कानपुर में ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग का संयुक्त अभियान, 120 वाहनों के चालान

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रिपोर्ट- हरिशंकर शर्मा 

कानपुर। शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के उद्देश्य से परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीम और ट्रैफिक पुलिस ने संयुक्त रूप से सघन चेकिंग अभियान चलाया। ‘सड़क सुरक्षा, जीवन रक्षा’ अभियान के तहत हुई इस कार्रवाई में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले कुल 120 वाहनों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई।

अभियान के दौरान अधिकारियों और पुलिस कर्मियों ने वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया। साथ ही, नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई। इस दौरान विशेष रूप से ओवरस्पीडिंग, बिना हेलमेट, बिना सीटबेल्ट, गलत नंबर प्लेट, नो-पार्किंग और रॉन्ग साइड ड्राइविंग जैसे मामलों पर निगरानी रखी गई।

सड़क सुरक्षा को लेकर सख्ती

कानपुर शहर में लगातार बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की ओर से समय-समय पर चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में संयुक्त टीम ने विभिन्न स्थानों पर वाहनों की जांच की।

अधिकारियों का उद्देश्य केवल चालान करना नहीं, बल्कि वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना भी रहा। चेकिंग के दौरान चालकों को समझाया गया कि सड़क पर वाहन चलाते समय थोड़ी सी लापरवाही भी परेशानी का कारण बन सकती है। इसलिए हेलमेट और सीटबेल्ट जैसे सुरक्षा उपायों को औपचारिकता न मानते हुए अपनी सुरक्षा का जरूरी हिस्सा समझना चाहिए।

120 वाहनों पर हुई चालानी कार्रवाई

संयुक्त अभियान के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 120 वाहनों के चालान किए गए। प्रवर्तन टीम ने अलग-अलग नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की। इनमें तेज गति से वाहन चलाने वाले चालक, बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वाले, सीटबेल्ट का प्रयोग नहीं करने वाले तथा गलत तरीके से वाहन पार्क करने वाले चालक शामिल रहे।

इसके अलावा, वाहनों की नंबर प्लेट की भी जांच की गई। त्रुटिपूर्ण अथवा निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई नंबर प्लेट वाले वाहनों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने वाहन चालकों को निर्देश दिया कि वे अपने वाहनों के दस्तावेज और नंबर प्लेट नियमानुसार रखें।

ओवरस्पीडिंग पर विशेष नजर

चेकिंग अभियान के दौरान ओवरस्पीडिंग को लेकर भी विशेष निगरानी रखी गई। तेज गति से वाहन चलाने के कारण सड़क पर चालक के नियंत्रण की क्षमता प्रभावित हो सकती है। ऐसे में वाहन चालकों से निर्धारित गति सीमा के भीतर वाहन चलाने की अपील की गई।

दरअसल, शहरी क्षेत्रों में सड़क पर पैदल चलने वाले लोगों, दोपहिया वाहनों, ई-रिक्शा, ऑटो और अन्य वाहनों की मौजूदगी रहती है। इसलिए तेज गति से वाहन चलाने की स्थिति में अचानक सामने आने वाली परिस्थितियों पर नियंत्रण करना मुश्किल हो सकता है। इसी वजह से यातायात पुलिस और परिवहन विभाग की ओर से ओवरस्पीडिंग के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।

बिना हेलमेट और सीटबेल्ट वालों पर कार्रवाई

अभियान के दौरान बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले दोपहिया चालकों पर भी कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने वाहन चालकों को बताया कि हेलमेट केवल यातायात नियमों का पालन करने के लिए नहीं, बल्कि सड़क पर सुरक्षा के लिए भी आवश्यक है।

इसी तरह कार और अन्य चार पहिया वाहनों में सीटबेल्ट का इस्तेमाल नहीं करने वाले चालकों को भी नियमों की जानकारी दी गई। यातायात पुलिस ने लोगों से अपील की कि वाहन में बैठने के बाद सीटबेल्ट का प्रयोग जरूर करें।

ड्रंक एंड ड्राइव और रॉन्ग साइड ड्राइविंग पर शिकंजा

संयुक्त अभियान में ड्रंक एंड ड्राइव और रॉन्ग साइड ड्राइविंग जैसे यातायात नियमों के उल्लंघन पर भी विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सड़क पर वाहन चलाते समय नियमों का पालन करना प्रत्येक चालक की जिम्मेदारी है।

रॉन्ग साइड वाहन चलाने से यातायात व्यवस्था प्रभावित होने के साथ-साथ अन्य वाहन चालकों के लिए भी परेशानी पैदा हो सकती है। इसलिए वाहन चालकों को निर्धारित दिशा और लेन में ही वाहन चलाने के लिए जागरूक किया गया।

इसी प्रकार शराब के प्रभाव में वाहन चलाने से चालक की निर्णय लेने और वाहन नियंत्रित करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। ऐसे में सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ड्रंक एंड ड्राइव के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई पर जोर दिया गया।

नो-पार्किंग में खड़े वाहनों की भी जांच

शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए नो-पार्किंग जोन में वाहन खड़ा करने वालों पर भी कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने बताया कि निर्धारित स्थान के अलावा सड़क किनारे वाहन खड़े करने से यातायात का प्रवाह प्रभावित होता है और कई बार सड़क पर अनावश्यक जाम की स्थिति बन जाती है।

इसलिए वाहन चालकों से अपील की गई कि वे केवल निर्धारित पार्किंग स्थानों का ही इस्तेमाल करें। इससे सड़क पर यातायात का संचालन सुचारू रखने में मदद मिलेगी।

जागरूकता पर भी दिया गया जोर

सड़क सुरक्षा, जीवन रक्षा’ अभियान का एक प्रमुख उद्देश्य लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना भी है। इसी क्रम में चेकिंग के दौरान वाहन चालकों को नियमों की जानकारी दी गई और सुरक्षित यातायात व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

अधिकारियों ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस या परिवहन विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। बल्कि इसमें वाहन चालक, पैदल यात्री और सड़क का इस्तेमाल करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है। यदि लोग स्वयं यातायात नियमों का पालन करें तो सड़क पर व्यवस्था को बेहतर बनाने में काफी मदद मिल सकती है।

परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस की संयुक्त कार्रवाई

यह अभियान कानपुर आरटीओ (मंडल प्रवर्तन) राहुल श्रीवास्तव के निर्देशन में संचालित किया गया। अभियान में परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीम और यातायात पुलिस ने मिलकर वाहनों की जांच की।

इस दौरान पीटीओ दीपक सिंह, अनिल कुमार, ट्रैफिक एसआई तथा यातायात पुलिस कर्मी मौजूद रहे। टीम ने विभिन्न वाहनों को रोककर आवश्यक जांच की और नियमों का उल्लंघन मिलने पर नियमानुसार चालानी कार्रवाई की।

अभियान के दौरान अधिकारियों ने वाहन चालकों से अपील की कि वे वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन करें। दोपहिया वाहन चालक हेलमेट और चार पहिया वाहन चालक सीटबेल्ट का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करें। इसके अलावा निर्धारित गति सीमा का पालन करने, गलत दिशा में वाहन नहीं चलाने और नो-पार्किंग क्षेत्र में वाहन नहीं खड़ा करने की भी अपील की गई।

आगे भी जारी रह सकती है कार्रवाई

कानपुर में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने और सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहने की उम्मीद है। परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ यातायात अनुशासन को मजबूत करने में मदद मिल सकती है

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