कानपुर देहात में सरवनखेड़ा बीआरसी कार्यालय का किया गया औचक निरीक्षण, जानिए कौन सी मिली कमियां
रिपोर्ट – विशाल मिश्रा
कानपुर देहात: जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय एवं बीआरसी सरवनखेड़ा का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्यालय की व्यवस्थाओं, कर्मचारियों की उपस्थिति, साफ-सफाई, अभिलेखों के रखरखाव और पूर्व में जारी निर्देशों के अनुपालन की स्थिति का जायजा लिया गया। निरीक्षण में कुछ कमियां सामने आने पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधार और निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी, सरवनखेड़ा कार्यालय में उपस्थित मिले। वहीं, बीआरसी कार्यालय में कार्यरत मोटारिक अनवर और ब्लॉक समन्वयक गुणवत्ता अनुपस्थित पाए गए। हालांकि, अन्य कार्मिक कार्यालय में उपस्थित मिले। अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान कार्यालय की कार्यप्रणाली से संबंधित विभिन्न बिंदुओं की भी जानकारी ली।
कार्यालय में साफ-सफाई की स्थिति मिली असंतोषजनक
निरीक्षण के दौरान बीआरसी कार्यालय के विभिन्न कक्षों और कार्यालय परिसर के बाहर साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। इसके अलावा कार्यालय में रखे अभिलेखों का रखरखाव भी व्यवस्थित नहीं मिला।
इस पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने खंड शिक्षा अधिकारी, सरवनखेड़ा को कार्यालय परिसर में नियमित रूप से साफ-सफाई सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। साथ ही, कार्यालयीय अभिलेखों को पट्टलवार व्यवस्थित तरीके से रखने और उनके सुरक्षित रखरखाव की व्यवस्था करने के लिए कहा गया।
अधिकारी ने स्पष्ट किया कि कार्यालय में रखी पत्रावलियों और महत्वपूर्ण अभिलेखों को व्यवस्थित रखना जरूरी है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर संबंधित दस्तावेज आसानी से उपलब्ध हो सकें। इसके लिए कार्यालय स्तर पर जिम्मेदारी तय करने के निर्देश भी दिए गए।
पूर्व निर्देशों के अनुपालन की हुई समीक्षा
आकस्मिक निरीक्षण के दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने पूर्व में जारी किए गए निर्देशों के अद्यतन अनुपालन की भी समीक्षा की। इस दौरान विद्यालयों में उपलब्ध कराई गई कम्पोजिट ग्रांट की धनराशि के उपयोग से संबंधित कार्यों की स्थिति पर विशेष जोर दिया गया।
निर्देशित किया गया कि विद्यालयों को निर्गत कम्पोजिट ग्रांट से निर्धारित कार्यों को नियमानुसार पूर्ण कराया जाए। इसके साथ ही विद्यालयों को निर्धारित 19 पैरामीटर के आधार पर संतृप्त करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि विद्यालयों से संबंधित कार्यों की प्रगति पर लगातार नजर रखी जाए और निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया जाए।
सेवा-पंजिकाओं और पत्रावलियों को अपडेट करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों की सेवा-पंजिकाओं को अद्यतन रखने पर भी जोर दिया गया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने निर्देश दिए कि सेवा-पंजिकाओं को समय से अपडेट किया जाए और कार्यालय की महत्वपूर्ण पत्रावलियों को समुचित एवं सुरक्षित तरीके से रखा जाए।
इसके साथ ही निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करने को कहा गया है। इससे संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से लंबित कार्य पूरे करने की जिम्मेदारी दी गई है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य कार्यालयीय कार्यों में पारदर्शिता और रिकॉर्ड के बेहतर प्रबंधन को सुनिश्चित करना है। साथ ही, इससे विभागीय कार्यों की समीक्षा में भी आसानी होगी।
पिछले शैक्षिक सत्र के कार्यों की पत्रावली भी मांगी
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने गत शैक्षिक सत्र 2025-26 में बेसिक शिक्षा और समग्र शिक्षा के अंतर्गत आवंटित धनराशि से कराए गए कार्यों से संबंधित दस्तावेज भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
खंड शिक्षा अधिकारी को पूर्व में जारी पत्रों में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की स्थिति से संबंधित पत्रावली तथा संबंधित कार्यों के उपभोग प्रमाण-पत्र जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत करने को कहा गया है। इसके लिए तीन कार्यदिवस की समय सीमा निर्धारित की गई है।
अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि संबंधित दस्तावेजों को समय से तैयार कर कार्यालय में उपलब्ध कराया जाए, ताकि विभागीय स्तर पर कार्यों और धनराशि के उपयोग की समीक्षा की जा सके।
एफएलएन प्रशिक्षण का भी किया निरीक्षण
आकस्मिक निरीक्षण के दौरान बीआरसी परिसर स्थित मीटिंग हॉल में संचालित एफएलएन प्रशिक्षण का भी निरीक्षण किया गया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने प्रशिक्षण स्थल पर पहुंचकर प्रशिक्षण की व्यवस्थाओं और संचालन की स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान एफएलएन प्रशिक्षण विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित पाया गया। प्रशिक्षण में प्रतिभाग कर रहे शिक्षकों और शिक्षामित्रों की उपस्थिति सहित अन्य व्यवस्थाओं को भी देखा गया।
अधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रशिक्षण से अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों और शिक्षामित्रों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही प्रत्येक दिन प्रशिक्षण में शामिल होने वाले प्रतिभागियों की उपस्थिति प्रमाणित करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
समयबद्ध कार्रवाई पर जोर
पूरे निरीक्षण के दौरान कार्यालयीय व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने और लंबित कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने पर जोर दिया गया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि निरीक्षण में सामने आई कमियों को दूर करने के साथ-साथ पूर्व में जारी निर्देशों का भी प्रभावी तरीके से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
दरअसल, शिक्षा विभाग के कार्यालयों में अभिलेखों का व्यवस्थित रखरखाव, कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का सुचारु संचालन विभागीय कार्यप्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए निरीक्षण के माध्यम से व्यवस्थाओं की स्थिति की समीक्षा की गई।
अब संबंधित अधिकारियों को दिए गए निर्देशों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई पूरी करनी होगी। साथ ही, निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई की आख्या और संबंधित दस्तावेज जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत करने होंगे।

