बिजनौर के खिरनी गांव में नाले में दिखा मगरमच्छ, वन विभाग ने किया सुरक्षित रेस्क्यू
रिपोर्ट- तापिश वर्मा
बिजनौर। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में उस समय ग्रामीणों में हलचल मच गई, जब मंडावर थाना क्षेत्र के गांव खिरनी में आबादी के बीच एक मगरमच्छ दिखाई दिया। मगरमच्छ गांव में पूर्व प्रधान कासिम के घर के सामने स्थित नाले में नजर आया। इसके बाद आसपास मौजूद ग्रामीणों और बच्चों की नजर उस पर पड़ी तो लोगों ने इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दी।
मगरमच्छ के आबादी के बीच नाले में पहुंचने की खबर कुछ ही देर में पूरे गांव में फैल गई। इसके चलते बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। हालांकि, स्थानीय लोगों ने सावधानी बरतते हुए मगरमच्छ से दूरी बनाए रखी। सूचना मिलने के बाद वन विभाग और पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया।
नाले में मगरमच्छ दिखाई देने से मची हलचल
जानकारी के अनुसार, खिरनी गांव में पूर्व प्रधान कासिम के घर के सामने बने नाले में ग्रामीणों ने मगरमच्छ को देखा। आबादी के बीच मगरमच्छ दिखाई देने की खबर मिलते ही आसपास के लोगों में उत्सुकता के साथ चिंता भी बढ़ गई। खासकर बच्चों को नाले के आसपास जाने से रोक दिया गया।
इसके बाद ग्रामीणों ने मामले की जानकारी वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही विभागीय टीम मौके पर पहुंची। पुलिस टीम ने भी मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की। इस दौरान नाले के आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई।
मगरमच्छ को देखने के लिए ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे। वहीं, प्रशासन और वन विभाग की टीम ने लोगों से रेस्क्यू अभियान के दौरान सहयोग करने तथा अनावश्यक रूप से नाले के पास नहीं जाने को कहा।
वन विभाग और पुलिस टीम ने संभाला मोर्चा
सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू की प्रक्रिया शुरू की। टीम ने स्थिति का आकलन करने के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से नाले से बाहर निकालने की कार्रवाई की।
रेस्क्यू अभियान के दौरान ग्रामीणों ने भी वन विभाग की टीम का सहयोग किया। लोगों को सुरक्षित दूरी पर रखा गया, ताकि अभियान में किसी प्रकार की परेशानी न हो। टीम ने सावधानी के साथ मगरमच्छ को नाले से बाहर निकाला।
मगरमच्छ के सुरक्षित रेस्क्यू के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। इसके साथ ही नाले और आसपास के क्षेत्र में मौजूद लोगों की चिंता भी कम हुई। वन विभाग की टीम की कार्रवाई के बाद स्थिति सामान्य हो गई।
बच्चों को लेकर ग्रामीणों में रही चिंता
गांव की आबादी के बीच मगरमच्छ दिखाई देने के कारण ग्रामीणों में सबसे अधिक चिंता बच्चों की सुरक्षा को लेकर रही। आमतौर पर गांवों में नालों और जलभराव वाले स्थानों के आसपास बच्चे आते-जाते रहते हैं। ऐसे में मगरमच्छ की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद ग्रामीणों ने बच्चों को नाले से दूर रखा।
ग्रामीणों का कहना है कि आबादी वाले क्षेत्र में इस तरह वन्यजीव के दिखाई देने से कुछ समय के लिए लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई। हालांकि, वन विभाग की टीम के समय पर पहुंचने और मगरमच्छ का सुरक्षित रेस्क्यू किए जाने के बाद लोगों ने राहत महसूस की।
समय पर सूचना मिलने से आसान हुआ रेस्क्यू
इस घटना में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि मगरमच्छ के दिखाई देने के बाद ग्रामीणों ने स्वयं उसे पकड़ने या उसके करीब जाने की कोशिश नहीं की। इसके बजाय वन विभाग और पुलिस को सूचना दी गई। इसके परिणामस्वरूप संबंधित टीमों ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान चलाया।
वन्यजीव आबादी वाले क्षेत्रों में दिखाई देने पर विशेषज्ञों की मदद लेना जरूरी माना जाता है। ऐसे मामलों में स्थानीय लोगों को वन्यजीव से उचित दूरी बनाए रखनी चाहिए और उसे परेशान करने से बचना चाहिए। साथ ही, संबंधित विभाग को तत्काल सूचना देना सुरक्षित कदम होता है।
खिरनी गांव में भी ग्रामीणों ने इसी तरह वन विभाग को सूचना दी। इसके बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से नाले से बाहर निकाला।
रेस्क्यू के बाद ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
मगरमच्छ के नाले से बाहर निकलने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। कुछ समय तक गांव में जिस घटना को लेकर चर्चा और हलचल बनी हुई थी, वह रेस्क्यू के बाद शांत हो गई। वन विभाग और पुलिस की मौजूदगी में अभियान पूरा होने से लोगों को भरोसा मिला।
ग्रामीणों ने समय पर सूचना पर पहुंची टीमों की कार्रवाई को राहत देने वाला कदम बताया। वहीं, घटना के बाद गांव में लोगों के बीच मगरमच्छ के आबादी वाले इलाके तक पहुंचने को लेकर चर्चा होती रही

