औरैया में तेज रफ्तार वाहनों पर ट्रैफिक पुलिस का शिकंजा, 80 किमी से अधिक स्पीड पर 8 ऑनलाइन चालान

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रिपोर्ट- अंजुमन तिवारी 

औरैया। जिले में सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और तेज रफ्तार वाहनों पर अंकुश लगाने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में सदर कोतवाली क्षेत्र के मिहौले ओवरब्रिज पर इंटरसेप्टर बाइक की मदद से वाहनों की गति की जांच की गई। इस दौरान निर्धारित गति सीमा से अधिक रफ्तार में वाहन चलाने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

ट्रैफिक पुलिस की इस कार्रवाई के दौरान 80 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक गति से वाहन चलाने वाले चालकों के ऑनलाइन चालान किए गए। अभियान में कुल आठ वाहनों के चालान काटे गए। पुलिस की कार्रवाई के बाद तेज रफ्तार वाहन चालकों में सतर्कता देखने को मिली।

मिहौले ओवरब्रिज पर की गई स्पीड की निगरानी

जानकारी के अनुसार, सदर कोतवाली क्षेत्र में आने वाले मिहौले ओवरब्रिज पर ट्रैफिक पुलिस ने इंटरसेप्टर बाइक को तैनात किया था। इसका उद्देश्य सड़क से गुजरने वाले वाहनों की गति पर नजर रखना था। इंटरसेप्टर बाइक की सहायता से वाहनों की स्पीड को रिकॉर्ड किया गया।

जांच के दौरान जिन वाहनों की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक पाई गई, उनके खिलाफ नियमानुसार ऑनलाइन चालान की कार्रवाई की गई। इस दौरान ट्रैफिक पुलिस ने कुल आठ वाहनों के चालान काटे।

पुलिस की ओर से लगातार यह प्रयास किया जा रहा है कि वाहन चालक सड़क पर निर्धारित गति सीमा का पालन करें। खासतौर पर प्रमुख मार्गों, ओवरब्रिज और ऐसे स्थानों पर जहां वाहनों की रफ्तार अधिक हो सकती है, वहां निगरानी बढ़ाई जा रही है।

हेड कांस्टेबलों ने संभाली निगरानी की जिम्मेदारी

इस अभियान के दौरान हेड कांस्टेबल प्रमोद कुमार और मोहम्मद शकील ने तेज रफ्तार वाहनों पर नजर रखी। इंटरसेप्टर बाइक के माध्यम से वाहनों की गति की जांच की गई और नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि सड़क पर तेज गति से वाहन चलाना यातायात नियमों का उल्लंघन है। इसके अलावा अधिक गति वाहन चालक के लिए वाहन पर नियंत्रण बनाए रखना भी चुनौतीपूर्ण बना सकती है। इसलिए निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाना सड़क सुरक्षा के लिहाज से बेहद जरूरी है।

तेज रफ्तार पर लगाम लगाने की कोशिश

औरैया में ट्रैफिक पुलिस की ओर से समय-समय पर यातायात नियमों के उल्लंघन के खिलाफ अभियान चलाया जाता है। इसी कड़ी में इस बार तेज रफ्तार वाहनों को अभियान का केंद्र बनाया गया है। पुलिस का मानना है कि गति सीमा का पालन कराने से सड़क पर सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाने में मदद मिलेगी।

दरअसल, सड़कों पर वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में वाहन चालकों की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। यदि चालक निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाते हैं और यातायात नियमों का पालन करते हैं, तो सड़क पर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने में काफी मदद मिल सकती है।

इसी उद्देश्य से ट्रैफिक पुलिस द्वारा इंटरसेप्टर बाइक के माध्यम से वाहनों की गति की जांच की जा रही है। इससे तेज रफ्तार वाहनों की पहचान करना और नियम तोड़ने वाले चालकों के खिलाफ ऑनलाइन कार्रवाई करना आसान होता है।

आठ वाहनों के ऑनलाइन चालान

मिहौले ओवरब्रिज पर चलाए गए अभियान के दौरान 80 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक गति से चलने वाले कुल आठ वाहनों को चिन्हित किया गया। इन सभी वाहनों के ऑनलाइन चालान किए गए।

पुलिस की इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल चालान करना नहीं, बल्कि वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना भी है। पुलिस चाहती है कि चालक चालान की कार्रवाई से बचने के साथ-साथ अपनी और अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दें।

इसके लिए वाहन चालकों से अपील की जा रही है कि वे सड़क पर लगे गति सीमा संबंधी संकेतों का पालन करें। साथ ही, ओवरब्रिज, चौराहों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतें।

सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस का फोकस

ट्रैफिक पुलिस की इस कार्रवाई को सड़क सुरक्षा अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है। तेज रफ्तार को नियंत्रित करना यातायात व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए पुलिस द्वारा ऐसे स्थानों पर विशेष निगरानी की जा रही है जहां वाहन अपेक्षाकृत अधिक गति से चलते हैं।

इसके अलावा पुलिस का उद्देश्य वाहन चालकों में यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है। अधिकारियों के अनुसार, नियमों का पालन केवल पुलिस की कार्रवाई से नहीं, बल्कि वाहन चालकों की जागरूकता और जिम्मेदारी से भी संभव है।

इसलिए वाहन चालकों को सलाह दी जाती है कि वे निर्धारित गति सीमा में ही वाहन चलाएं और सड़क पर अन्य वाहनों तथा पैदल यात्रियों का भी ध्यान रखें।

चालकों से नियमों का पालन करने की अपील

ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे जल्दबाजी में वाहन की गति न बढ़ाएं। यात्रा के दौरान समय बचाने के लिए निर्धारित गति सीमा का उल्लंघन करना उचित नहीं है। चालक अपनी सुरक्षा के साथ-साथ सड़क पर चल रहे अन्य लोगों की सुरक्षा को भी ध्यान में रखें

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