लखीमपुर खीरी के कस्ता चौराहे पर महीनों से खराब पड़ा आरओ प्लांट, शिकायत के बाद भी नहीं हुई मरम्मत
रिपोर्ट – शरद अवस्थी
लखीमपुर खीरी: कस्ता चौराहे पर राधे रमण सोना देवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के पास राहगीरों और स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए लगाया गया आरओ प्लांट पिछले कई महीनों से खराब पड़ा है। आरओ प्लांट के लंबे समय से बंद रहने के कारण चौराहे पर आने-जाने वाले लोगों को पीने के पानी के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थान पर पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लगाया गया यह आरओ प्लांट वर्तमान में लोगों के किसी काम नहीं आ रहा है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक कस्ता चौराहा क्षेत्र में दिनभर लोगों की आवाजाही रहती है। आसपास के शिक्षण संस्थानों, दुकानों और अन्य स्थानों पर आने-जाने वाले लोगों को कई बार पीने के पानी की आवश्यकता होती है। ऐसे में सार्वजनिक आरओ प्लांट का खराब होना लोगों के लिए असुविधा का कारण बन रहा है। खासकर गर्मी के मौसम में राहगीरों के लिए शुद्ध पेयजल की उपलब्धता और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
शिकायत के बावजूद नहीं हुई मरम्मत
बताया जा रहा है कि आरओ प्लांट में आई खराबी को लेकर स्थानीय स्तर पर कई बार शिकायत की जा चुकी है। इसके बावजूद अभी तक इसकी मरम्मत नहीं कराई गई है। लोगों का कहना है कि यदि संबंधित विभाग या जिम्मेदार संस्था समय रहते शिकायत पर ध्यान देती तो आरओ प्लांट को दोबारा चालू कराया जा सकता था।
वहीं, लंबे समय तक खराब रहने के कारण आरओ प्लांट की उपयोगिता पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार सार्वजनिक सुविधाओं के लिए लगाए गए उपकरणों की नियमित निगरानी और समय पर मरम्मत आवश्यक है। यदि किसी उपकरण में तकनीकी खराबी आती है तो शिकायत मिलने के बाद उसका समाधान जल्द किया जाना चाहिए, ताकि लोगों को सुविधा का लाभ मिलता रहे।
पिपरझाला के देतेली में भी आरओ खराब
कस्ता चौराहे के अलावा पिपरझाला क्षेत्र के देतेली में लगे पानी के आरओ प्लांट के भी काफी समय से खराब होने की बात सामने आई है। ग्रामीणों के मुताबिक वहां भी आरओ खराब होने की शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अभी तक उसे ठीक नहीं कराया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव और आसपास के क्षेत्र में सार्वजनिक पेयजल व्यवस्था लोगों के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में आरओ प्लांट खराब होने के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों की मांग है कि संबंधित जिम्मेदार अधिकारी दोनों स्थानों पर लगे खराब आरओ प्लांट की स्थिति का निरीक्षण कराएं और आवश्यक मरम्मत जल्द कराएं।
सार्वजनिक पेयजल सुविधा पर ध्यान देने की मांग
स्थानीय लोगों के अनुसार सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए आरओ प्लांट का उद्देश्य लोगों को स्वच्छ और सुविधाजनक पेयजल उपलब्ध कराना है। इसलिए इन प्लांटों का केवल स्थापित किया जाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखरेख भी जरूरी है। मशीन में खराबी आने पर समय पर तकनीकी जांच और मरम्मत कराए जाने से लोगों को लगातार सुविधा मिल सकती है।
इसके अलावा, आरओ प्लांट की स्थिति की समय-समय पर जांच किए जाने से छोटी तकनीकी खराबियों को भी समय रहते दूर किया जा सकता है। इससे मशीन लंबे समय तक उपयोगी बनी रह सकती है और सार्वजनिक धन से तैयार की गई सुविधा का बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा।
कस्ता चौराहे पर आरओ प्लांट के खराब होने को लेकर लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि शिकायत के बाद भी यदि समस्या का समाधान नहीं होता है तो इसका सीधा असर सार्वजनिक सुविधा पर पड़ता है। वहीं, देतेली के ग्रामीण भी अपने क्षेत्र में खराब पड़े आरओ प्लांट को जल्द शुरू कराने की मांग कर रहे हैं।
जिम्मेदारों की कार्रवाई का इंतजार
अब लोगों की नजर जिम्मेदार अधिकारियों की कार्रवाई पर है। स्थानीय लोगों और ग्रामीणों को उम्मीद है कि शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग दोनों आरओ प्लांट की स्थिति की जांच कराएगा। इसके बाद आवश्यक तकनीकी मरम्मत कराकर उन्हें दोबारा चालू कराया जाएगा।
यदि कस्ता चौराहे और देतेली में खराब पड़े आरओ प्लांट जल्द शुरू हो जाते हैं तो राहगीरों और स्थानीय लोगों को एक बार फिर सार्वजनिक पेयजल की सुविधा मिल सकेगी। साथ ही, इससे यह भी सुनिश्चित होगा कि लोगों के लिए उपलब्ध कराई गई पेयजल व्यवस्था नियमित रूप से संचालित होती रहे।
फिलहाल कस्ता चौराहे और देतेली में खराब पड़े आरओ प्लांट लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। शिकायतों के बावजूद मरम्मत नहीं होने से जिम्मेदार व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। अब देखना यह होगा कि संबंधित अधिकारी इन शिकायतों पर कब तक कार्रवाई करते हैं और लोगों को स्वच्छ पेयजल की सुविधा दोबारा कब उपलब्ध हो पाती है।

