श्रावस्ती में CMO का औचक निरीक्षण, CHC इकौना की व्यवस्थाएं जांचीं; दो नए प्रसव केंद्र शुरू

102

रिपोर्ट- सूर्यप्रकाश शुक्ला

श्रावस्ती: मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. ए.के. सिंह ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) इकौना का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं और मरीजों के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल के विभिन्न विभागों का निरीक्षण करते हुए स्वास्थ्यकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। CMO ने स्पष्ट किया कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है और उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान CMO डॉ. ए.के. सिंह ने CHC इकौना की ओपीडी, इमरजेंसी, लेबर रूम, न्यू बोर्न सिक बेबी यूनिट (NBSU) और पैथोलॉजी लैब की व्यवस्थाओं को देखा। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों से मरीजों को दी जा रही सेवाओं की जानकारी ली और अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। इसके अलावा विभिन्न विभागों में रखे गए अभिलेखों और रजिस्टरों की भी जांच की गई।

CHC इकौना में 415 मरीजों की ओपीडी

औचक निरीक्षण के दौरान CHC इकौना में मरीजों की संख्या भी सामने आई। अस्पताल में 415 मरीजों की ओपीडी दर्ज मिली। इससे स्वास्थ्य केंद्र पर स्थानीय लोगों की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए निर्भरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। CMO ने ओपीडी व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए मरीजों को समय पर चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों से कहा कि अस्पताल में आने वाले मरीजों के साथ उचित व्यवहार किया जाए और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए। साथ ही, मरीजों को अनावश्यक रूप से इधर-उधर न भेजने और उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं का प्रभावी तरीके से इस्तेमाल सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

एनसीडी कक्ष में 29 मरीज उपचाराधीन

निरीक्षण के दौरान CMO ने गैर-संचारी रोग (NCD) कक्ष का भी जायजा लिया। यहां 29 मरीज उपचाराधीन पाए गए। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों से मरीजों के उपचार और फॉलोअप से जुड़ी जानकारी ली।

CMO ने निर्देश दिया कि एनसीडी से जुड़े मरीजों की नियमित जांच, उपचार और फॉलोअप व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखा जाए। इसके साथ ही मरीजों की आवश्यक जानकारी और उपचार से संबंधित विवरण को निर्धारित रजिस्टरों में समय से दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए।

अभिलेख और रजिस्टर समय से अपडेट करने के निर्देश

डॉ. ए.के. सिंह ने अस्पताल के निरीक्षण के दौरान अभिलेखों और रजिस्टरों के रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि सभी आवश्यक रिकॉर्ड समय से अपडेट किए जाएं। स्वास्थ्य केंद्र में होने वाली गतिविधियों और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं का रिकॉर्ड व्यवस्थित तरीके से रखा जाए।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में रिकॉर्ड का सही रखरखाव प्रशासनिक व्यवस्था के साथ-साथ मरीजों की स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी के लिए भी महत्वपूर्ण है। इसलिए किसी भी स्तर पर अभिलेखों को अपडेट करने में लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

इलाज में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी

CMO ने स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों के उपचार में पूरी गंभीरता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर आने वाले मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना विभाग की जिम्मेदारी है। इसलिए इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के साथ-साथ स्वच्छता, मरीजों की सुविधा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए।

कैलाशपुर और सेमगढ़ा में शुरू हुए नए प्रसव केंद्र

CHC इकौना के निरीक्षण के साथ ही क्षेत्र में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की गई। आयुष्मान आरोग्य मंदिर कैलाशपुर और सेमगढ़ा में दो नए प्रसव केंद्रों का शुभारंभ किया गया। इन केंद्रों के शुरू होने से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को स्थानीय स्तर पर सुरक्षित प्रसव की सुविधा मिलने की उम्मीद है।

ग्रामीण क्षेत्रों में प्रसव सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाना स्वास्थ्य विभाग के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नए केंद्रों के संचालन से गर्भवती महिलाओं को सामान्य प्रसव के लिए दूर स्थित अस्पतालों तक जाने की आवश्यकता कम होगी। इससे समय और संसाधनों की बचत होने के साथ ही स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच भी मजबूत होगी।

प्रशिक्षित एएनएम को सौंपी गई जिम्मेदारी

कैलाशपुर स्थित प्रसव केंद्र पर प्रशिक्षित एएनएम मुन्नी देवी को प्रसव सेवाओं की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, सेमगढ़ा स्थित नए प्रसव केंद्र पर एएनएम रेखामनि सुरक्षित प्रसव सेवाएं उपलब्ध कराएंगी।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन केंद्रों पर प्रसव संबंधी सेवाओं को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने पर जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को उनके नजदीक आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

ग्रामीण महिलाओं को मिलेगी राहत

नए प्रसव केंद्रों के शुरू होने से कैलाशपुर, सेमगढ़ा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को विशेष राहत मिलने की उम्मीद है। सामान्य प्रसव के लिए अब उन्हें हर बार दूर स्थित स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

स्थानीय स्तर पर प्रसव केंद्र उपलब्ध होने से गर्भवती महिलाओं और उनके परिवारों को सुविधा मिलेगी। साथ ही, स्वास्थ्य विभाग की ओर से गर्भावस्था के दौरान आवश्यक परामर्श और समय पर स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को भी बढ़ावा मिलेगा।

कैलाशपुर केंद्र की व्यवस्थाओं पर CMO संतुष्ट

निरीक्षण के दौरान CMO डॉ. ए.के. सिंह ने कैलाशपुर स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर के प्रसव केंद्र की साफ-सफाई और व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने केंद्र की व्यवस्थाओं और साफ-सफाई पर संतोष व्यक्त किया।

उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देश दिया कि केंद्र पर साफ-सफाई की व्यवस्था लगातार बेहतर बनाए रखी जाए। इसके अलावा मरीजों और गर्भवती महिलाओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका भी विशेष ध्यान रखने को कहा गया।

CHC अधीक्षक के प्रबंधन कार्य की सराहना

औचक निरीक्षण के दौरान CHC इकौना की व्यवस्थाओं के संचालन को लेकर अधीक्षक डॉ. दीपक शुक्ला के प्रबंधन कार्य की CMO ने सराहना की। उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने और स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में प्रभावी प्रबंधन की आवश्यकता पर जोर दिया।

You may have missed