हमीरपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर प्रचार वाहन हुआ रवाना, जानिए कब होगा मामलों का निस्तारण
रिपोर्ट – मोहम्मद अकरम
हमीरपुर: आमजन को सुलभ, त्वरित और नि:शुल्क न्याय की जानकारी पहुंचाने के उद्देश्य से हमीरपुर में आगामी 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर जागरूकता अभियान तेज कर दिया गया है। इसी क्रम में मंगलवार को जनपद न्यायालय परिसर से राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रचार-प्रसार वाहन को रवाना किया गया। जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हमीरपुर मनोज कुमार राय ने हरी झंडी दिखाकर वाहन को रवाना किया।
इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव वंदना अग्रवाल के साथ जनपद न्यायालय के न्यायिक अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। प्रचार वाहन जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण कर लोगों को राष्ट्रीय लोक अदालत की उपयोगिता, प्रक्रिया और इसमें मामलों के निस्तारण के संबंध में जानकारी देगा। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र पक्षकारों को लोक अदालत से जोड़ना है, ताकि वे आपसी सहमति और सुलह-समझौते के माध्यम से अपने विवादों का समाधान करा सकें।
12 सितंबर को आयोजित होगी राष्ट्रीय लोक अदालत
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यक्रम के तहत 12 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की जाएगी। उत्तर प्रदेश में इस वर्ष की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए यही तारीख निर्धारित की गई है।
हमीरपुर में भी इस आयोजन को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से तैयारियां की जा रही हैं। इससे पहले भी प्राधिकरण द्वारा पैरा लीगल वालंटियर्स और संबंधित लोगों को राष्ट्रीय लोक अदालत के उद्देश्यों तथा पात्र मामलों के निस्तारण के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रचार वाहन से लोगों को दी जाएगी जानकारी
जनपद न्यायालय से रवाना किया गया प्रचार वाहन जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचेगा। इसके माध्यम से आमजन को बताया जाएगा कि किन मामलों को लोक अदालत में आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारित कराया जा सकता है। साथ ही लोगों को यह भी समझाया जाएगा कि लोक अदालत की प्रक्रिया विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।
विशेष रूप से ऐसे मामले, जिनमें दोनों पक्ष आपसी सहमति से विवाद समाप्त करने के लिए तैयार हों, लोक अदालत के माध्यम से निस्तारण के लिए उपयुक्त हो सकते हैं। इसके अलावा न्यायालय में लंबित मामलों के साथ-साथ पात्र प्री-लिटिगेशन मामलों को भी सुलह-समझौते के लिए लोक अदालत के समक्ष रखा जा सकता है।
समय और धन की बचत का मिलेगा अवसर
लोक अदालत का एक प्रमुख उद्देश्य पक्षकारों को विवाद के समाधान के लिए सरल और सुविधाजनक मंच उपलब्ध कराना है। सामान्य न्यायिक प्रक्रिया में किसी मामले के निस्तारण में समय लग सकता है। ऐसे में जहां कानून के अनुसार मामला लोक अदालत में समझौते के माध्यम से निस्तारित हो सकता है, वहां पक्षकार आपसी सहमति से समाधान का प्रयास कर सकते हैं।
इसके परिणामस्वरूप पक्षकारों को अनावश्यक समय और खर्च से बचने का अवसर मिल सकता है। साथ ही विवाद का समाधान सहमति के आधार पर होने से दोनों पक्षों के बीच सौहार्द बनाए रखने में भी मदद मिलती है।
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरणों की जानकारी के अनुसार लोक अदालत में आपसी सहमति से मामलों का निस्तारण किया जाता है और यदि समझौता नहीं हो पाता है तो मामला संबंधित न्यायालय में वापस जा सकता है।
किन मामलों के लिए उपयोगी है लोक अदालत?
राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के ऐसे मामलों का निस्तारण किया जा सकता है, जो कानून के तहत समझौते योग्य हों। इनमें शमनीय आपराधिक मामले, चेक बाउंस से जुड़े मामले, धन वसूली, बिजली एवं पानी के बिल, भरण-पोषण, मोटर दुर्घटना प्रतिकर, वैवाहिक एवं अन्य दीवानी मामलों सहित विभिन्न प्रकरण शामिल हो सकते हैं। हमीरपुर में 12 सितंबर की राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए इसी तरह के पात्र मामलों को आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारित कराने की तैयारी की जा रही है।
हालांकि, हर प्रकार का मामला लोक अदालत के दायरे में नहीं आता। इसलिए संबंधित पक्षकारों को अपने मामले की पात्रता और आवश्यक प्रक्रिया के संबंध में संबंधित न्यायालय या जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से जानकारी लेने की सलाह दी गई है।
जनपद न्यायाधीश ने की अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील
प्रचार वाहन को रवाना करते हुए जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष मनोज कुमार राय ने आमजन से राष्ट्रीय लोक अदालत का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि किसी मामले का समाधान आपसी सुलह-समझौते से संभव है, तो पक्षकार इस अवसर का उपयोग कर अपने विवाद का शीघ्र समाधान करा सकते हैं।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने लंबित मामलों तथा पात्र प्री-लिटिगेशन मामलों के संबंध में संबंधित न्यायालय अथवा प्राधिकरण से संपर्क करें और आवश्यक प्रक्रिया समय से पूरी करें।
आमजन तक पहुंचेगा न्याय का संदेश
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से चलाया जा रहा प्रचार अभियान इसी उद्देश्य से महत्वपूर्ण माना जा रहा है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अधिक से अधिक लोगों को लोक अदालत की जानकारी मिल सके। कई बार लोग अपने अधिकारों और उपलब्ध कानूनी विकल्पों की जानकारी के अभाव में संबंधित प्रक्रिया तक नहीं पहुंच पाते। ऐसे में प्रचार वाहन के माध्यम से उन्हें सरल भाषा में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
इसके साथ ही प्राधिकरण की ओर से संबंधित पक्षकारों और अधिवक्ताओं से भी सक्रिय सहभागिता की अपील की गई है। राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक पात्र मामलों के निस्तारण से न केवल पक्षकारों को अपने विवादों के समाधान का अवसर मिलेगा, बल्कि आपसी सहमति और सौहार्द की भावना को भी बढ़ावा मिलेगा।
इस प्रकार, 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत हमीरपुर के उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण अवसर है, जिनके मामले कानून के अनुसार सुलह-समझौते के माध्यम से निस्तारित किए जा सकते हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का प्रयास है कि इस आयोजन की जानकारी जिले के अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे और पात्र पक्षकार समय रहते आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर इसका लाभ उठा सकें।

