मथुरा में CM योगी बोले- आस्था मिटाने वाले मिट्टी में मिल गए, बाबर-औरंगजेब के अनुयायी जहर घोल रहे

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Digital UP News Desk

मथुरा: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के मथुरा में श्रद्धा और उत्साह का माहौल है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूजा-अर्चना की और भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान मंदिर परिसर और आसपास बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने ब्रजवासियों और श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा भी की।

श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सनातन परंपरा और भारत की सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत पर अलग-अलग समय में अनेक आक्रमण हुए, लेकिन देश की आस्था और सनातन संस्कृति को कोई मिटा नहीं सका।

उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने भारत की आस्था और परंपराओं को समाप्त करने का प्रयास किया, वे इतिहास में पीछे छूट गए।

श्रीकृष्ण जन्मभूमि पहुंचे CM योगी

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मथुरा पहुंचे। यहां उन्होंने श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मंदिर में दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण से प्रदेश और देश की खुशहाली की प्रार्थना की।

इसके बाद मुख्यमंत्री ने ब्रज क्षेत्र में मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का अभिवादन किया। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं पर फूल बरसाए गए। जन्माष्टमी के अवसर पर मथुरा-वृंदावन में विशेष सजावट की गई है और मंदिरों में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

‘सनातन की आस्था को कोई मिटा नहीं पाया’

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत के इतिहास और सनातन संस्कृति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश ने लंबे समय तक विदेशी आक्रमणों और चुनौतियों का सामना किया, लेकिन भारत की आध्यात्मिक परंपरा और आस्था कायम रही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की पहचान उसकी संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक विरासत से है। समय-समय पर इस विरासत को कमजोर करने के प्रयास किए गए, लेकिन समाज की आस्था और सांस्कृतिक चेतना बनी रही।

उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा केवल एक धार्मिक स्थल नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति और आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है। यही कारण है कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर देश-विदेश से श्रद्धालु ब्रज पहुंचते हैं।

बाबर-औरंगजेब के अनुयायियों पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में मुगल शासकों बाबर और औरंगजेब का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग आज भी इतिहास की उन घटनाओं से प्रेरणा लेकर समाज में विभाजन और वैमनस्य का वातावरण बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के मंसूबे सफल नहीं होने दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि बाबर और औरंगजेब की विचारधारा से जुड़े लोग समाज में ‘जहर घोलने’ का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत की एकता, संस्कृति और सनातन आस्था को कमजोर करने की कोशिशों का कोई परिणाम नहीं निकलेगा।

हालांकि, मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि देश को आगे बढ़ाने के लिए समाज में एकता और सकारात्मक सोच आवश्यक है। उन्होंने भारतीय संस्कृति को देश की ताकत बताते हुए लोगों से अपनी परंपराओं और विरासत के प्रति जागरूक रहने की अपील की।

‘आस्था मिटाने वाले मिट्टी में मिल गए’

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इतिहास इस बात का गवाह है कि भारत की आस्था को समाप्त करने की कोशिश करने वाले लोग खुद इतिहास का हिस्सा बन गए। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति हजारों वर्षों से चली आ रही है और अनेक चुनौतियों के बावजूद इसकी निरंतरता बनी हुई है।

उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का संदेश केवल धार्मिक दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि जीवन में कर्तव्य, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा भी देता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन समाज को अन्याय के खिलाफ खड़े होने और सत्य के पक्ष में आगे बढ़ने का संदेश देता है।

जन्माष्टमी पर मथुरा में भव्य आयोजन

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर मथुरा और वृंदावन में विशेष तैयारियां की गई हैं। मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।

श्रीकृष्ण जन्मभूमि के अलावा वृंदावन के प्रमुख मंदिरों में भी जन्माष्टमी के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मंदिरों में भजन-कीर्तन, धार्मिक अनुष्ठान और विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन हो रहा है। रात में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय विशेष आरती और पूजा का आयोजन किया जाता है।

देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु मथुरा और वृंदावन पहुंच रहे हैं। इसके चलते ब्रज क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिल रहा है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों पर व्यवस्थाएं की हैं।

ब्रज की संस्कृति और विरासत पर जोर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ब्रज की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि मथुरा, वृंदावन और पूरे ब्रज क्षेत्र की विरासत को संरक्षित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ब्रज केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

सरकार की ओर से ब्रज क्षेत्र में धार्मिक स्थलों के विकास, यात्री सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

एकता और सांस्कृतिक विरासत का संदेश

मुख्यमंत्री के संबोधन का एक प्रमुख संदेश देश की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता से जुड़ा रहा। उन्होंने कहा कि भारत की विविधता और सांस्कृतिक परंपराएं उसकी ताकत हैं। इसलिए समाज को आपसी सद्भाव और एकता के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

उन्होंने श्रीकृष्ण के जीवन और उनके संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि धर्म का मूल उद्देश्य मानव कल्याण और सत्य के मार्ग पर चलना है। ऐसे में समाज में सकारात्मक वातावरण बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

निष्कर्ष

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मथुरा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी ने धार्मिक आयोजन को राजनीतिक और सामाजिक संदेश से भी जोड़ दिया। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने सनातन आस्था, भारतीय संस्कृति और ऐतिहासिक घटनाओं का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि भारत की आस्था को मिटाने के प्रयास कभी सफल नहीं हुए और आगे भी ऐसे प्रयासों को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। वहीं, जन्माष्टमी के अवसर पर मथुरा-वृंदावन में श्रद्धालुओं की मौजूदगी और मंदिरों में आयोजित कार्यक्रमों से पूरे ब्रज में उत्सव का माहौल बना हुआ है।

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