हौसलों की उड़ान, कुछ भी है संभव: निराली तिवारी ने नेशनल शूटिंग गेम्स में जीता कांस्य पदक

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रिपोर्ट – सर्वेश सोनू शर्मा 

कानपुर: मेहनत, लगन और मजबूत हौसलों के दम पर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। इसी विश्वास को सच साबित करते हुए कानपुर की रहने वाली निराली तिवारी ने 7th CISCE नेशनल शूटिंग गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। इस उपलब्धि के साथ निराली ने SGFI ट्रायल्स और CISCE टीम में अपनी जगह पक्की कर ली है। उनकी सफलता से परिवार, विद्यालय और कानपुर का नाम गौरवान्वित हुआ है।

गोरखपुर के सेंट जूडस मोहद्दीपुर में 2 से 4 सितंबर तक आयोजित 7th CISCE नेशनल शूटिंग गेम्स में देशभर के विभिन्न जोन से आए प्रतिभाशाली निशानेबाजों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में अपने-अपने जोन के शीर्ष शूटर्स ने शानदार प्रदर्शन किया। ऐसे कठिन मुकाबले के बीच निराली तिवारी ने अपनी प्रतिभा और निरंतर अभ्यास के बल पर बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए पदक हासिल किया।

10 मीटर एयर पिस्टल में शानदार प्रदर्शन

निराली तिवारी ने अंडर-19 कैटेगरी की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में हिस्सा लिया। इस प्रतियोगिता में उन्होंने अपनी मेहनत और लगन का परिचय देते हुए कांस्य पदक जीता। उनके प्रदर्शन ने न केवल विद्यालय और परिवार को गौरवान्वित किया, बल्कि कानपुर के खेल जगत में भी एक नई उपलब्धि जोड़ दी।

10 मीटर एयर पिस्टल जैसी निशानेबाजी प्रतियोगिताओं में एकाग्रता, धैर्य और निरंतर अभ्यास का विशेष महत्व होता है। ऐसे में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में पदक हासिल करना निराली की खेल प्रतिभा और तैयारी को दर्शाता है। इसके अलावा, इस उपलब्धि के माध्यम से उन्होंने आगे की प्रतियोगिताओं के लिए भी अपना रास्ता मजबूत किया है।

SGFI ट्रायल्स और CISCE टीम में बनाई जगह

नेशनल शूटिंग गेम्स में कांस्य पदक हासिल करने के बाद निराली तिवारी ने SGFI यानी स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के ट्रायल्स के लिए अपनी जगह सुनिश्चित कर ली है। साथ ही उन्होंने CISCE टीम में भी अपना स्थान पक्का किया है।

यह उपलब्धि निराली के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न जोन के शीर्ष निशानेबाजों के बीच प्रतिस्पर्धा के बाद यह मुकाम हासिल हुआ है। अब उनके सामने आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा को और निखारने का अवसर है।

निराली की इस सफलता से उनके परिवार और विद्यालय में खुशी का माहौल है। उनकी उपलब्धि को लेकर शिक्षकों और परिजनों ने खुशी व्यक्त की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

पिता को दिया सफलता का श्रेय

निराली तिवारी ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने पिता को दिया। उन्होंने बताया कि उनके पिता ही उनके कोच और मार्गदर्शक हैं। पिता के मार्गदर्शन और लगातार प्रोत्साहन ने उन्हें निशानेबाजी के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।

किसी भी खिलाड़ी के लिए अभ्यास के साथ सही मार्गदर्शन बेहद महत्वपूर्ण होता है। निराली के मामले में उनके पिता ने उन्हें प्रशिक्षण और मार्गदर्शन देने के साथ-साथ लगातार आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इसी कारण वह राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने में सफल रहीं।

निराली का कहना है कि उनकी इस उपलब्धि के पीछे लगातार मेहनत और परिवार का सहयोग रहा है। वह भविष्य में भी अपने प्रदर्शन को बेहतर करने और बड़े मंचों पर देश और शहर का नाम रोशन करने के लिए मेहनत जारी रखना चाहती हैं।

स्कूल और परिजनों ने किया जोरदार स्वागत

राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में सफलता हासिल करने के बाद जब निराली कानपुर लौटीं तो स्कूल और परिजनों ने उनका उत्साहपूर्वक स्वागत किया। उनकी उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ स्कूल के शिक्षक और साथी विद्यार्थी भी बेहद खुश नजर आए।

विद्यालय परिवार ने निराली की सफलता को अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ खेलों में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों को भी उचित अवसर और प्रोत्साहन मिलना चाहिए। निराली की उपलब्धि यह संदेश देती है कि नियमित अभ्यास और दृढ़ संकल्प के साथ विद्यार्थी अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ सकते हैं।

राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया कानपुर का गौरव

कानपुर की युवा निशानेबाज निराली तिवारी की उपलब्धि शहर के लिए गर्व का विषय है। देश के अलग-अलग हिस्सों से आए शीर्ष निशानेबाजों के बीच कांस्य पदक जीतना उनके खेल कौशल का प्रमाण है।

इसके साथ ही SGFI ट्रायल्स और CISCE टीम में स्थान बनाना उनके भविष्य के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब निराली से आगे भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। उनकी यह सफलता दूसरे युवा खिलाड़ियों को भी निशानेबाजी सहित अन्य खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर सकती है।

दरअसल, खेल केवल प्रतियोगिता में जीत या हार तक सीमित नहीं होते। खेल खिलाड़ियों में अनुशासन, धैर्य, एकाग्रता और आत्मविश्वास विकसित करते हैं। निराली की कहानी भी यही संदेश देती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और उसके लिए निरंतर प्रयास किया जाए तो सफलता की राह आसान हो सकती है।

निराली तिवारी ने अपने प्रदर्शन से यह साबित किया है कि “हौसलों की उड़ान हो तो कुछ भी संभव है।” राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतकर उन्होंने कानपुर का नाम रोशन किया है। अब उनकी नजर आने वाली प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने और अपने खेल करियर को नई ऊंचाइयों तक ले जाने पर होगी।

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