श्रावस्ती में पत्रकार सुरक्षा परिषद ने सौंपा ज्ञापन, महिला पत्रकार उत्पीड़न मामले में कार्रवाई की मांग
रिपोर्ट- सूर्यप्रकाश शुक्ला
श्रावस्ती: दिल्ली में महिला पत्रकार के उत्पीड़न के मामले को लेकर राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद ने श्रावस्ती में आवाज उठाई। परिषद के पदाधिकारियों और पत्रकारों ने इस मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग को सौंपा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान पत्रकारों ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ है। ऐसे में पत्रकारों के साथ किसी भी प्रकार का उत्पीड़न या अनुचित व्यवहार चिंता का विषय है। खासकर महिला पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान को लेकर प्रभावी कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।
राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा
राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद की ओर से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर सौंपा गया। इस दौरान परिषद के जिलाध्यक्ष सहित कई पत्रकार मौजूद रहे। पत्रकारों ने दिल्ली में महिला पत्रकार के साथ कथित उत्पीड़न के मामले को गंभीरता से लेने और संबंधित प्रकरण में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
पत्रकारों का कहना है कि मीडिया से जुड़े लोगों को अपने पेशेवर दायित्वों का निर्वहन करते समय सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए। इसके अलावा महिला पत्रकारों के मामले में प्रशासन और संबंधित संस्थाओं को संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करनी चाहिए।
महिला पत्रकार के उत्पीड़न को लेकर जताई चिंता
ज्ञापन के माध्यम से पत्रकारों ने दिल्ली में महिला पत्रकार के उत्पीड़न के मामले पर अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने संबंधित मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की।
पत्रकारों ने कहा कि किसी भी पत्रकार के साथ होने वाली ऐसी घटना को केवल व्यक्तिगत मामला मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। पत्रकार अपने कार्य के दौरान विभिन्न परिस्थितियों में समाचार संकलन और रिपोर्टिंग करते हैं। इसलिए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना संबंधित प्रशासन और संस्थाओं की जिम्मेदारी भी है।
विशेष रूप से महिला पत्रकारों के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराना आवश्यक है। पत्रकारों का कहना है कि यदि किसी महिला पत्रकार के साथ उत्पीड़न की शिकायत सामने आती है तो उसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए और तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
दोषियों पर कार्रवाई की मांग
राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद से जुड़े पत्रकारों ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि मामले में शामिल दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाए। साथ ही, पीड़ित महिला पत्रकार को उचित सुरक्षा और न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने की मांग भी रखी गई।
पत्रकारों ने प्रशासन से अपील की कि पत्रकारों से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जाए। इसके साथ ही पत्रकारों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा से संबंधित विषयों पर प्रभावी व्यवस्था को मजबूत किया जाए।
ज्ञापन देने के दौरान पत्रकारों ने कहा कि लोकतंत्र में स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए पत्रकारों को बिना किसी दबाव या भय के अपना कार्य करने के लिए उचित वातावरण मिलना जरूरी है।
पत्रकार सुरक्षा को लेकर उठी आवाज
राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद समय-समय पर पत्रकारों से जुड़े मुद्दों को सामने उठाती रही है। श्रावस्ती में ज्ञापन सौंपे जाने के दौरान भी पत्रकार सुरक्षा को प्रमुख मुद्दा बनाया गया। परिषद के जिलाध्यक्ष और अन्य पत्रकारों ने एकजुट होकर महिला पत्रकार उत्पीड़न के मामले में कार्रवाई की मांग रखी।
इसके अलावा पत्रकारों ने यह भी संकेत दिया कि पत्रकारों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में प्रशासनिक स्तर पर त्वरित प्रतिक्रिया आवश्यक है। उनका मानना है कि पत्रकारों के साथ किसी भी प्रकार की अनुचित घटना होने पर संबंधित शिकायत की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
ज्ञापन के जरिए प्रशासन तक पहुंचाई मांग
ज्ञापन सौंपना लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग प्रशासन तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इसी क्रम में राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद के पदाधिकारियों और पत्रकारों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांग राष्ट्रपति तक पहुंचाने का अनुरोध किया।ज्ञापन के दौरान मौजूद पत्रकारों ने कहा कि महिला पत्रकारों के सम्मान और सुरक्षा से जुड़े मामलों में प्रभावी कार्रवाई से समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा। साथ ही, इससे पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं का भरोसा भी मजबूत होगा।
वहीं, इस पूरे मामले में पत्रकारों ने प्रशासन से निष्पक्षता और कानून के अनुसार कार्रवाई की अपेक्षा जताई है। उनका कहना है कि किसी भी शिकायत पर कार्रवाई तथ्यों और जांच के आधार पर होनी चाहिए, ताकि संबंधित पक्ष को न्याय मिल सके।
पत्रकारों की एकजुटता रही प्रमुख
श्रावस्ती में ज्ञापन सौंपने के दौरान राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद के जिलाध्यक्ष के साथ अन्य पत्रकारों की मौजूदगी ने पत्रकारों की एकजुटता को भी सामने रखा। पत्रकारों ने महिला पत्रकार से जुड़े मामले को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराई।

