बिजनौर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी जुलूस की ड्रोन से निगरानी, 76 जुलूसों पर पुलिस की पैनी नजर

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रिपोर्ट- तापिश मिर्जा 

बिजनौर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के अवसर पर जनपद बिजनौर में आयोजित किए जा रहे जुलूसों को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस-प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। जिले में निकलने वाले विभिन्न जुलूसों की सुरक्षा व्यवस्था पर पुलिस की विशेष निगरानी है। इसी क्रम में जुलूस मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर ड्रोन कैमरों के माध्यम से भी निगरानी की जा रही है।

जनपद में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर कुल 76 जुलूसों को लेकर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है। इन जुलूसों के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो, इसके लिए स्थानीय पुलिस के साथ-साथ वरिष्ठ अधिकारियों और अतिरिक्त सुरक्षा बलों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। खास तौर पर नगीना और नूरपुर क्षेत्र में निकलने वाले प्रमुख जुलूसों को लेकर पुलिस प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं।

ऐतिहासिक राम डोल जुलूस पर विशेष निगरानी

थाना नगीना क्षेत्र में आयोजित होने वाला ऐतिहासिक राम डोल जुलूस जन्माष्टमी महोत्सव का प्रमुख आयोजन माना जाता है। इस जुलूस को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस अधिकारियों की विशेष तैनाती की गई है। जुलूस के दौरान मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ भीड़ की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।

पुलिस प्रशासन की ओर से जुलूस के प्रमुख मार्गों और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है। इसके अलावा ड्रोन के जरिए ऊपर से पूरे जुलूस क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। इससे पुलिस को भीड़ की स्थिति और जुलूस की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने में मदद मिल रही है।

एडिशनल एसपी समेत वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती

जन्माष्टमी के जुलूसों को लेकर बिजनौर पुलिस ने व्यापक स्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की है। सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए एक एडिशनल एसपी, पांच क्षेत्राधिकारी (सीओ), 10 थाना प्रभारी (SHO) और 20 इंस्पेक्टर को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इसके साथ ही नगीना और नूरपुर में निकलने वाले प्रमुख जुलूसों की निगरानी के लिए पैरामिलिट्री फोर्स और गैर-जनपद से आए अधिकारियों को भी जिम्मेदारी दी गई है। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था लगातार मजबूत बनी रहे और किसी भी स्थिति से प्रभावी तरीके से निपटा जा सके।

76 जुलूसों पर पुलिस की पैनी नजर

बिजनौर जनपद में जन्माष्टमी के अवसर पर अलग-अलग स्थानों पर निकलने वाले 76 जुलूसों को लेकर पुलिस प्रशासन ने पहले से तैयारी की है। सभी जुलूसों के निर्धारित मार्ग, समय और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पुलिस बल की तैनाती की गई है।

स्थानीय पुलिस अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में जुलूसों की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, वरिष्ठ अधिकारी लगातार सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं। इसके अलावा जुलूस मार्गों पर पुलिस कर्मियों की मौजूदगी भी सुनिश्चित की गई है।

पुलिस प्रशासन का प्रयास है कि धार्मिक आयोजन श्रद्धा, उत्साह और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो। इसके लिए आयोजकों और स्थानीय लोगों से भी प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की जा रही है।

ड्रोन कैमरों से हो रही निगरानी

जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। ड्रोन के माध्यम से जुलूस के मार्ग, आसपास के क्षेत्रों और भीड़ की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से पुलिस को जुलूस के दौरान होने वाली गतिविधियों की निगरानी में मदद मिल रही है। खास तौर पर अधिक भीड़ वाले स्थानों पर स्थिति का आकलन करने के लिए ड्रोन निगरानी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इसके साथ ही पुलिस टीमों को जुलूस मार्ग पर तैनात किया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जा सके। प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार समन्वय बनाए रखा जा रहा है।

नगीना और नूरपुर पर विशेष फोकस

जिले के नगीना और नूरपुर क्षेत्र में निकलने वाले प्रमुख जुलूसों को लेकर पुलिस प्रशासन का विशेष फोकस है। इन क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल और अन्य सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है।

गैर-जनपद से आने वाले अधिकारियों को भी सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा पैरामिलिट्री फोर्स की मौजूदगी से सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में जुलूसों को निर्धारित मार्ग से शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने की प्रक्रिया चल रही है।

पुलिस प्रशासन ने स्थानीय स्तर पर भी लोगों से सहयोग की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि धार्मिक आयोजनों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में आम नागरिकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है।

पुलिस प्रशासन की लगातार निगरानी

जन्माष्टमी महोत्सव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए बिजनौर पुलिस की ओर से व्यापक स्तर पर निगरानी की जा रही है। पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे हैं।

जुलूस के दौरान यातायात व्यवस्था को बनाए रखना भी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ऐसे में जुलूस मार्ग पर भीड़ और वाहनों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।

इसके अलावा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर रखें और किसी भी प्रकार की समस्या सामने आने पर तत्काल उच्च अधिकारियों को जानकारी दें।

शांतिपूर्ण आयोजन के लिए प्रशासन की अपील

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी देशभर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई जाती है। बिजनौर में भी इस पर्व को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। ऐसे में पुलिस और प्रशासन की कोशिश है कि सभी धार्मिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हों।

पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जुलूस के दौरान निर्धारित नियमों और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें। साथ ही किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।

प्रशासन की ओर से सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली सूचनाओं पर भी नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना से माहौल प्रभावित न हो।

पुलिस अधीक्षक ने दी सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी

बिजनौर के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने जुलूसों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनपद में आयोजित होने वाले जुलूसों को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

विशेष रूप से नगीना के ऐतिहासिक राम डोल जुलूस को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। ड्रोन के माध्यम से भी निगरानी की जा रही है। अधिकारियों और पुलिस बल की तैनाती का उद्देश्य जन्माष्टमी के सभी आयोजनों को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना है।

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