अमरोहा के चौधरपुर फ्लाईओवर पर चलते मैजिक में लगी आग, कुरकुरे से भरा था वाहन – दहशत में थे राहगीर
रिपोर्ट – इकबाल अंसारी
अमरोहा: जनपद अमरोहा के कोतवाली डिडौली क्षेत्र में रविवार तड़के उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब चौधरपुर फ्लाईओवर पर कुरकुरे से भरे एक मैजिक वाहन में अचानक आग लग गई। चलते वाहन में आग लगने की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों में हलचल मच गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। राहत की बात यह रही कि चालक ने समय रहते वाहन से बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
मिली जानकारी के मुताबिक, मोहम्मद हसीब पुत्र कल्लू, निवासी भीकनपुर मूढ़ा, मैजिक वाहन संख्या UP37AT4986 में कुरकुरे भरकर जोया से बरेली की ओर जा रहे थे। रविवार सुबह करीब चार बजे जब उनका वाहन चौधरपुर फ्लाईओवर पर पहुंचा, तभी अचानक वाहन में तकनीकी खराबी के बाद शॉर्ट सर्किट हुआ। इसके बाद वाहन में आग लग गई।
चौधरपुर फ्लाईओवर पर अचानक लगी आग
बताया जा रहा है कि वाहन के चलते समय ही उसमें अचानक आग दिखाई दी। आग लगने का पता चलते ही चालक ने सतर्कता दिखाई और वाहन को रोककर तत्काल उससे बाहर निकल आया। इसके बाद कुछ ही समय में आग ने वाहन के एक बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया।
चूंकि मैजिक वाहन में कुरकुरे का सामान लदा हुआ था, इसलिए आग लगने के बाद वाहन में रखा माल भी प्रभावित हुआ। फ्लाईओवर पर वाहन में आग लगने की घटना से कुछ समय के लिए आसपास मौजूद लोगों का ध्यान भी घटनास्थल की ओर गया।
हालांकि, चालक के समय रहते वाहन से बाहर निकल जाने के कारण किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। इस घटना में किसी अन्य व्यक्ति के घायल होने की भी जानकारी सामने नहीं आई है।
जोया से बरेली जा रहा था वाहन
जानकारी के अनुसार, मैजिक वाहन में कुरकुरे लदे हुए थे और चालक इसे लेकर जोया से बरेली जा रहा था। यात्रा के दौरान चौधरपुर फ्लाईओवर पर अचानक वाहन में शॉर्ट सर्किट होने की बात सामने आई।
प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट को आग लगने की वजह माना जा रहा है। हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी। वाहन में विद्युत व्यवस्था से जुड़ी किसी तकनीकी समस्या के कारण घटना हुई या कोई अन्य कारण रहा, इसकी जानकारी जांच के बाद सामने आने की उम्मीद है।
चालक ने दिखाई सूझबूझ
घटना के दौरान चालक मोहम्मद हसीब की सतर्कता महत्वपूर्ण रही। आग लगने का पता चलते ही उन्होंने बिना देर किए वाहन से बाहर निकलकर खुद को सुरक्षित किया। इससे संभावित अनहोनी को टाला जा सका।
चलते वाहन में आग लगने जैसी स्थिति में कुछ ही क्षणों में स्थिति गंभीर हो सकती है। ऐसे में चालक का समय रहते वाहन से बाहर निकलना और सुरक्षित स्थान पर पहुंचना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
घटना के बाद वाहन को हुए नुकसान और उसमें लदे सामान के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। आग के कारण वाहन और कुरकुरे के माल को कितना नुकसान हुआ, इसका आकलन संबंधित स्तर पर किया जा सकता है।
शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका
प्रारंभिक जानकारी में शॉर्ट सर्किट को आग की वजह बताया गया है। हालांकि, किसी भी वाहन में आग लगने के पीछे कई तकनीकी कारण हो सकते हैं। वायरिंग में खराबी, विद्युत उपकरणों में समस्या या अन्य तकनीकी कारणों की जांच के बाद ही स्पष्ट निष्कर्ष निकाला जा सकता है।
ऐसे में वाहन चालकों के लिए यह घटना एक जरूरी सावधानी का संकेत भी है। खासकर लंबी दूरी की यात्रा से पहले वाहन की वायरिंग, बैटरी, फ्यूज और अन्य विद्युत उपकरणों की जांच कराना उपयोगी हो सकता है।
कोई जनहानि नहीं
इस घटना की सबसे राहत वाली बात यह रही कि आग लगने के बावजूद किसी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है। चालक ने समय रहते वाहन से बाहर निकलकर खुद को सुरक्षित कर लिया।
घटना के बाद स्थानीय स्तर पर लोगों में चर्चा रही। फ्लाईओवर जैसे व्यस्त मार्ग पर इस तरह की घटना होने से यातायात प्रभावित होने की आशंका रहती है। इसलिए ऐसी परिस्थितियों में वाहन चालकों और राहगीरों को सुरक्षित दूरी बनाए रखना जरूरी होता है।
वाहन चालकों के लिए जरूरी सावधानी
विशेषज्ञों के अनुसार, वाहन में किसी प्रकार की जलने की गंध, धुआं, स्पार्किंग या विद्युत समस्या महसूस होने पर उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में वाहन को सुरक्षित स्थान पर रोककर इंजन बंद करना और यात्रियों को तुरंत बाहर निकालना जरूरी है।
इसके अलावा, व्यावसायिक वाहनों में सामान लोड करते समय भी सुरक्षा मानकों का ध्यान रखना चाहिए। नियमित सर्विसिंग और समय-समय पर विद्युत प्रणाली की जांच से संभावित तकनीकी समस्याओं का पहले पता लगाया जा सकता है।
फिलहाल चौधरपुर फ्लाईओवर पर हुई इस घटना में किसी जनहानि की सूचना नहीं है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की आशंका है। घटना के वास्तविक कारण और वाहन व माल को हुए नुकसान की स्थिति जांच के बाद अधिक स्पष्ट हो सकेगी।

