बिजनौर में दो दिन की बारिश से अफजलगढ़ सीएचसी में घुसा 3 फीट पानी, मरीज और स्टाफ परेशान – पढ़िए विकल्प
रिपोर्ट – ताबिश मिर्जा
बिजनौर/अफजलगढ़: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में लगातार दो दिनों से हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। बारिश के चलते अफजलगढ़ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) परिसर में करीब तीन फीट तक पानी भर गया। अस्पताल परिसर में जलभराव के कारण मरीजों, तीमारदारों और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि अस्पताल की ओपीडी से लेकर दवा स्टोर और सरकारी आवासों तक पानी पहुंच गया है।
बारिश के बाद सीएचसी परिसर की स्थिति ऐसी हो गई है कि अस्पताल का बड़ा हिस्सा तालाब जैसा नजर आ रहा है। अस्पताल में इलाज कराने पहुंचने वाले मरीजों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। वहीं, स्वास्थ्यकर्मियों को भी अपने नियमित कार्यों को संचालित करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ओपीडी से दवा स्टोर तक जलभराव
अफजलगढ़ सीएचसी में बारिश का पानी अस्पताल के कई महत्वपूर्ण हिस्सों तक पहुंच गया है। ओपीडी परिसर के आसपास पानी जमा होने से मरीजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। इसके अलावा दवा स्टोर के आसपास भी पानी भरने से स्वास्थ्यकर्मियों की चिंता बढ़ गई है।
अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग उपचार और दवाएं लेने पहुंचते हैं। ऐसे में परिसर में पानी भरने के कारण मरीजों को काफी असुविधा हो रही है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और अन्य जरूरतमंद मरीजों के लिए जलभराव के बीच अस्पताल तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
इसके अलावा अस्पताल में तैनात कर्मचारियों को भी पानी के कारण अपने कामकाज में परेशानी हो रही है। अस्पताल के विभिन्न हिस्सों में पानी जमा होने से आने-जाने के रास्ते प्रभावित हैं। वहीं, सरकारी आवासों में भी पानी भरने की स्थिति सामने आई है।
पानी की निकासी की व्यवस्था पर सवाल
सीएचसी परिसर में जलभराव का मुख्य कारण पानी की निकासी की उचित व्यवस्था का अभाव बताया जा रहा है। बारिश का पानी परिसर में जमा होने के बाद बाहर नहीं निकल पा रहा है। परिणामस्वरूप लगातार बारिश होने पर पानी का स्तर बढ़ता जा रहा है।
स्थानीय स्तर पर लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान अस्पताल परिसर में जलभराव की समस्या गंभीर हो जाती है। ऐसे में अस्पताल जैसी आवश्यक सेवा वाली जगह पर जलनिकासी की बेहतर व्यवस्था होना जरूरी है। यदि समय रहते पानी की निकासी की व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो आने वाले दिनों में मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों की परेशानी और बढ़ सकती है।
अस्पताल परिसर में जलभराव केवल आवाजाही की समस्या नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं के सुचारू संचालन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण विषय है। इसलिए संबंधित विभागों से अस्पताल परिसर में स्थायी जलनिकासी व्यवस्था किए जाने की उम्मीद की जा रही है।
सरकारी आवास भी पानी से लबालब
बारिश का असर केवल अस्पताल भवन तक ही सीमित नहीं रहा। सीएचसी परिसर में बने सरकारी आवासों के आसपास भी पानी भर गया है। आवासीय परिसर में पानी जमा होने से वहां रहने वाले स्वास्थ्यकर्मियों और उनके परिवारों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
लगातार बारिश के कारण परिसर में कई स्थानों पर पानी का स्तर बढ़ गया है। ऐसे में कर्मचारियों के लिए अस्पताल और आवास के बीच आवाजाही करना भी मुश्किल हो गया है। स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि अस्पताल जैसी जगह पर जलनिकासी की समस्या का जल्द समाधान होना आवश्यक है, ताकि मरीजों को इलाज के लिए आने में किसी तरह की परेशानी न हो।
मरीजों की बढ़ी मुश्किलें
अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीजों को बारिश के कारण सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सीएचसी क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों से लोग उपचार के लिए यहां पहुंचते हैं। ऐसे में अस्पताल परिसर में पानी भरा होने के कारण उन्हें अपने परिजनों के साथ पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है।
हालांकि स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास जारी है, लेकिन जलभराव के कारण अस्पताल का सामान्य वातावरण प्रभावित हुआ है। मरीजों और तीमारदारों को उम्मीद है कि संबंधित अधिकारी जल्द ही जलनिकासी की व्यवस्था कराकर समस्या से राहत दिलाएंगे।
फार्मासिस्ट ने बताई स्थिति
अस्पताल की मौजूदा स्थिति को लेकर फार्मासिस्ट मनोज शर्मा ने बताया कि दो दिनों की बारिश के बाद सीएचसी परिसर में पानी भर गया है। अस्पताल के विभिन्न हिस्सों और सरकारी आवासों में भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। पानी की निकासी नहीं होने के कारण स्टाफ को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मनोज शर्मा के मुताबिक, अस्पताल में मरीजों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। ऐसे में जलभराव के कारण उन्हें भी असुविधा हो रही है। अस्पताल प्रशासन और संबंधित विभाग के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती परिसर से पानी की निकासी कराना है।
जल्द समाधान की जरूरत
अफजलगढ़ सीएचसी में बारिश के बाद पैदा हुई स्थिति ने अस्पताल परिसर की जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्वास्थ्य केंद्र आम लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए यहां बारिश के पानी की निकासी की स्थायी व्यवस्था होना आवश्यक है।
फिलहाल दो दिनों की बारिश के बाद अस्पताल परिसर में करीब तीन फीट तक पानी भरने की स्थिति सामने आई है। ऐसे में संबंधित अधिकारियों को मौके का निरीक्षण कर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान तलाशना चाहिए। साथ ही, अस्पताल के दवा स्टोर, ओपीडी और सरकारी आवासों को भी जलभराव से बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने की जरूरत है।
बारिश के मौसम में अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं निर्बाध रूप से चलती रहें, इसके लिए जलनिकासी व्यवस्था को मजबूत करना बेहद जरूरी है। अफजलगढ़ सीएचसी में सामने आई स्थिति इसी आवश्यकता की ओर इशारा करती है।

