यूपी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की बल्ले-बल्ले, योगी सरकार ने बड़ी सौगात, जानिए अब कितना बढ़ा दिया गया मानदेय
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अयोध्या: उत्तर प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए मंगलवार का दिन महत्वपूर्ण रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उनके मानदेय में बढ़ोतरी का ऐलान किया। सरकार के इस फैसले के बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अब पहले की तुलना में अधिक मानदेय मिलेगा। मुख्यमंत्री ने नव-नियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र भी वितरित किए।
सरकार के इस फैसले को आंगनबाड़ी व्यवस्था से जुड़े हजारों परिवारों के लिए आर्थिक राहत के तौर पर देखा जा रहा है। लंबे समय से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि की मांग की जाती रही है। ऐसे में मंगलवार को अयोध्या से हुई घोषणा के बाद इस वर्ग में उत्साह देखने को मिला।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़कर 12 हजार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के मुताबिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मासिक मानदेय 8 हजार रुपये से बढ़ाकर 12 हजार रुपये कर दिया गया है। यानी उन्हें हर महीने 4 हजार रुपये अधिक मिलेंगे। इसी तरह आंगनबाड़ी सहायिकाओं का मानदेय 4 हजार रुपये से बढ़ाकर 6 हजार रुपये किया गया है।
इस तरह कार्यकर्ताओं के मानदेय में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, सहायिकाओं के लिए भी मासिक भुगतान में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। सरकार का कहना है कि आंगनबाड़ी व्यवस्था को मजबूत करने में कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।
अयोध्या से हुआ बड़ा ऐलान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को अयोध्या पहुंचे थे। यहां आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के सम्मान तथा नियुक्ति पत्र वितरण के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त कर्मियों को नियुक्ति पत्र सौंपे और विभाग से जुड़ी योजनाओं पर भी चर्चा की।
इससे पहले मानदेय बढ़ोतरी को लेकर कई दिनों से चर्चा चल रही थी। अगस्त के अंत में सामने आई जानकारी में भी कार्यकर्ताओं का मानदेय 8 हजार से 12 हजार और सहायिकाओं का 4 हजार से 6 हजार रुपये किए जाने के प्रस्ताव की बात कही गई थी। अब मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद इस संबंध में स्थिति स्पष्ट हो गई है।
71 हजार से अधिक नवनियुक्त कर्मियों को नियुक्ति पत्र
कार्यक्रम की एक और महत्वपूर्ण बात प्रदेश में आंगनबाड़ी व्यवस्था के लिए हुई नई नियुक्तियां रहीं। महिला एवं बाल कल्याण मंत्री बेबी रानी मौर्य के अनुसार प्रदेश में 71,310 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की भर्ती की गई है। इनमें 21,804 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और 49,506 सहायिकाएं शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने अयोध्या के कार्यक्रम में नवनियुक्त कर्मियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इससे प्रदेश के विभिन्न जिलों में आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यक्षमता को बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सरकार पर बढ़ेगा वित्तीय भार
मानदेय बढ़ाने के फैसले का सीधा असर राज्य सरकार के बजट पर भी पड़ेगा। पहले से अधिक राशि अब हर महीने कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को दी जाएगी। सरकार की ओर से इस अतिरिक्त वित्तीय भार को वहन करने की बात कही गई है।
अगस्त में सामने आई प्रस्ताव संबंधी जानकारी के मुताबिक अतिरिक्त बढ़ोतरी का भार राज्य सरकार द्वारा उठाए जाने की योजना थी और इसके लिए केंद्र से अतिरिक्त वित्तीय सहायता लेने का प्रस्ताव नहीं था।
हालांकि, इस फैसले से सरकार के सामाजिक क्षेत्र के बजट में अतिरिक्त खर्च बढ़ना स्वाभाविक है। दूसरी ओर, सरकार इसे आंगनबाड़ी व्यवस्था में काम करने वाली महिलाओं के योगदान के सम्मान से जोड़कर देख रही है।
पोषण और बाल विकास योजनाओं में अहम भूमिका
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बच्चों तथा महिलाओं से जुड़ी कई योजनाओं को जमीन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। पोषण, स्वास्थ्य जागरूकता और प्रारंभिक बाल विकास से जुड़े कार्यों में आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका अहम रहती है।
महिला एवं बाल कल्याण मंत्री बेबी रानी मौर्य ने भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सरकार की पोषण और स्वास्थ्य योजनाओं की महत्वपूर्ण कड़ी बताया है। ऐसे में मानदेय बढ़ोतरी को केवल आर्थिक फैसले के रूप में नहीं, बल्कि विभागीय कर्मचारियों के प्रोत्साहन के तौर पर भी देखा जा रहा है।
आंगनबाड़ी व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर
उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इन केंद्रों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर महिलाओं और बच्चों तक सरकारी योजनाओं की जानकारी और सेवाएं पहुंचाई जाती हैं। इसलिए कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण है।
मानदेय में वृद्धि के बाद सरकार को उम्मीद है कि इससे कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को आर्थिक राहत मिलेगी। साथ ही, विभागीय कामकाज में उनका उत्साह भी बढ़ेगा। दूसरी ओर, सरकार के सामने यह भी चुनौती होगी कि बढ़े हुए मानदेय का भुगतान समय पर हो और आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्थाओं को लगातार बेहतर किया जाए।
महिलाओं को आर्थिक मजबूती देने की दिशा में कदम
आंगनबाड़ी व्यवस्था में काम करने वाली बड़ी संख्या में महिलाएं अपने परिवार की आय में योगदान देती हैं। ऐसे में मानदेय बढ़ने से उनके घरेलू बजट पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
सरकार की ओर से महिला सशक्तीकरण और बाल कल्याण से जुड़ी योजनाओं पर लगातार जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में मानदेय वृद्धि को भी एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है। हालांकि, इसके वास्तविक प्रभाव का आकलन भुगतान शुरू होने और योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के बाद ही किया जा सकेगा।
कुल मिलाकर, अयोध्या से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा की गई मानदेय वृद्धि की घोषणा प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए बड़ी खबर है। कार्यकर्ताओं का मानदेय अब 12 हजार रुपये और सहायिकाओं का 6 हजार रुपये प्रतिमाह किया गया है। इसके साथ ही 71 हजार से अधिक नवनियुक्त कर्मियों को नियुक्ति पत्र दिए जाने से विभागीय व्यवस्था को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

