जल जीवन मिशन में लापरवाही पर हमीरपुर प्रशासन सख्त, कंधौली में दो टुल्लू पंप किए गए जब्त
रिपोर्ट – मोहम्मद अकरम
मुस्करा/हमीरपुर: ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक शुद्ध और पर्याप्त पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित जल जीवन मिशन की योजनाओं की निगरानी को लेकर हमीरपुर प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। इसी क्रम में अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे विजय सिंह ने विकासखंड मुस्करा की ग्राम पंचायत कंधौली का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पेयजल आपूर्ति व्यवस्था में कई तरह की अनियमितताएं सामने आईं।
अधिकारियों के निरीक्षण में जलापूर्ति लाइन से अवैध रूप से पानी खींचने के लिए टुल्लू पंप लगाए जाने, नलों की टोटियां क्षतिग्रस्त होने और कुछ स्थानों पर पाइपलाइन व अन्य सरकारी उपकरणों को नुकसान पहुंचाए जाने की स्थिति सामने आई। इस पर अपर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को व्यवस्था सुधारने और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
अवैध रूप से पानी खींचते मिले टुल्लू पंप
निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत कंधौली में जलापूर्ति लाइन से पानी खींचने के लिए दो टुल्लू पंप लगाए जाने की जानकारी सामने आई। प्रशासन के अनुसार इनका इस्तेमाल जलापूर्ति व्यवस्था से पानी खींचने के लिए किया जा रहा था।
मौके पर ही दोनों टुल्लू पंप जब्त कर लिए गए। इसके बाद आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करते हुए जब्त किए गए उपकरणों को ग्राम प्रधान हरिमिलन और ग्राम पंचायत की सुपुर्दगी में दिया गया।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि इन उपकरणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और दोबारा इनके अवैध इस्तेमाल की स्थिति उत्पन्न न हो। इसके लिए कंट्रोल रूम के माध्यम से समय-समय पर वीडियो कॉल के जरिए निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
बड़ी संख्या में नलों की टोटियां मिलीं खराब
निरीक्षण के दौरान पेयजल आपूर्ति व्यवस्था से जुड़ी एक और समस्या सामने आई। प्रशासन के अनुसार गांव में बड़ी संख्या में नलों की टोटियां क्षतिग्रस्त मिलीं। इसके कारण पानी लगातार बहने और पेयजल के अनावश्यक अपव्यय की स्थिति बन रही थी।
अधिकारियों के मुताबिक, लगभग 95 प्रतिशत से अधिक नलों की टोटियां टूटी हुई पाई गईं। इस स्थिति पर अपर जिलाधिकारी ने संबंधित कार्यदायी संस्था और विभागीय अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने व्यवस्था को जल्द दुरुस्त कराने और खराब टोटियों को ठीक कराने पर जोर दिया, ताकि जल जीवन मिशन के तहत उपलब्ध कराई जा रही पेयजल सुविधा का सही तरीके से उपयोग हो सके।
पाइपलाइन और सरकारी उपकरणों को नुकसान पर नाराजगी
निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानों पर ग्रामीणों द्वारा गड्ढे खोदकर जल जीवन मिशन की पाइपलाइन और अन्य उपकरणों को नुकसान पहुंचाए जाने की स्थिति भी सामने आई। प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया।
अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे ने स्पष्ट किया कि जल जीवन मिशन के तहत बिछाई गई पाइपलाइन, लगाए गए उपकरण और अन्य संबंधित संसाधन सरकारी एवं सार्वजनिक संपत्ति हैं। इसलिए इनके साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या नुकसान पहुंचाना उचित नहीं है।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को ऐसी घटनाओं पर नजर रखने और आवश्यकता के अनुसार नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
ग्रामीणों से पानी बचाने की अपील
अपर जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से जल जीवन मिशन के तहत उपलब्ध कराई जा रही पेयजल सुविधा का जिम्मेदारीपूर्वक इस्तेमाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पेयजल व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में प्रशासन के साथ ग्रामीणों की सहभागिता भी जरूरी है।
उन्होंने लोगों से पानी की बर्बादी रोकने, नलों की टोटियों को क्षतिग्रस्त न करने और पाइपलाइन सहित अन्य सरकारी संसाधनों को सुरक्षित रखने की अपील की।
इसके अलावा, ग्रामीणों को यह भी समझाया गया कि जलापूर्ति व्यवस्था में किसी प्रकार की समस्या होने पर स्वयं पाइपलाइन या उपकरण से छेड़छाड़ करने के बजाय संबंधित विभाग को इसकी जानकारी दें। इससे समस्या का नियमानुसार समाधान किया जा सकेगा और पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित नहीं होगी।
अवैध कनेक्शन और नुकसान पर कार्रवाई की चेतावनी
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जल जीवन मिशन की पेयजल योजनाओं में अवैध रूप से हस्तक्षेप करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अपर जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि जलापूर्ति लाइन में अवैध कट लगाने, टुल्लू पंप लगाकर पानी खींचने या सरकारी पेयजल परिसंपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की स्थिति में संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
आवश्यकता पड़ने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई भी की जाएगी। प्रशासन की इस सख्ती का उद्देश्य जल जीवन मिशन की व्यवस्था को व्यवस्थित बनाए रखना और ग्रामीणों को निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराना है।
अधिकारियों को नियमित निगरानी के निर्देश
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को जल जीवन मिशन की योजनाओं की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को पर्याप्त और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है, इसलिए इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
इसके साथ ही अधिकारियों को गांव में पेयजल आपूर्ति की स्थिति पर लगातार नजर रखने और सामने आने वाली समस्याओं का समय से समाधान करने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान एक्सईएन, कार्यदायी संस्था/कंपनी के प्रतिनिधि, जल निगम के जेई सहित अन्य संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
जल संरक्षण और योजना की सुरक्षा पर जोर
जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़ी संख्या में पाइपलाइन और घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। ऐसे में इन संसाधनों की सुरक्षा और पानी की बचत दोनों महत्वपूर्ण हैं।
कंधौली में हुए निरीक्षण के दौरान प्रशासन ने एक ओर जहां अनियमितताओं पर कार्रवाई की, वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों से सहयोग की अपील भी की। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि पेयजल योजनाओं का लाभ सभी पात्र परिवारों तक नियमित रूप से पहुंचे और पानी की बर्बादी को रोका जा सके।
इस प्रकार, कंधौली में औचक निरीक्षण के दौरान सामने आई समस्याओं के बाद प्रशासन ने संबंधित विभागों को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए हैं। दो टुल्लू पंप जब्त किए जाने के साथ-साथ खराब नलों और क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की समस्या को भी गंभीरता से लिया गया है। अब संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि निर्देशों के अनुसार व्यवस्था में सुधार कर ग्रामीणों को सुचारु पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करें।

