कानपुर गौशाला सोसाइटी में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव उल्लास के साथ मनाया गया – प्रेम भाव का लिया गया संकल्प

ed31e690-90b5-4767-8454-a4e4616a6a91

रिपोर्ट – विक्की रघुवंशी 

कानपुर: कानपुर गौशाला सोसाइटी की भौती शाखा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर गौशाला परिसर में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें गौ-भक्तों और स्थानीय लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। राधा-कृष्ण की प्रतिमा और गौ-माता की आरती कर विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने फूलों की वर्षा कर जन्माष्टमी उत्सव का आनंद लिया।

कार्यक्रम के दौरान पूरे परिसर में भक्ति का वातावरण देखने को मिला। बड़ी संख्या में गौ-भक्त और समाज के लोग कार्यक्रम में शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए पूजा-अर्चना की और गौ-सेवा के महत्व को भी रेखांकित किया।

राधा-कृष्ण और गौ-माता की आरती से हुआ कार्यक्रम

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर कानपुर गौशाला सोसाइटी की भौती शाखा को विशेष रूप से सजाया गया। कार्यक्रम में शामिल गौ-भक्तों ने राधा-कृष्ण की प्रतिमा के साथ गौ-माता की आरती की। इसके बाद श्रद्धालुओं ने फूलों की वर्षा कर उत्सव में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।

जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण का जीवन धर्म, कर्म, नीति, करुणा और लोककल्याण का संदेश देता है। इसी भावना के साथ गौशाला परिसर में आयोजित कार्यक्रम में भगवान श्रीकृष्ण और गौ-सेवा के संबंध को भी प्रमुखता से रखा गया।

श्रीकृष्ण के अवतार और धर्म की चर्चा

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे गौशाला के उपसभापति सुरेश गुप्ता ने उपस्थित गौ-भक्तों को संबोधित किया। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के अवतार से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि जब-जब धरती पर अधर्म बढ़ता है और धर्म की हानि होती है, तब भगवान का अवतार होता है।

उन्होंने कहा कि भगवान विष्णु के आठवें अवतार के रूप में श्रीकृष्ण का अवतरण हुआ। श्रीकृष्ण का जीवन मानव समाज को धर्म और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने उपस्थित लोगों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं भी दीं।

श्रीकृष्ण का जीवन देता है प्रेरणा

गौशाला के कार्यवाहक महामंत्री विश्वनाथ कनोडिया ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन आज के समाज के लिए भी प्रेरणादायक है। उन्होंने श्रीकृष्ण को नीति और कर्म का मर्म समझाने वाला बताया।

उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण नीति के मर्मज्ञ होने के साथ कर्म के प्रवर्तक भी हैं। वहीं, धर्म के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और समाज को सही दिशा देने वाली उनकी शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक हैं।

कार्यवाहक महामंत्री ने कहा कि श्रीकृष्ण के जीवन और उनके संदेशों से समाज को कर्तव्य, संयम, विवेक और लोककल्याण की प्रेरणा मिलती है। इसलिए जन्माष्टमी केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण के विचारों को जीवन में अपनाने का अवसर भी है।

गौ-प्रेम और करुणा का संदेश

गौशाला के मंत्री कृष्ण गुप्त बब्बू ने भगवान श्रीकृष्ण के गौ-प्रेम पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भगवान गोपाल कृष्ण को धर्म, करुणा और गौ-प्रेम के प्रतीक के रूप में माना जाता है।

उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में गौ-सेवा का विशेष महत्व रहा है। ऐसे में जन्माष्टमी के अवसर पर गौशाला में कार्यक्रम का आयोजन भगवान श्रीकृष्ण के प्रति श्रद्धा के साथ-साथ गौ-सेवा की भावना को भी मजबूत करता है।

इसके अलावा, उन्होंने लोगों से धार्मिक आयोजनों के साथ समाज और जीव-जंतुओं के प्रति करुणा तथा सेवा की भावना को आगे बढ़ाने की अपील की।

सैकड़ों गौ-भक्त कार्यक्रम में हुए शामिल

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव में कानपुर गौशाला सोसाइटी के पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में गौ-भक्त उपस्थित रहे। कार्यक्रम में श्याम कनोडिया, रामगोपाल मिश्रा, संजीव दुबे, विवेक सिंह, बी.डी. चंदेल, महेश पांडे, दिनेश शुक्ला और नरेंद्र सिंह सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

सैकड़ों गौ-भक्तों की मौजूदगी से गौशाला परिसर में उत्सव का माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं ने धार्मिक कार्यक्रम में सहभागिता की और राधा-कृष्ण की पूजा-अर्चना के साथ गौ-माता की आरती में भी भाग लिया।

धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक संदेश

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े विभिन्न आदर्शों को वर्तमान समाज के संदर्भ में प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का संदेश कर्म, धर्म, नीति और करुणा से जुड़ा है।

वहीं, गौशाला में आयोजित जन्माष्टमी समारोह ने धार्मिक आस्था के साथ गौ-सेवा और जीवों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश भी दिया। आयोजकों ने कहा कि धार्मिक पर्व समाज को जोड़ने और सकारात्मक मूल्यों को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करते हैं।

पदाधिकारियों ने संभाली आयोजन की जिम्मेदारी

कार्यक्रम की अध्यक्षता गौशाला के उपसभापति सुरेश गुप्ता ने की, जबकि संचालन गौशाला के मंत्री कृष्ण गुप्त बब्बू ने किया। पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के सहयोग से कार्यक्रम को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया गया।

इस दौरान उपस्थित लोगों ने भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की और गौशाला की गतिविधियों में सहयोग की भावना भी दिखाई। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी गौ-भक्तों और उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस प्रकार, कानपुर गौशाला सोसाइटी की भौती शाखा में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के वातावरण में संपन्न हुआ। राधा-कृष्ण की पूजा, गौ-माता की आरती और फूलों की वर्षा के बीच श्रद्धालुओं ने पर्व मनाया। साथ ही वक्ताओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनके विचारों और गौ-प्रेम से जुड़े संदेशों को समाज के सामने रखा।

You may have missed