कानपुर में मासिक अपराध समीक्षा गोष्ठी: पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने अपराध नियंत्रण और सुरक्षा को लेकर दिए निर्देश
रिपोर्ट- मुकेश वर्मा
कानपुर। पुलिस कार्यालय स्थित सभागार में रविवार, 6 सितंबर 2026 को पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल की अध्यक्षता में मासिक अपराध समीक्षा गोष्ठी आयोजित की गई। बैठक में शहर की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, लंबित विवेचनाओं, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध और आगामी गणेश चतुर्थी पर्व की तैयारियों समेत कई महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की गई। पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों को जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रभावी और जवाबदेह पुलिसिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था डॉ. विपिन ताडा, अपर पुलिस आयुक्त मुख्यालय/अपराध संकल्प शर्मा सहित सभी पुलिस उपायुक्त, अपर पुलिस उपायुक्त, सहायक पुलिस आयुक्त, थाना प्रभारी और संबंधित पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान विभिन्न स्तरों पर किए जा रहे पुलिस कार्यों की समीक्षा के साथ-साथ आगामी दिनों में कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक रणनीति पर चर्चा की गई।
लंबित विवेचनाओं के शीघ्र निस्तारण पर जोर
मासिक अपराध समीक्षा के दौरान पुलिस आयुक्त ने लंबित विवेचनाओं की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित मामलों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही विवेचनाओं में अनावश्यक देरी से बचने और प्रत्येक मामले में तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करने पर जोर दिया गया।
उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण के लिए केवल घटनाओं के बाद कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि संभावित अपराधों की रोकथाम के लिए भी सक्रिय पुलिसिंग जरूरी है। इसलिए थाना स्तर पर अपराध की प्रवृत्ति का नियमित विश्लेषण करने और संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
सक्रिय अपराधियों पर प्रभावी निगरानी
पुलिस आयुक्त ने सक्रिय अपराधियों और कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकने वाले तत्वों पर प्रभावी निगरानी रखने को कहा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए निरोधात्मक कार्रवाई को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।
इसके अलावा अवैध शस्त्रों और मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। पुलिस अधिकारियों को अपने-अपने थाना क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और सूचना तंत्र को मजबूत करने के लिए कहा गया। पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि अपराध की रोकथाम के लिए थाना स्तर पर सतर्कता और आपसी समन्वय बेहद महत्वपूर्ण है।
महिला अपराधों में संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई
बैठक में महिला अपराधों से जुड़े मामलों पर भी विशेष चर्चा हुई। पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिला संबंधी शिकायतों को संवेदनशीलता के साथ सुना जाए और नियमानुसार त्वरित कार्रवाई की जाए।
महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में पीड़ित की शिकायत को गंभीरता से लेने, आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने और संबंधित प्रकरणों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही मिशन शक्ति अभियान की गतिविधियों की भी समीक्षा की गई।
पुलिस आयुक्त ने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं में सुरक्षा की भावना मजबूत करने के लिए पुलिस की सक्रिय मौजूदगी और जनजागरूकता दोनों जरूरी हैं। इसलिए संबंधित अधिकारियों को मिशन शक्ति के तहत चल रही गतिविधियों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
साइबर अपराध की रोकथाम के लिए सतर्कता
बैठक में बढ़ते साइबर अपराधों की रोकथाम को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। पुलिस आयुक्त ने साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई और लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि डिजिटल माध्यमों से होने वाली धोखाधड़ी और अन्य साइबर अपराधों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए। साथ ही पुलिस कर्मियों को उपलब्ध तकनीकी संसाधनों और पुलिसिंग ऐप्स का प्रभावी इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा साइबर अपराधों से संबंधित मामलों में संबंधित इकाइयों और थाना पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया अधिक प्रभावी हो सके।
जनशिकायतों और IGRS का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण
मासिक अपराध समीक्षा गोष्ठी में जनशिकायतों और IGRS से संबंधित मामलों की भी समीक्षा की गई। पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों की नियमित समीक्षा की जाए और जहां आवश्यक हो, वहां संबंधित अधिकारियों द्वारा मौके पर जाकर स्थिति की जानकारी ली जाए। इससे पुलिस और आम जनता के बीच विश्वास मजबूत करने में मदद मिलेगी।
गणेश चतुर्थी पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की तैयारी
आगामी गणेश चतुर्थी पर्व को देखते हुए पुलिस आयुक्त ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही, धार्मिक कार्यक्रमों और विसर्जन स्थलों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
विसर्जन स्थलों की निगरानी, यातायात व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। साथ ही संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी करने को कहा गया।
पुलिस अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में आयोजकों और स्थानीय लोगों के साथ संवाद बनाए रखने तथा किसी भी संभावित समस्या का समय रहते समाधान करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं की पहले से समीक्षा करने पर जोर दिया गया।
सोशल मीडिया पर फेक न्यूज की निगरानी
बैठक में सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली भ्रामक और फेक न्यूज को लेकर भी पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों को सतर्क किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी भ्रामक सूचना के कारण कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।
उन्होंने कहा कि गलत या भ्रामक सूचनाओं का तथ्यों के आधार पर तत्काल खंडन किया जाना चाहिए। आवश्यकता पड़ने पर भ्रामक सूचनाएं फैलाने वालों के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों को यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर आने वाली प्रत्येक सूचना की तथ्यात्मक जांच की जाए और बिना सत्यापन के किसी निष्कर्ष पर न पहुंचा जाए। इस तरह पुलिस प्रशासन अफवाहों के प्रसार को रोकने के साथ-साथ आम जनता को सही जानकारी उपलब्ध करा सकता है।
ई-सम्मन और पुलिसिंग ऐप्स की भी समीक्षा
मासिक बैठक में ई-सम्मन, पुलिसिंग ऐप्स और अन्य तकनीकी माध्यमों के इस्तेमाल की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि तकनीक आधारित पुलिसिंग का अधिकतम उपयोग किया जाए और उपलब्ध डिजिटल संसाधनों के माध्यम से पुलिस कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाए।
इसके साथ ही निरोधात्मक कार्रवाई और अपराध रोकथाम से जुड़े अन्य अभियानों की प्रगति पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि थाना स्तर पर नियमित समीक्षा करते हुए कमजोरियों को दूर किया जाए।
जवाबदेह पुलिसिंग पर पुलिस आयुक्त का जोर
बैठक के अंत में पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने सभी अधिकारियों को अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था और जनसुरक्षा के लिए प्रभावी एवं जवाबदेह पुलिसिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर जनता की समस्याओं का समाधान करें और अपराध की रोकथाम के लिए लगातार प्रयास करते रहें।

