समय से नहीं हुए जागरूक तो घातक होगा परिणाम : डॉ. सीमा द्विवेदी, सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग पर किया CME का आयोजन
रिपोर्ट – सर्वेश सोनू शर्मा
कानपुर: महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषय सर्वाइकल कैंसर की समय रहते पहचान और रोकथाम को लेकर कानपुर के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में एक विशेष CME (Continuing Medical Education) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य चिकित्सकों और रेजिडेंट डॉक्टरों को सर्वाइकल कैंसर की नियमित स्क्रीनिंग, शुरुआती पहचान और बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि समय रहते जांच और आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श के माध्यम से इस बीमारी की पहचान कर प्रभावी उपचार की दिशा में कदम बढ़ाया जा सकता है।
कार्यक्रम की मुख्य आयोजक विभागाध्यक्ष डॉ. सीमा द्विवेदी रहीं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है। यदि समय रहते सर्वाइकल कैंसर की जांच और स्क्रीनिंग पर ध्यान दिया जाए तो बीमारी की शुरुआती अवस्था में पहचान संभव हो सकती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को नियमित स्वास्थ्य जांच के प्रति जागरूक करने के साथ ही चिकित्सकों को भी स्क्रीनिंग से संबंधित नवीनतम जानकारी से अवगत रहना चाहिए।
समय पर स्क्रीनिंग से बीमारी की पहचान संभव
CME के दौरान विशेषज्ञों ने सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। वैज्ञानिक सत्र में डॉ. पविका लाल और डॉ. भारती शर्मा ने सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग की आवश्यकता, शीघ्र निदान और महिलाओं में स्वास्थ्य जागरूकता की भूमिका पर अपने विचार रखे।
वक्ताओं ने बताया कि नियमित स्क्रीनिंग के माध्यम से सर्वाइकल कैंसर से जुड़े शुरुआती बदलावों की पहचान करने में मदद मिल सकती है। इसके बाद चिकित्सकीय सलाह के अनुसार आवश्यक जांच और उपचार की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। इसलिए महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी किसी भी चिंता को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए।
विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम और शुरुआती पहचान के लिए समाज में जागरूकता बढ़ाना जरूरी है। कई बार महिलाएं स्वास्थ्य संबंधी जांच को टालती रहती हैं, जिसके कारण आवश्यक चिकित्सकीय सलाह मिलने में देरी हो सकती है। ऐसे में परिवार, समाज और स्वास्थ्य संस्थानों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।
चिकित्सकों और रेजिडेंट डॉक्टरों को किया जागरूक
CME का एक प्रमुख उद्देश्य प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग से जुड़े चिकित्सकों और रेजिडेंट डॉक्टरों को सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग के महत्व से अवगत कराना रहा। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने स्क्रीनिंग से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की और महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई।
डॉक्टरों ने कहा कि किसी भी बीमारी की समय रहते पहचान उपचार की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसी क्रम में महिलाओं को नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए प्रोत्साहित करना आवश्यक है। साथ ही, चिकित्सकों को भी मरीजों को स्क्रीनिंग और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों की जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध करानी चाहिए।
कार्यक्रम के समन्वय की जिम्मेदारी डॉ. वंदना शर्मा और डॉ. करिश्मा शर्मा ने संभाली। दोनों के समन्वय से वैज्ञानिक सत्र को व्यवस्थित तरीके से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित चिकित्सकों और रेजिडेंट डॉक्टरों ने सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग तथा महिला स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की।
शिक्षक दिवस समारोह का भी हुआ आयोजन
CME के समापन के बाद विभाग के समस्त फैकल्टी सदस्यों और रेजिडेंट डॉक्टरों द्वारा शिक्षक दिवस समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शिक्षकों के योगदान के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की गई। कार्यक्रम में शिक्षकों की भूमिका और उनके मार्गदर्शन के महत्व को रेखांकित किया गया।
शिक्षक दिवस के अवसर पर विभाग के फैकल्टी सदस्यों और रेजिडेंट डॉक्टरों ने अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान प्रकट किया। चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों के योगदान को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा गया कि अनुभवी चिकित्सकों का मार्गदर्शन विद्यार्थियों और रेजिडेंट डॉक्टरों के व्यावसायिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
चिकित्सकों ने लिया जागरूकता बढ़ाने का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान इस बात पर भी जोर दिया गया कि सर्वाइकल कैंसर जैसी स्वास्थ्य समस्या को लेकर महिलाओं में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। इसके लिए स्वास्थ्य संस्थानों और चिकित्सकों को मिलकर लगातार प्रयास करने होंगे। इसके अलावा, महिलाओं को नियमित जांच, स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और चिकित्सकीय परामर्श के महत्व के बारे में बताया जाना जरूरी है।
डॉ. सीमा द्विवेदी के नेतृत्व में आयोजित इस CME को विभागीय स्तर पर महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा गया। कार्यक्रम ने चिकित्सकों और रेजिडेंट डॉक्टरों को सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग तथा समय पर पहचान के महत्व को समझने का अवसर प्रदान किया।
कार्यक्रम में डॉ. नीना गुप्ता, डॉ. रेणु गुप्ता, डॉ. शैली अग्रवाल, डॉ. दिव्या द्विवेदी, डॉ. प्रतिमा वर्मा, डॉ. उरूज जहां, डॉ. प्रीति त्यागी, डॉ. रश्मि यादव, डॉ. रश्मि गुप्ता सहित अन्य संकाय सदस्य उपस्थित रहे।
इस आयोजन के माध्यम से जहां एक ओर सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग और महिला स्वास्थ्य जागरूकता पर चर्चा हुई, वहीं दूसरी ओर शिक्षक दिवस समारोह ने विभागीय सदस्यों के बीच सम्मान और सहयोग की भावना को भी मजबूत किया। विशेषज्ञों का संदेश स्पष्ट रहा कि समय पर जागरूकता, नियमित स्वास्थ्य जांच और उचित चिकित्सकीय परामर्श महिलाओं के स्वास्थ्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

