कानपुरःचौबेपुर में विवादों में घिरे दरोगा लाइन हाजिर, CNG पंप विवाद के बाद मुफ्तखोरी का आरोप
रिपोर्ट-आनन्द तिवारी
कानपुर। चौबेपुर थाने में तैनात उप निरीक्षक पंकज मिश्रा लगातार दो विवादों के सामने आने के बाद कार्रवाई की जद में आ गए हैं। CNG पंप पर कर्मचारी से विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब एक स्थानीय साउंड सर्विस संचालक ने भी दरोगा पर काम कराने के बाद भुगतान नहीं करने और सामान थाने में जमा कर लेने की धमकी देने का आरोप लगाया है। दोनों मामलों के सामने आने के बाद पुलिस अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए हैं। वहीं, विवादों के बीच उप निरीक्षक पंकज मिश्रा को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों प्रकरणों में सामने आए आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में भी मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
CNG पंप पर कर्मचारी से विवाद का मामला
मामले की शुरुआत रविवार रात सामने आए एक विवाद से हुई। बताया जा रहा है कि चौबेपुर थाने में तैनात उप निरीक्षक पंकज मिश्रा अपनी गाड़ी में CNG भरवाने के लिए एक पंप पर पहुंचे थे। वहां पंप कर्मचारी ने सुरक्षा नियमों का हवाला देते हुए उनसे वाहन से उतरकर निर्धारित स्थान पर खड़े होने के लिए कहा।
आरोप है कि इसी बात को लेकर दरोगा और पंप कर्मचारी के बीच कहासुनी हो गई। मौके पर मौजूद लोगों के बीच हुए विवाद का वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर प्रसारित होने लगा। वीडियो सामने आने के बाद मामला अधिकारियों तक पहुंचा। इसके साथ ही पंप संचालक की ओर से भी पुलिस अधिकारियों से शिकायत किए जाने की बात सामने आई।
हालांकि, वायरल वीडियो के आधार पर पूरे घटनाक्रम का निष्कर्ष निकालने के बजाय पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान संबंधित लोगों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों को देखा जाएगा।
साउंड सर्विस संचालक ने लगाया भुगतान नहीं करने का आरोप
CNG पंप विवाद की जांच चल ही रही थी कि मंगलवार को एक और मामला सामने आ गया। एक स्थानीय साउंड सर्विस संचालक ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर उप निरीक्षक पंकज मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए।
साउंड सर्विस संचालक के मुताबिक, जन्माष्टमी के अवसर पर चौबेपुर थाने में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। आरोप है कि इस कार्यक्रम के लिए उससे साउंड सर्विस का काम कराया गया था। संचालक का कहना है कि सेवा के बदले करीब तीन हजार रुपये का भुगतान किया जाना था।
संचालक के अनुसार, कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब उसने अपने काम का भुगतान मांगा तो उसे रुपये देने का आश्वासन दिया गया। हालांकि, उसके मुताबिक बाद में भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद जब उसने दोबारा रुपये मांगे तो कथित तौर पर साउंड सर्विस का सामान थाने में ही जमा कर लेने की धमकी दी गई।
संचालक ने इन आरोपों को लेकर वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस अधिकारियों ने मामले को संज्ञान में लिया और जांच शुरू कर दी।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से बढ़ा मामला
दोनों घटनाओं में सोशल मीडिया की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। पहले CNG पंप पर हुए विवाद का वीडियो सामने आया और इसके बाद साउंड सर्विस संचालक का वीडियो भी प्रसारित होने लगा। इस तरह कुछ ही समय के अंतराल में चौबेपुर थाने में तैनात एक ही पुलिसकर्मी से जुड़े दो अलग-अलग विवाद सार्वजनिक हो गए।
वर्तमान समय में सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वीडियो तेजी से लोगों तक पहुंचते हैं। ऐसे में पुलिस विभाग से जुड़े किसी विवाद का वीडियो सामने आने के बाद अधिकारियों के लिए उसकी निष्पक्ष जांच करना महत्वपूर्ण हो जाता है। इसी क्रम में दोनों मामलों की जांच शुरू की गई है।
अधिकारियों ने दिए जांच के निर्देश
लगातार दो आरोप सामने आने के बाद पुलिस अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया। अधिकारियों की ओर से दोनों प्रकरणों की अलग-अलग जांच किए जाने की बात कही गई है। जांच के दौरान घटनाओं की वास्तविक स्थिति, संबंधित लोगों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों को आधार बनाया जाएगा।
एसीपी अंकित कुमार ने बताया कि उप निरीक्षक पंकज मिश्रा को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर किया गया है। उन्होंने कहा कि दोनों मामलों की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई का उद्देश्य जांच को निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाना माना जा रहा है। साथ ही, इससे यह भी स्पष्ट संकेत गया है कि पुलिसकर्मियों से जुड़े मामलों में सामने आने वाली शिकायतों को अधिकारियों द्वारा गंभीरता से लिया जा रहा है।
लाइन हाजिर का क्या मतलब है?
पुलिस विभाग में किसी पुलिसकर्मी को लाइन हाजिर किए जाने का अर्थ आम तौर पर उसे उसके वर्तमान थाना या फील्ड ड्यूटी से हटाकर पुलिस लाइन में भेजना होता है। यह अपने आप में दोष सिद्ध होने की अंतिम कार्रवाई नहीं होती। कई मामलों में जांच के दौरान संबंधित पुलिसकर्मी को फील्ड से हटाकर पुलिस लाइन में रखा जाता है, ताकि जांच प्रक्रिया प्रभावित न हो।
इसी वजह से उप निरीक्षक पंकज मिश्रा के मामले में भी अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल उनके खिलाफ सामने आए दोनों आरोपों की जांच जारी है।
जांच के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू अब पुलिस जांच की रिपोर्ट होगी। CNG पंप विवाद और साउंड सर्विस संचालक की शिकायत से जुड़े तथ्यों को जांच के दौरान परखा जाएगा। यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो नियमानुसार विभागीय या अन्य कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, यदि जांच में आरोपों की पुष्टि नहीं होती है तो उसी के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा।

