मथुराः रौनक उपमन्यु लंदन में करेंगे बैरिस्टर की पढ़ाई, GLA विश्वविद्यालय उठाएगा शिक्षा का खर्च
रिपोर्ट- योगेश भारद्वाज
मथुरा। जीएलए विश्वविद्यालय के विधि संकाय के प्रतिभाशाली पूर्व छात्र रौनक उपमन्यु अब कानून की उच्च शिक्षा के लिए लंदन जाएंगे। उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों, बहस प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन और विधिक क्षेत्र में रुचि को देखते हुए उन्हें लंदन की क्वीन मैरी लॉ यूनिवर्सिटी में बैरिस्टर (एलएलएम) की पढ़ाई का अवसर मिला है। खास बात यह है कि रौनक की पढ़ाई और अन्य शैक्षणिक खर्च जीएलए विश्वविद्यालय संस्थान की ओर से वहन किए जाएंगे। रौनक गुरुवार को लंदन के लिए रवाना होंगे।
रौनक उपमन्यु ने देशभर में आयोजित विभिन्न मॉडल यूनाइटेड नेशंस (MUN), यूथ पार्लियामेंट और डिबेट प्रतियोगिताओं में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। जीएलए विश्वविद्यालय के अनुसार, उन्होंने अब तक सैकड़ों राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और बड़ी संख्या में प्रथम पुरस्कार हासिल किए हैं। उनकी इसी उपलब्धि ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान दिलाई है।
बहस प्रतियोगिताओं में बनाया खास रिकॉर्ड
रौनक की सबसे बड़ी उपलब्धियों में उनकी बहस और युवा संसद प्रतियोगिताओं में लगातार सफलता शामिल है। विश्वविद्यालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, उन्होंने करीब 596 डिबेट एवं यूथ पार्लियामेंट प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। इनमें 312 बार प्रथम स्थान प्राप्त करने का दावा किया गया है। इसके अलावा रौनक ने 235 से अधिक प्रतियोगिताओं में निर्णायक की भूमिका निभाई और 21 प्रतियोगिताओं के आयोजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
रौनक की उपलब्धियों का सिलसिला केवल एक शहर या एक संस्थान तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने देश के विभिन्न प्रतिष्ठित आईआईटी, आईआईएम और विश्वविद्यालयों में आयोजित प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अपनी तर्कशक्ति और वक्तृत्व कौशल का प्रदर्शन किया। वहीं, लगातार प्रतियोगिताओं में भाग लेने से उनकी सार्वजनिक अभिव्यक्ति, विषय की समझ और तार्किक विश्लेषण क्षमता को भी मजबूती मिली।
विश्वविद्यालय के अनुसार, रौनक ने आईआईटी दिल्ली में आयोजित एमयूएन प्रतियोगिता में लगातार पांचवीं बार जीत दर्ज कर उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। इसके साथ ही उन्होंने इसी सप्ताह दिल्ली विश्वविद्यालय के मेडिकल कॉलेज में आयोजित युवा संसद प्रतियोगिता में भी प्रथम स्थान हासिल किया।
आठ महीने में 58 प्रथम पुरस्कार
रौनक उपमन्यु की हालिया उपलब्धियों में आठ महीने के भीतर 58 प्रथम पुरस्कार हासिल करना भी शामिल है। इस दौरान उन्होंने दिल्ली आईआईटी, इंद्रप्रस्थ इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान अगरतला, जाकिर हुसैन दिल्ली कॉलेज, एमिटी यूनिवर्सिटी गुरुग्राम, आईआईटी रुड़की, दौलतराम कॉलेज, स्वामी श्रद्धानंद कॉलेज, यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज और पंजाब विश्वविद्यालय सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया।
इन प्रतियोगिताओं में उनकी सफलता से यह भी सामने आता है कि उन्होंने केवल मंच पर बोलने की क्षमता ही विकसित नहीं की, बल्कि विभिन्न विषयों पर अध्ययन, तर्क प्रस्तुत करने और विरोधी पक्ष के तर्कों का विश्लेषण करने की क्षमता पर भी लगातार काम किया।
इसी कारण रौनक के लिए लंदन में कानून की उच्च शिक्षा का अवसर उनके शैक्षणिक सफर का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। बैरिस्टर की पढ़ाई के दौरान उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानून की शिक्षा और व्यावहारिक समझ हासिल करने का अवसर मिलेगा।
राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में मिला सम्मान
रौनक उपमन्यु को विभिन्न प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में उनके प्रदर्शन के लिए कई प्रमुख हस्तियों से सम्मान भी मिल चुका है। दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज में आयोजित एक प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने के बाद उन्हें केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर द्वारा शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इसके अलावा इंदौर इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ, आईआईटी दिल्ली और इंडियन नेशनल कांग्रेस की ओर से आयोजित युवा संसद प्रतियोगिताओं में भी रौनक ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। इन अवसरों पर उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला और सांसद राजीव शुक्ला सहित अन्य प्रमुख व्यक्तियों द्वारा सम्मानित किया गया।
इस उपलब्धि के बाद रौनक ने विधि के साथ-साथ सार्वजनिक नीति, संविधान, समसामयिक विषयों और संसदीय प्रक्रियाओं में भी अपनी रुचि को आगे बढ़ाया है। यही वजह है कि उनकी उपलब्धियों को विधि शिक्षा और वाद-विवाद के क्षेत्र में विशेष रूप से देखा जा रहा है।
जीएलए के विधि संकाय की भूमिका
रौनक की सफलता को जीएलए विश्वविद्यालय अपने विधि संकाय की शैक्षणिक गुणवत्ता से भी जोड़कर देख रहा है। विश्वविद्यालय का कहना है कि विधि संकाय में विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित शिक्षा नहीं दी जाती, बल्कि उन्हें मूट कोर्ट, शोध आधारित अध्ययन, व्यावहारिक प्रशिक्षण, बहस और तार्किक विश्लेषण के माध्यम से व्यापक कानूनी समझ विकसित करने का अवसर दिया जाता है।
इसके परिणामस्वरूप विद्यार्थियों में संविधान की समझ, कानूनी विषयों का विश्लेषण, तर्क प्रस्तुत करने और न्यायिक दृष्टिकोण विकसित करने पर जोर दिया जाता है। रौनक उपमन्यु की राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धियां इसी प्रशिक्षण और उनकी व्यक्तिगत मेहनत के समन्वय का उदाहरण मानी जा रही हैं।
कुलाधिपति ने बताया प्रेरणादायक उपलब्धि
जीएलए विश्वविद्यालय के कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल ने रौनक उपमन्यु को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल एक विद्यार्थी की व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि उनकी प्रतिभा, मेहनत और विश्वविद्यालय की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के समन्वय का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि रौनक ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी तर्कशक्ति, वक्तृत्व कौशल और विधिक समझ का प्रभावी प्रदर्शन किया है। लंदन में बैरिस्टर की पढ़ाई के लिए विश्वविद्यालय की ओर से सहयोग प्रदान करना प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि रौनक भविष्य में विधि के क्षेत्र में देश और ब्रज क्षेत्र का नाम रोशन करेंगे।
वहीं, जीएलए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता ने कहा कि रौनक की उपलब्धियां उनकी मेहनत, आत्मविश्वास और वक्तृत्व कौशल का परिणाम हैं। लंदन में उच्च शिक्षा का अवसर उनकी प्रतिभा को अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करेगा।
विश्वविद्यालय के सीएफओ डॉ. विवेक अग्रवाल ने भी रौनक को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी सफलता जीएलए के विद्यार्थियों की प्रतिभा और विश्वविद्यालय की शैक्षणिक प्रतिबद्धता को दर्शाती है। विधि संकाय के डीन प्रो. सोमेश धमीजा ने भी रौनक को बधाई दी।

