपाय भी अपनाए जाने चाहिए।
इस तरह समय पर की गई कार्रवाई से मोबाइल के गलत इस्तेमाल की आशंका को कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही पुलिस और साइबर टीम को मोबाइल की तलाश के लिए जरूरी तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराई जा सकती है।

