लखीमपुर खीरी: ओयल में दलित बुजुर्ग महिला की मौत, बेटे ने IGRS पर जताई थी अनहोनी की आशंका
रिपोर्ट- शरद अवस्थी
लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में ओयल थाना क्षेत्र के ग्राम सरैया से बुजुर्ग महिला की मौत का मामला सामने आया है। महिला की मौत के बाद परिजनों ने कुछ लोगों पर मारपीट करने और कथित तौर पर फर्जी तरीके से अंगूठा लगवाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं, मृतका के बेटे का दावा है कि उसने अपनी मां के साथ हुई कथित मारपीट के बाद पुलिस कार्रवाई की मांग को लेकर मुख्यमंत्री पोर्टल यानी IGRS पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उसने अपनी मां की सुरक्षा को लेकर पहले ही आशंका जताई थी।
परिजनों के अनुसार, बुजुर्ग महिला की 7 सितंबर 2026 की सुबह अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है। मृतका के बेटे ने पुलिस अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
17 अगस्त को हुई थी कथित मारपीट
मृतका के पुत्र राम औतार, पुत्र रंगई लाल, निवासी ग्राम सरैया के अनुसार, उनकी मां के साथ 17 अगस्त 2026 को मारपीट की गई थी। बेटे का आरोप है कि घटना के बाद उन्होंने पुलिस से कार्रवाई की उम्मीद की, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल/IGRS पर शिकायत दर्ज कराई।
राम औतार के मुताबिक, उन्होंने 17 अगस्त को शिकायत दर्ज कराने के साथ ही बाद में 3 सितंबर 2026 को भी दोबारा शिकायत की। उनका कहना है कि शिकायत के माध्यम से अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी दी गई थी और अपनी मां की सुरक्षा को लेकर चिंता भी जताई गई थी।
परिवार का दावा है कि शिकायत के बावजूद महिला की तबीयत बिगड़ती गई और आखिरकार 7 सितंबर की सुबह अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
IGRS शिकायत में जताई थी अनहोनी की आशंका
इस मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि मृतका के बेटे ने अपनी शिकायत में कथित तौर पर भविष्य में किसी अनहोनी की आशंका व्यक्त की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि महिला से कथित तौर पर फर्जी तरीके से अंगूठा लगवाया गया है।
शिकायत में यह भी कहा गया था कि यदि उनकी मां के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसके लिए राजू अली और उनके परिवार के लोग जिम्मेदार होंगे। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति क्या थी।
यह पहलू इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि महिला की मौत से पहले ही परिवार की ओर से प्रशासनिक स्तर पर शिकायत किए जाने की बात सामने आई है। ऐसे में परिजन अब यह जानना चाहते हैं कि शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई थी और घटना के बाद महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई।
फर्जी तरीके से अंगूठा लगवाने का भी आरोप
मृतका के परिवार ने मारपीट के अलावा कथित फर्जीवाड़े का भी आरोप लगाया है। बेटे का कहना है कि उनकी मां से कथित तौर पर गलत तरीके से अंगूठा लगवाया गया था। परिवार चाहता है कि इस पूरे मामले की भी जांच की जाए और यदि दस्तावेजों या किसी अन्य प्रक्रिया में अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
हालांकि, फिलहाल यह आरोप परिवार की ओर से लगाए गए हैं और इनकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस के सामने अब दो प्रमुख बिंदुओं की जांच चुनौती है—पहला, महिला के साथ कथित मारपीट की घटना और दूसरा, फर्जी तरीके से अंगूठा लगवाने के आरोप।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सामने आएंगे अहम तथ्य
पुलिस सूत्रों के अनुसार, महिला की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट को भी जांच का महत्वपूर्ण आधार बनाया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से महिला की मौत के कारण और शरीर पर किसी प्रकार की चोट के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है।
इसके साथ ही पूर्व में दर्ज कराई गई IGRS शिकायतों को भी जांच में शामिल किया जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि शिकायत में लगाए गए आरोप क्या थे, शिकायत किस स्तर पर पहुंची और उस पर संबंधित अधिकारियों की ओर से क्या कार्रवाई की गई।
इस पूरी जांच के दौरान पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल रिकॉर्ड, शिकायतों से संबंधित दस्तावेज और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि जांच में किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
एसपी खीरी से निष्पक्ष जांच की मांग
मृतका के बेटे राम औतार ने एसपी खीरी डॉ. ख्याति गर्ग से मामले में न्याय की गुहार लगाई है। परिवार की मांग है कि घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
परिवार का कहना है कि उन्होंने पहले ही शिकायत के माध्यम से अधिकारियों को अपनी चिंता से अवगत कराया था। इसलिए अब वे चाहते हैं कि उनकी पूर्व शिकायतों और महिला की मौत के बीच के सभी तथ्यों की गंभीरता से जांच की जाए।
परिजनों ने यह भी मांग की है कि कथित मारपीट और अंगूठा लगवाने के आरोपों की अलग-अलग जांच हो, ताकि पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी घटना की वास्तविक तस्वीर
फिलहाल यह मामला पुलिस जांच के अधीन है। महिला की मौत के पीछे वास्तविक कारण क्या रहा और क्या उनकी मौत से पहले हुई कथित मारपीट का इससे कोई संबंध है, इसका स्पष्ट निष्कर्ष जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा।
वहीं, IGRS पर पहले से दर्ज शिकायत इस मामले को और महत्वपूर्ण बनाती है। पुलिस के लिए यह भी देखना जरूरी होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच किस प्रकार की गई थी और शिकायत के बाद क्या कदम उठाए गए।

