आजमगढ़ में ₹25 हजार का इनामी गैंगस्टर गिरफ्तार, टेम्पो में महिलाओं के बैग से चोरी करता था गिरोह
रिपोर्ट- पित्तेश्वर कुमार
आजमगढ़। सिधारी थाना पुलिस ने वांछित और पुरस्कार घोषित आरोपियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए ₹25 हजार के इनामी आरोपी सलटू राम को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी थाना जीयनपुर में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में वांछित चल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए पिछले चार माह से अधिक समय से फरार था। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर बुधवार को उसे पहलवान तिराहा के पास से गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान सलटू राम (65) पुत्र रामचरन राम, निवासी ग्राम नसरूद्दीनपुर, थाना तहबरपुर, आजमगढ़ तथा वर्तमान पता काशीराम आवास जाफरपुर, थाना सिधारी, आजमगढ़ के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक उसकी गिरफ्तारी पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ की ओर से ₹25 हजार का इनाम घोषित किया गया था।
वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चल रहा अभियान
पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में जिले में वांछित और पुरस्कार घोषित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत सिधारी थाना पुलिस भी संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की नियमित चेकिंग कर रही थी।
सिधारी थाना प्रभारी निरीक्षक विनय कुमार सिंह पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर के माध्यम से सलटू राम के संबंध में महत्वपूर्ण सूचना मिली। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने पहलवान तिराहा के आसपास निगरानी बढ़ाई। बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे पुलिस ने बताए गए हुलिए के आधार पर आरोपी को पकड़ लिया।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी। इसके बाद उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
टेम्पो में यात्री बनकर बनाते थे महिलाओं को निशाना
पुलिस की जांच के मुताबिक, सलटू राम एक ऐसे गिरोह का सदस्य था, जो सवारी वाहनों में यात्रियों के बीच शामिल होकर चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था। गिरोह के सदस्य टेम्पो अथवा अन्य सवारी वाहनों में सामान्य यात्री की तरह बैठते थे।
पुलिस के अनुसार, सफर के दौरान गिरोह के सदस्य खासतौर पर महिलाओं के बैग और झोलों पर नजर रखते थे। मौका मिलने पर बैग की चेन काटकर उसमें रखे जेवरात, नकदी और अन्य कीमती सामान निकाल लिया जाता था। इसके बाद आरोपी सामान्य तरीके से वाहन से उतर जाते थे, जिससे पीड़ित को चोरी की जानकारी कुछ समय बाद होती थी।
जांच में यह भी सामने आया कि चोरी किए गए सामान का गिरोह के सदस्यों के बीच बंटवारा किया जाता था। वहीं, जेवरात मिलने की स्थिति में उन्हें बेचकर प्राप्त रकम को आपस में बांटने की बात भी पुलिस जांच में सामने आई है।
दो चोरी की घटनाओं में सामने आई आरोपी की भूमिका
पुलिस के अनुसार, सलटू राम की संलिप्तता दो अलग-अलग चोरी के मामलों की विवेचना के दौरान सामने आई थी। पहला मामला 23 जून 2024 का है। उस दिन एक महिला भंवरनाथ से दोहरीघाट जाने के लिए टेम्पो में सवार हुई थी। सफर के दौरान उसका बैग चोरी हो गया था। पुलिस के अनुसार, बैग में सोने के जेवरात रखे हुए थे।
घटना के संबंध में थाना जीयनपुर में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की विवेचना आगे बढ़ने पर पुलिस को सलटू राम सहित अन्य आरोपियों की भूमिका के संबंध में जानकारी मिली। पुलिस ने मामले में आवश्यक साक्ष्य जुटाने के बाद आरोप पत्र न्यायालय भेज दिया था।
दूसरी घटना 7 अक्टूबर 2024 की बताई गई है। पुलिस के मुताबिक, हाफिजपुर चौराहे से जीयनपुर की ओर जा रही एक महिला के झोले की चेन काटकर उसमें रखे जेवरात चोरी कर लिए गए थे। इस मामले में भी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
विवेचना के दौरान सलटू राम सहित अन्य आरोपियों की संलिप्तता प्रकाश में आई। इस मामले में भी पुलिस ने अपनी जांच पूरी करने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में भेज दिया था।
आपराधिक गतिविधियों के आधार पर लगा गैंगस्टर एक्ट
पुलिस के अनुसार, दोनों मामलों की जांच में सामने आई जानकारी और आरोपियों की आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए सलटू राम सहित अन्य के खिलाफ उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1986 के तहत कार्रवाई की गई।
इसी गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में सलटू राम वांछित चल रहा था। गिरफ्तारी से बचने के कारण वह लगातार पुलिस की पकड़ से बाहर था। लंबे समय से फरार रहने के चलते पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर ₹25 हजार का इनाम घोषित किया था।
इसके बाद पुलिस की टीमें आरोपी की तलाश में जुटी थीं। विभिन्न स्थानों पर निगरानी और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के साथ पुलिस ने मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया। आखिरकार बुधवार को मिली सूचना के आधार पर उसे पहलवान तिराहा के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस की सतर्कता से हुई गिरफ्तारी
सिधारी थाना पुलिस की इस कार्रवाई को वांछित आरोपियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संदिग्ध व्यक्तियों तथा वाहनों की जांच लगातार की जा रही है।
इसके अलावा, पुलिस ऐसे मामलों में फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सूचना तंत्र को मजबूत करने पर भी जोर दे रही है। सलटू राम की गिरफ्तारी भी इसी अभियान और प्राप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई का परिणाम बताई गई है।
पुलिस ने लोगों से सवारी वाहनों में यात्रा के दौरान अपने बैग और कीमती सामान को सुरक्षित रखने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की अपील की है। खासतौर पर भीड़भाड़ वाले सवारी वाहनों में सामान की सुरक्षा को लेकर यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
इन पुलिसकर्मियों ने की गिरफ्तारी
सलटू राम की गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक विनय कुमार सिंह, कांस्टेबल सन्नी कुमार सिंह, कांस्टेबल हिमांशु सिंह बघेल और महिला कांस्टेबल पूजा यादव शामिल रहीं।

