कानपुर देहात में मेघ गर्जन और वज्रपात को लेकर प्रशासन हुआ अलर्ट, जरूर पढ़िए सावधानी बरतने की अपील

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रिपोर्ट – विशाल मिश्रा 

कानपुर देहात: जनपद। मौसम में बदलाव और मेघ गर्जन, वर्षा एवं वज्रपात की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने जनपद वासियों से सतर्क रहने की अपील की है। प्रशासन ने नागरिकों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करें। साथ ही, आकाशीय बिजली से बचाव के लिए जारी सुरक्षा दिशा-निर्देशों को गंभीरता से अपनाने की अपील की गई है।

प्रशासन के अनुसार, बारिश और वज्रपात के दौरान थोड़ी सी सावधानी बरतकर संभावित जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसलिए नागरिकों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने के साथ ही सुरक्षित स्थानों की जानकारी पहले से रखने की सलाह दी गई है।

खुले में हैं तो तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाएं

जिला प्रशासन ने कहा है कि यदि मेघगर्जन या वज्रपात के समय कोई व्यक्ति खुले स्थान पर है तो उसे तत्काल किसी पक्के और सुरक्षित भवन में शरण लेनी चाहिए। इसके अलावा खिड़कियों, दरवाजों, बरामदों और छत से दूरी बनाए रखना जरूरी है।

विशेष रूप से बिजली की सुचालक वस्तुओं के संपर्क से बचने की सलाह दी गई है। बिजली के उपकरणों और तारों से बच्चों तथा अन्य लोगों को दूर रखना चाहिए। वहीं, बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान तालाब, नदी, जलाशय या अन्य खुले जलस्रोतों के आसपास जाने से भी बचना चाहिए।

पेड़, खंभे और धातु की वस्तुओं से रहें दूर

वज्रपात के दौरान बिजली और टेलीफोन के खंभों के नीचे खड़े होना सुरक्षित नहीं माना जाता। प्रशासन ने लोगों से इनसे पर्याप्त दूरी बनाए रखने की अपील की है। इसी तरह तार की बाड़, मशीनों और धातु से बनी कृषि सामग्री के पास खड़े होने से भी बचना चाहिए।

यदि कोई व्यक्ति खुले स्थान पर है तो समूह बनाकर खड़े होने के बजाय एक-दूसरे से दूरी बनाए रखना बेहतर है। इसके अलावा मौसम सामान्य होने तक सुरक्षित स्थान पर बने रहने की सलाह दी गई है।

घर में भी बरतें विशेष सावधानी

आकाशीय बिजली के दौरान केवल बाहर ही नहीं, बल्कि घर के अंदर भी कुछ सावधानियां बरतना जरूरी है। प्रशासन ने नागरिकों को सलाह दी है कि मेघगर्जन और वज्रपात के समय पानी के नल, फ्रिज, टेलीफोन और बिजली से जुड़े अन्य उपकरणों को न छुएं।

इसके साथ ही बच्चों को विशेष रूप से सुरक्षित रखना चाहिए। उन्हें तालाबों, जलाशयों और खुले मैदानों की ओर जाने से रोकना जरूरी है। प्रशासन ने यह भी कहा है कि मौसम पूरी तरह साफ होने तक घर के अंदर रहना ही सुरक्षित विकल्प है।

जर्जर भवनों में न लें शरण

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खराब मौसम के दौरान जर्जर अथवा पुराने मकानों में शरण लेने से बचना चाहिए। इसी तरह ऊंची इमारतों वाले खुले क्षेत्रों में भी रुकने के बजाय सुरक्षित स्थान का चयन करना चाहिए।

पैदल चलते समय धातु की डंडी वाली छतरी का इस्तेमाल न करने की सलाह दी गई है। वहीं, बाहर रहने की स्थिति में धातु से बनी वस्तुओं का उपयोग करने से भी बचना चाहिए।

वज्रपात की स्थिति में क्या करें?

यदि कोई व्यक्ति आकाशीय बिजली की चपेट में आकर घायल होता है तो उसे जल्द से जल्द नजदीकी प्राथमिक चिकित्सा केंद्र या अस्पताल पहुंचाना चाहिए। प्रशासन ने नागरिकों से आपात स्थिति में 112 पर कॉल करने की अपील की है, ताकि आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

ऐसी स्थिति में आसपास मौजूद लोगों को घबराने के बजाय तत्काल सहायता के लिए कदम उठाना चाहिए। घायल व्यक्ति को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।

पशुओं की सुरक्षा का भी रखें ध्यान

खराब मौसम के दौरान केवल मनुष्यों ही नहीं, बल्कि पशुओं की सुरक्षा पर भी ध्यान देना जरूरी है। प्रशासन ने पशुपालकों से अपील की है कि वे अपने पशुओं को खुले स्थान पर न छोड़ें और उन्हें सुरक्षित स्थान पर बांधकर रखें।

बारिश, मेघगर्जन और वज्रपात के दौरान पशुओं को बिजली के खंभों, तारों और अन्य जोखिम वाले स्थानों से दूर रखना चाहिए।

मौसम संबंधी अपडेट पर रखें नजर

जिला प्रशासन ने नागरिकों से स्थानीय रेडियो, संचार माध्यमों और मौसम संबंधी आधिकारिक सूचनाओं पर नजर बनाए रखने की अपील की है। मौसम विभाग की ओर से जारी चेतावनियों को गंभीरता से लेते हुए उसी के अनुरूप अपनी गतिविधियों की योजना बनाने की सलाह दी गई है।

दरअसल, मौसम की जानकारी पहले से होने पर लोग यात्रा, खेती और अन्य जरूरी गतिविधियों को सुरक्षित तरीके से व्यवस्थित कर सकते हैं। इसलिए मौसम खराब होने की आशंका में प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करना सभी के लिए महत्वपूर्ण है।

आपदा की स्थिति में इन नंबरों पर करें संपर्क

जिला प्रशासन ने बताया कि जनपद में आपदा संबंधी त्वरित सहायता और सुरक्षा-बचाव के लिए जनपद स्तरीय टोल-फ्री नंबर 1077 सक्रिय है। इसके अलावा नागरिक 9044070030 और 9454416429 मोबाइल नंबरों पर भी आवश्यक सहायता के लिए संपर्क कर सकते हैं।

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें। विशेष रूप से मेघगर्जन और वज्रपात के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहना, जलाशयों से दूरी बनाए रखना और बिजली से जुड़ी वस्तुओं से बचाव करना बेहद जरूरी है।

अंततः प्रशासन का कहना है कि सतर्कता, सही जानकारी और समय पर सावधानी ही खराब मौसम के दौरान सुरक्षा का सबसे प्रभावी माध्यम है। इसलिए जनपदवासी मौसम विभाग और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और स्वयं के साथ-साथ बच्चों, बुजुर्गों तथा पशुओं की सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखें।

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