CJP का पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने तक मार्च, सौरव दास ने उठाए सवाल, नीशू के पिता से मारपीट का मामला गरमाया

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Digital UP News Desk

नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के को-कन्वीनर सौरव दास और प्रवक्ता आशुतोष रांका शुक्रवार को पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे। दोनों नेताओं ने CJP कार्यकर्ता नीशू आजाद और उनके पिता संजय कुमार के लिए न्याय की मांग की। उनका आरोप है कि जुलाई में जंतर-मंतर पर हुए CJP के प्रदर्शन के दौरान संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई थी। मामले में FIR दर्ज होने के बावजूद डेढ़ महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी आरोपी के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।

CJP नेताओं का कहना है कि पुलिस को मामले में तेजी से जांच करनी चाहिए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, मामले में आरोपी बताए जा रहे स्वतंत्र भारद्वाज ने अलग दावा करते हुए कहा है कि घटना हमला नहीं बल्कि आत्मरक्षा में हुई कार्रवाई थी।

पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचे CJP नेता

शुक्रवार को सौरव दास और आशुतोष रांका पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे। इस दौरान उन्होंने नीशू आजाद और उनके पिता संजय कुमार से जुड़े मामले में पुलिस से कार्रवाई की मांग की।

सौरव दास के मुताबिक, संजय कुमार पर कथित हमले के मामले में FIR पहले ही दर्ज हो चुकी है। इसके बावजूद लंबे समय से आरोपी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पुलिस के पास शिकायत और FIR मौजूद है तो जांच को आगे बढ़ाने में इतनी देरी क्यों हो रही है।

CJP नेताओं ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच करने और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

जुलाई में जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान हुआ था विवाद

मामला जुलाई में जंतर-मंतर पर हुए CJP के प्रदर्शन से जुड़ा है। CJP कार्यकर्ता नीशू आजाद ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शन के दौरान उनके पिता संजय कुमार के साथ मारपीट हुई थी। उनके अनुसार, इस घटना में उनके पिता के सिर पर गंभीर चोट आई और उपचार के दौरान कई टांके लगाने पड़े।

नीशू का कहना है कि घटना के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी। हालांकि, उनका आरोप है कि FIR दर्ज होने के बावजूद आरोपी के खिलाफ अभी तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

यही वजह है कि अब CJP नेताओं ने पुलिस स्टेशन पहुंचकर मामले में कार्रवाई की मांग तेज कर दी है।

वायरल वीडियो को लेकर नीशू ने उठाए सवाल

मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया, जब सोशल मीडिया पर एक पॉडकास्ट क्लिप वायरल हुई। नीशू आजाद ने इस वीडियो को साझा करते हुए दावा किया कि इसमें स्वतंत्र भारद्वाज कथित तौर पर उनके पिता को चोट पहुंचाने की बात स्वीकार करते नजर आ रहे हैं।

नीशू ने वीडियो के आधार पर आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ गंभीर आरोप हैं और घटना से जुड़े साक्ष्य उपलब्ध हैं, तो पुलिस को मामले की जांच पूरी कर कानून के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए।

नीशू ने सोशल मीडिया के जरिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी से भी न्याय दिलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि उनकी आवाज राजनीतिक स्तर पर भी उठाई जाएगी।

हालांकि, वायरल वीडियो के दावों और उसमें कही गई बातों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट के आधार पर नहीं हुई है। इसलिए मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आएगा।

स्वतंत्र भारद्वाज ने दी अलग सफाई

दूसरी ओर, मामले में आरोपी बताए जा रहे स्वतंत्र भारद्वाज ने घटना को लेकर अलग पक्ष रखा है। उनका कहना है कि जिसे मारपीट या हमला बताया जा रहा है, वह वास्तव में आत्मरक्षा की स्थिति थी।

स्वतंत्र भारद्वाज के अनुसार, उन्हें कई लोगों ने घेर रखा था और उस समय उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर खतरा महसूस हुआ। उनका दावा है कि यदि उन्होंने आत्मरक्षा में कदम नहीं उठाया होता तो स्थिति उनके लिए गंभीर हो सकती थी।

उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके पास घटना से संबंधित वीडियो सबूत मौजूद हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस की मेडिकल रिपोर्ट में संजय कुमार को कोई गंभीर चोट नहीं बताए जाने की बात सामने आई है और मामले की जांच जारी है।

उन्होंने यह भी कहा कि वह जांच में पुलिस का पूरा सहयोग कर रहे हैं।

इस प्रकार, एक तरफ जहां CJP और नीशू आजाद पक्ष का आरोप है कि संजय कुमार पर हमला किया गया और मामले में कार्रवाई नहीं हुई, वहीं स्वतंत्र भारद्वाज का कहना है कि घटना आत्मरक्षा के दौरान हुई। इसलिए पूरे मामले की सच्चाई जांच के निष्कर्ष के बाद ही स्पष्ट होगी।

सौरव दास ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

CJP के को-कन्वीनर सौरव दास ने पुलिस की कार्रवाई में देरी को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना है कि जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था और इसी दौरान विवाद की स्थिति पैदा हुई।

सौरव दास ने आरोप लगाया कि इस घटना के लिए जिम्मेदार बताए जा रहे लोगों के खिलाफ पहले भी गंभीर आरोप रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि यदि किसी मामले में पुलिस के सामने शिकायत और अन्य साक्ष्य मौजूद हैं तो कार्रवाई में इतनी देरी क्यों हो रही है।

हालांकि, इन राजनीतिक आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है और किसी भी व्यक्ति की जिम्मेदारी जांच तथा कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही तय की जा सकती है।

आशुतोष रांका ने भी की कार्रवाई की मांग

CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि संगठन नीशू आजाद और उनके पिता के साथ खड़ा है। उन्होंने दावा किया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान संजय कुमार के साथ मारपीट हुई थी और संगठन शुरुआत से ही न्याय की मांग कर रहा है।

रांका ने पुलिस से मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि पुलिस को वायरल वीडियो, मेडिकल दस्तावेज, FIR और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच करनी चाहिए।

CJP की ओर से मामले में गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग भी की गई है। हालांकि, कौन-सी धाराएं लागू होंगी, यह जांच में सामने आने वाले तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

पुलिस जांच के बाद साफ होगी तस्वीर

फिलहाल इस मामले में दो अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। नीशू आजाद और CJP नेताओं का आरोप है कि उनके पिता के साथ हमला हुआ और FIR दर्ज होने के बावजूद कार्रवाई में देरी की जा रही है। दूसरी ओर, स्वतंत्र भारद्वाज घटना को आत्मरक्षा से जुड़ा मामला बता रहे हैं।

ऐसे में पुलिस जांच इस पूरे विवाद में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। घटना के वीडियो, मेडिकल रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच से यह स्पष्ट हो सकता है कि उस दिन वास्तव में क्या हुआ था।

कानूनी प्रक्रिया पूरी होने से पहले किसी भी पक्ष को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। इसलिए मामले में पुलिस की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।

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