ऑपरेशन कवच: कानपुर में 42 वाहनों पर कार्रवाई, स्लीपर बसों की जांच के लिए आरटीओ का अभियान

222

रिपोर्ट- हरिशंकर शर्मा

कानपुर। सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और नियमों का उल्लंघन कर संचालित हो रहे वाहनों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए कानपुर में परिवहन विभाग ने ‘ऑपरेशन कवच’ शुरू किया है। परिवहन आयुक्त के निर्देश पर आरटीओ प्रवर्तन दल ने परिवहन निगम के साथ संयुक्त रूप से अभियान चलाते हुए तीन दिनों में 42 वाहनों के खिलाफ चालान और सीज करने की कार्रवाई की। यह अभियान खास तौर पर लंबी दूरी तय करने वाली स्लीपर बसों और अन्य ऐसे वाहनों की जांच पर केंद्रित है, जिनके संचालन में सुरक्षा मानकों और परिवहन नियमों की अनदेखी की आशंका रहती है।

परिवहन विभाग की इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और अनधिकृत अथवा नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के संचालन को रोकना है। अधिकारियों के मुताबिक, अभियान की शुरुआत 7 सितंबर से की गई है और आने वाले दिनों में भी इसे नियमित रूप से जारी रखा जाएगा।

भौंती से नौबस्ता तक चला अभियान

‘ऑपरेशन कवच’ के तहत आरटीओ प्रवर्तन दल ने कानपुर के प्रमुख मार्गों और ऐसे स्थानों पर विशेष निगरानी की, जहां से लंबी दूरी की बसों और भारी संख्या में यात्री वाहनों का आवागमन होता है। अभियान के दौरान भौंती, सचेंडी और नौबस्ता समेत विभिन्न स्थानों पर वाहनों की जांच की गई।

इस दौरान परिवहन निगम की टीम को भी कार्रवाई में शामिल किया गया। संयुक्त टीम ने वाहनों के दस्तावेज, संचालन से संबंधित नियमों और सुरक्षा मानकों की जांच की। जांच में नियमों का पालन नहीं करने वाले वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई। तीन दिनों के भीतर कुल 42 वाहनों पर चालान और सीज करने की कार्रवाई सामने आई है।

इस कार्रवाई से वाहन संचालकों में भी नियमों के पालन को लेकर जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। परिवहन विभाग का मानना है कि नियमित जांच से सड़क पर संचालित होने वाले वाहनों की स्थिति पर नजर रखने में मदद मिलेगी और नियमों की अनदेखी करने वाले संचालकों पर प्रभावी नियंत्रण बनाया जा सकेगा।

राहुल श्रीवास्तव के नेतृत्व में प्रवर्तन टीम ने की कार्रवाई

अभियान का संचालन मंडल आरटीओ प्रवर्तन राहुल श्रीवास्तव के नेतृत्व में किया गया। प्रवर्तन टीम में पीटीओ दीपक सिंह, अनिल कुमार और महेश वर्मा शामिल रहे। टीम ने अलग-अलग स्थानों पर वाहनों की जांच करते हुए नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की।

अधिकारियों के अनुसार, परिवहन विभाग का जोर केवल चालान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि सड़क सुरक्षा के प्रति वाहन संचालकों को जिम्मेदार बनाने पर भी है। खासकर लंबी दूरी की बसों के मामले में यात्रियों की सुरक्षा एक महत्वपूर्ण विषय है। इसलिए ऐसे वाहनों की जांच को अभियान के दौरान प्राथमिकता दी जा रही है।

लंबी दूरी की स्लीपर बसें रडार पर

आरटीओ प्रवर्तन राहुल श्रीवास्तव ने बताया कि ऑपरेशन कवच मुख्य रूप से लंबी दूरी तय करने वाली स्लीपर बसों की जांच के लिए चलाया जा रहा है। ऐसी बसें कई घंटे और कभी-कभी लंबी अवधि तक सड़क पर चलती हैं। इसलिए इनके संचालन में निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।

इसी को ध्यान में रखते हुए परिवहन विभाग द्वारा समय-समय पर विशेष अभियान चलाए जाते हैं। अधिकारियों का कहना है कि वाहनों की जांच के माध्यम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाता है कि सड़क पर चलने वाले वाहन निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों के अनुरूप हों।

इसके अलावा, अनधिकृत तरीके से संचालित होने वाले वाहनों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करना भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे न केवल यात्रियों की सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि नियमों के अनुसार वाहन संचालन को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार अभियान

कानपुर जैसे बड़े औद्योगिक और व्यस्त शहर में रोजाना बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन सड़कों पर चलते हैं। शहर से होकर दूसरे जिलों और राज्यों को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों पर लंबी दूरी के यात्री वाहनों की आवाजाही भी रहती है। ऐसे में परिवहन विभाग के सामने सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना बड़ी जिम्मेदारी है।

इसी क्रम में ऑपरेशन कवच को एक विशेष प्रवर्तन अभियान के तौर पर देखा जा रहा है। विभाग का प्रयास है कि नियमित जांच के जरिए नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की पहचान की जाए और आवश्यक कार्रवाई की जाए। वहीं, नियमों का पालन करने वाले वाहन संचालकों को भी सुरक्षित परिवहन व्यवस्था में सहयोग के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।

अधिकारियों के मुताबिक, सड़क सुरक्षा से जुड़े अभियान केवल किसी एक दिन या कुछ दिनों तक सीमित नहीं रहेंगे। जरूरत के अनुसार अलग-अलग क्षेत्रों और मार्गों पर प्रवर्तन कार्रवाई की जाएगी। इससे परिवहन नियमों के अनुपालन को बढ़ावा देने में मदद मिलने की उम्मीद है।

तीन दिनों में 42 वाहनों पर कार्रवाई

ऑपरेशन कवच के शुरुआती तीन दिनों में 42 वाहनों पर चालान और सीज की कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, विभाग की प्राथमिकता अधिक से अधिक कार्रवाई करने के बजाय नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। जांच अभियान के जरिए वाहन संचालकों को यह संदेश भी दिया जा रहा है कि सड़क सुरक्षा मानकों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी।

विशेषज्ञों के अनुसार, यातायात नियमों का पालन सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके लिए वाहन की फिटनेस, आवश्यक दस्तावेज, निर्धारित परमिट और अन्य जरूरी मानकों का पालन किया जाना जरूरी है। ऐसे में प्रवर्तन विभाग की नियमित जांच व्यवस्था यात्रियों और अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए सुरक्षित परिवहन वातावरण तैयार करने में सहायक हो सकती है।

आगे भी जारी रहेगा अभियान

आरटीओ प्रवर्तन राहुल श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा को लेकर ऐसे अभियान आगे भी समय-समय पर चलाए जाते रहेंगे। ऑपरेशन कवच 7 सितंबर से शुरू किया गया है और इसे नियमित रूप से जारी रखने की योजना है।

इससे साफ है कि परिवहन विभाग आने वाले दिनों में भी लंबी दूरी की बसों समेत अन्य वाहनों की जांच को लेकर सक्रिय रहेगा। विशेष रूप से उन मार्गों पर निगरानी बढ़ाई जा सकती है, जहां यात्री वाहनों की आवाजाही अधिक रहती है।

You may have missed