गंगा बैराज के गांवों में बारिश के बाद बढ़े संक्रामक रोग, 750 से अधिक मरीजों को मिला निशुल्क उपचार
रिपोर्ट- विक्की रघुवंशी
कानपुर। बारिश और जलभराव के बाद गंगा बैराज से जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों में मौसमी और संक्रामक बीमारियों के लक्षण वाले मरीजों की संख्या बढ़ती दिखाई दे रही है। क्षेत्र में डेंगू, टाइफाइड, चिकनगुनिया, इन्फ्लुएंजा, मलेरिया और वायरल फीवर जैसे लक्षणों से पीड़ित लोगों के सामने आने के बीच शनिवार को गंगा बैराज के बनियापुरवा चौकी के समीप एक निशुल्क होम्योपैथिक स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया गया। इस स्वास्थ्य शिविर में 750 से अधिक मरीजों का निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और जरूरत के अनुसार दवाएं वितरित की गईं।
यह स्वास्थ्य मेला आरोग्यधाम एवं भारतीय जनता पार्टी चिकित्सा प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ। शिविर का उद्देश्य बारिश और जलभराव के बीच ग्रामीणों को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना और मौसमी बीमारियों के प्रति लोगों को जागरूक करना रहा।
डेंगू जैसे लक्षण वाले 100 से अधिक मरीज मिले
स्वास्थ्य शिविर के दौरान आरोग्यधाम की टीम ने बड़ी संख्या में ऐसे मरीजों का परीक्षण किया, जिनमें अलग-अलग बीमारियों से जुड़े लक्षण पाए गए। टीम के अनुसार, 100 से अधिक मरीजों में डेंगू जैसे लक्षण दिखाई दिए। वहीं 125 से अधिक मरीजों ने जोड़ों में दर्द की शिकायत की।
इसके अलावा करीब 150 से अधिक मरीजों में खाज-खुजली की समस्या सामने आई। लगभग 80 से अधिक मरीज खरवा से प्रभावित मिले, जबकि 90 से अधिक मरीजों में इन्फ्लुएंजा वायरस से संबंधित लक्षण पाए गए। इसी तरह 50 से अधिक मरीजों में अस्थमा की समस्या भी सामने आई।
शिविर में छोटे बच्चों में खांसी, जुकाम, पसली चलना और डायरिया जैसी स्वास्थ्य समस्याओं की जांच की गई। वहीं बुजुर्ग मरीजों में उच्च रक्तचाप और डायबिटीज जैसी समस्याओं से संबंधित स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया।
हालांकि, शिविर में सामने आए लक्षण अपने आप में किसी बीमारी की अंतिम पुष्टि नहीं माने जा सकते। डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड या चिकनगुनिया जैसी बीमारियों की पुष्टि चिकित्सकीय जांच के बाद ही की जाती है।
10 वर्षों से लगाया जा रहा निशुल्क स्वास्थ्य शिविर
वरिष्ठ होम्योपैथिक फिजिशियन डॉ. हेमंत मोहन और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. आरती मोहन ने बताया कि स्वर्गीय रेवती रमन मोहन की प्रेरणा से आरोग्यधाम की ओर से गंगा बैराज क्षेत्र में पिछले 10 वर्षों से अधिक समय से निशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इन शिविरों के माध्यम से क्षेत्र के लोगों को डेंगू, चिकनगुनिया और अन्य वायरल बीमारियों के मौसम में निशुल्क चिकित्सकीय परामर्श और दवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है। इस बार भी बारिश और जलभराव के बाद स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को देखते हुए शिविर का आयोजन किया गया।
चिकित्सकों ने मरीजों के लक्षणों के आधार पर होम्योपैथिक दवाएं वितरित कीं और लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सावधानी बरतने की सलाह दी।
बुखार में सावधानी बरतने की सलाह
डॉ. हेमंत मोहन और डॉ. आरती मोहन ने स्वास्थ्य शिविर में आए लोगों को बुखार और अन्य लक्षणों को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि किसी भी दवा का सेवन चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ही किया जाना चाहिए।
उन्होंने विशेष रूप से दर्द निवारक दवाओं, एंटीबायोटिक और स्टेरॉयड के अनावश्यक सेवन से बचने की सलाह दी। चिकित्सकों ने बताया कि तेज बुखार होने पर मरीज को पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ देना जरूरी है। वहीं ओआरएस घोल का सेवन भी शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट की कमी को दूर करने में सहायक हो सकता है।
शिविर में लंबे समय से बुखार से पीड़ित मरीजों का भी परीक्षण किया गया। चिकित्सकों के अनुसार, एक महीने से अधिक समय से बुखार की शिकायत वाले कुछ मरीजों को भी चिकित्सकीय परामर्श और उपचार उपलब्ध कराया गया।
साथ ही लोगों को प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाए रखने के लिए संतुलित खान-पान, पर्याप्त आराम और साफ-सफाई पर ध्यान देने की सलाह दी गई। शिविर में इम्यूनिटी बूस्टर के रूप में दवाएं भी वितरित की गईं।
तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी, लगातार उल्टी-दस्त, अत्यधिक कमजोरी या अन्य गंभीर लक्षण होने पर मरीजों को तत्काल योग्य चिकित्सक या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करना चाहिए।
महिलाओं का भी हुआ निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण
स्वास्थ्य शिविर में महिलाओं के स्वास्थ्य को भी विशेष महत्व दिया गया। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. आरती मोहन ने महिलाओं का निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया।
शिविर में चेचक, खसरा, हरपीज, अनियमित मासिक धर्म और हार्मोनल समस्याओं से संबंधित शिकायतें लेकर पहुंचीं महिलाओं की जांच की गई। महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूक किया गया और आवश्यकता के अनुसार चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया गया।
इसके साथ ही बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य की भी जांच की गई। इससे शिविर में पहुंचे ग्रामीणों को एक ही स्थान पर विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के लिए प्राथमिक चिकित्सकीय परामर्श मिल सका।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ शिविर का शुभारंभ
निशुल्क स्वास्थ्य मेले का शुभारंभ वरिष्ठ समाजसेवी एवं रोटेरियन एस.पी.एन. तिवारी, सिख सभा के वाइस चेयरमैन रविंद्र सिंह, विशिष्ट अतिथि हरविंदर सिंह और आरोग्यधाम की संस्थापिका पुष्पा मोहन ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं के महत्व और ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों की आवश्यकता पर जोर दिया गया। आयोजकों ने कहा कि बारिश के मौसम में जलभराव के कारण लोगों को स्वास्थ्य संबंधी कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में समय-समय पर स्वास्थ्य शिविर आयोजित करके लोगों को जांच और चिकित्सकीय सलाह उपलब्ध कराना उपयोगी है।
ग्रामीणों ने टीम का जताया आभार
गंगा बैराज क्षेत्र के लोगों ने निशुल्क स्वास्थ्य शिविर के आयोजन की सराहना की। ग्रामीणों ने कहा कि स्थानीय स्तर पर इस तरह के स्वास्थ्य शिविर आयोजित होने से लोगों को जांच और प्राथमिक चिकित्सकीय परामर्श के लिए दूर नहीं जाना पड़ता।
ग्रामीणों ने आरोग्यधाम और भारतीय जनता पार्टी चिकित्सा प्रकोष्ठ की टीम का आभार जताते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाने की उम्मीद जताई।
शिविर में अशोक वाजपेई, प्रिया शर्मा, संध्या यादव, श्रुति शर्मा, राहुल शर्मा, आशीष निषाद, अमित मिश्रा, प्रिया निषाद, राकेश कुमार समेत अनेक कार्यकर्ता और सहयोगी मौजूद रहे।

