कानपुर के घाटमपुर में जमीन विवाद को लेकर 3 बहनों ने सगी बहन पर लगाए यह आरोप, समाधान दिवस में की शिकायत

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रिपोर्टर: शुभम साहू

कानपुर नगर: घाटमपुर तहसील क्षेत्र में आयोजित समाधान दिवस के दौरान जमीन विवाद से जुड़ा एक मामला सामने आया है। तीन बहनों ने अपनी सगी बहन शशि देवी पर पैतृक भूमि पर जबरन कब्जा करने, उन्हें खेती करने से रोकने और धमकी देने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता बहनों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर उचित कार्रवाई की मांग की है।

शिकायतकर्ताओं के अनुसार, विवादित भूमि उनके पिता विजय पाल सिंह से संबंधित है। उनका दावा है कि वर्ष 2015 में उनके पिता ने अपनी चारों पुत्रियों के नाम रजिस्टर्ड दानपत्र किया था। बहनों का आरोप है कि पिता की मृत्यु के बाद संबंधित जमीन को लेकर विवाद शुरू हो गया और उनकी एक बहन शशि देवी द्वारा जमीन पर खेती की जा रही है।

समाधान दिवस में पहुंचीं तीन बहनें

जमीन से जुड़े विवाद को लेकर तीनों बहनें समाधान दिवस में पहुंचीं और अधिकारियों के समक्ष अपनी शिकायत प्रस्तुत की। उन्होंने आरोप लगाया कि दानपत्र के आधार पर भूमि में उनका भी हिस्सा है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अपने हिस्से की जमीन पर खेती करने से रोका जा रहा है।

शिकायत में बहनों ने प्रशासन से भूमि के दस्तावेजों और राजस्व अभिलेखों की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि राजस्व रिकॉर्ड और दानपत्र की जांच की जाए तो भूमि के स्वामित्व एवं हिस्सेदारी की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में मामले में राजस्व विभाग और पुलिस की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

खेती करने से रोकने का लगाया आरोप

शिकायतकर्ता बहनों का आरोप है कि पैतृक जमीन पर अपने हिस्से के अनुसार खेती करने की कोशिश करने पर उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि शशि देवी द्वारा जमीन की जुताई कराई जा रही है और उन्हें खेती करने से रोका जा रहा है।

बहनों के मुताबिक, उन्होंने अपने हिस्से की भूमि पर खेती कराने का प्रयास किया, जिसके बाद विवाद और बढ़ गया। उनका आरोप है कि इसके बाद उनके खिलाफ थाना सजेती में बार-बार शिकायतें देकर उन्हें परेशान किया जा रहा है।

शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि भूमि पर वास्तविक अधिकार किसका है और राजस्व अभिलेखों में दर्ज जानकारी सही है या नहीं।

फोन पर धमकी देने का भी आरोप

मामले में शिकायतकर्ता बहनों ने धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जब उन्होंने अपने हिस्से की जमीन पर खेती कराने का प्रयास किया, तो कथित तौर पर फोन के माध्यम से उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई।

शिकायत में बहनों ने अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। उन्होंने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करने और किसी भी तरह के विवाद की स्थिति को बढ़ने से रोकने की मांग की है।

प्रशासन की ओर से शिकायत के आधार पर मामले की जांच संबंधित विभागों से कराए जाने की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। वहीं, धमकी से जुड़े आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

राजस्व अभिलेखों में नामांतरण को लेकर भी सवाल

शिकायतकर्ताओं ने राजस्व अभिलेखों में नामांतरण को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि शशि देवी और गुड्डी देवी नाम से एक ही महिला द्वारा अलग-अलग पहचान का इस्तेमाल किए जाने की आशंका है। इसके साथ ही उन्होंने राजस्व अभिलेखों में कथित रूप से गलत तरीके से नामांतरण कराए जाने का आरोप लगाया है।

बहनों ने प्रशासन से इस बिंदु की भी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि संबंधित दस्तावेजों, पहचान संबंधी रिकॉर्ड और राजस्व अभिलेखों की जांच के बाद वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।

यदि जांच में नामांतरण संबंधी कोई अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग भी शिकायत में की गई है।

निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

तीनों बहनों ने अपनी शिकायत में शशि देवी और सतेन्द्र सिंह के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने विवादित भूमि पर कथित कब्जे और जुताई को रोकने तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की अपील की है।

जमीन से जुड़े मामलों में राजस्व दस्तावेज, रजिस्टर्ड दानपत्र, नामांतरण और अन्य अभिलेख महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इसलिए इस मामले में भी संबंधित दस्तावेजों की जांच के बाद ही भूमि के अधिकार और हिस्सेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

वहीं, शिकायतकर्ताओं की ओर से लगाए गए आरोपों के संबंध में दूसरे पक्ष का पक्ष सामने नहीं आया है। इसलिए खबर में लगाए गए आरोपों को शिकायतकर्ताओं के दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

जांच के बाद सामने आएगी वास्तविक स्थिति

फिलहाल मामला समाधान दिवस में शिकायत के रूप में सामने आया है। शिकायतकर्ता बहनों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की उम्मीद जताई है। अब संबंधित विभागों द्वारा भूमि के दस्तावेजों, राजस्व अभिलेखों और नामांतरण से जुड़े रिकॉर्ड की जांच किए जाने के बाद आगे की कार्रवाई तय हो सकती है।

कुल मिलाकर, घाटमपुर में सामने आया यह जमीन विवाद पारिवारिक संपत्ति और राजस्व अभिलेखों से जुड़ा है। ऐसे मामलों में दस्तावेजों की जांच और सभी पक्षों को सुनने के बाद ही निष्पक्ष निष्कर्ष तक पहुंचना संभव होता है। शिकायतकर्ता बहनों ने प्रशासन से इसी आधार पर पूरे मामले की जांच कराने और उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है।

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