सोनिया गांधी की आत्मकथा ‘Belonging’ भारत में 10 नवंबर को होगी प्रकाशित, HarperCollins ने संभाली जिम्मेदारी
Digital UP News Desk
नई दिल्ली: कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी की बहुप्रतीक्षित आत्मकथा ‘Belonging: A Journey of Love’ अब भारत में हार्पर कॉलिन्स इंडिया द्वारा प्रकाशित की जाएगी। प्रकाशक ने सोशल मीडिया के माध्यम से इसकी जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह पुस्तक भारत में 10 नवंबर 2026 को प्रकाशित होगी। सोनिया गांधी की इस आत्मकथा का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा है और इसके प्रकाशन को लेकर पहले भी काफी चर्चा हो चुकी है।
हार्पर कॉलिन्स इंडिया ने अपने आधिकारिक पोस्ट में कहा कि वह सोनिया गांधी की बहुप्रतीक्षित संस्मरण पुस्तक Belonging: A Journey of Love को भारत में प्रकाशित करेगा। प्रकाशक के अनुसार, यह पुस्तक प्रेम, पहचान, कर्तव्य और अपनत्व जैसे विषयों के इर्द-गिर्द बुनी गई एक निजी और महत्वपूर्ण कहानी पेश करती है।
सोनिया गांधी की जिंदगी और भारत से जुड़ा सफर
‘Belonging: A Journey of Love’ को सोनिया गांधी के जीवन, उनके अनुभवों और भारत से उनके जुड़ाव की कहानी के तौर पर देखा जा रहा है। सोनिया गांधी मूल रूप से इटली से हैं और बाद में उनका जीवन भारतीय राजनीति के सबसे प्रभावशाली राजनीतिक परिवारों में से एक से जुड़ा। ऐसे में उनकी आत्मकथा में निजी जीवन के साथ-साथ भारतीय राजनीति और सार्वजनिक जीवन के अनुभवों को भी प्रमुख स्थान मिलने की उम्मीद है।
हार्पर कॉलिन्स ने पुस्तक को हमारे समय के सबसे बहुप्रतीक्षित राजनीतिक संस्मरणों में से एक बताया है। प्रकाशक के मुताबिक, यह किताब केवल एक राजनीतिक व्यक्तित्व की कहानी नहीं है, बल्कि इसमें प्रेम, पहचान, जिम्मेदारी और अपनत्व जैसे व्यक्तिगत पहलुओं को भी समझने का अवसर मिलेगा।
इसके अलावा, पुस्तक भारत की यात्रा और उसके विकास को एक ऐसे दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने का दावा करती है, जो सोनिया गांधी के लंबे सार्वजनिक जीवन और देश के राजनीतिक घटनाक्रमों से उनके जुड़ाव पर आधारित है। यही वजह है कि इस आत्मकथा को लेकर राजनीतिक और साहित्यिक दोनों ही क्षेत्रों में उत्सुकता बनी हुई है।
पहले पेंगुइन से जुड़ा था प्रकाशन विवाद
सोनिया गांधी की आत्मकथा के भारत में प्रकाशन को लेकर इससे पहले भी विवाद सामने आया था। दरअसल, किताब के प्रकाशन अधिकार हासिल करने वाली पेंग्विन रैंडम हाउस की प्रकाशन इकाई ने भारत में इस पुस्तक को प्रकाशित करने की योजना से पीछे हटने का फैसला किया था।
मीडिया रिपोर्ट्स में उस समय दावा किया गया था कि प्रकाशक की ओर से पुस्तक की मूल पांडुलिपि में कुछ संपादकीय बदलाव करने और संवेदनशील माने जाने वाले कुछ हिस्सों को हटाने का सुझाव दिया गया था। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार सोनिया गांधी इन बदलावों को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हुईं।
इसके बाद भारत में पुस्तक के प्रकाशन को लेकर स्थिति बदल गई और पेंगुइन की भारतीय प्रकाशन इकाई ने इस परियोजना से दूरी बना ली। हालांकि, पुस्तक के अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन से जुड़ी प्रक्रिया पूरी तरह समाप्त नहीं हुई। पेंगुइन रैंडम हाउस की प्रकाशन इकाई Alfred A. Knopf दुनिया के अन्य हिस्सों में इस किताब के प्रकाशन से जुड़ी रही।
अब हार्पर कॉलिन्स इंडिया द्वारा भारत में किताब प्रकाशित किए जाने की घोषणा के बाद इसके प्रकाशन को लेकर तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है।
किताब के प्रकाशन पर हुई थी राजनीतिक बहस
सोनिया गांधी की आत्मकथा को भारत में प्रकाशित किए जाने के मुद्दे ने राजनीतिक बहस को भी जन्म दिया था। पेंगुइन इंडिया के इस परियोजना से पीछे हटने के बाद कांग्रेस की ओर से सवाल उठाए गए थे। कांग्रेस नेताओं और समर्थकों ने आरोप लगाया था कि प्रकाशक पर केंद्र सरकार की ओर से दबाव हो सकता है।
हालांकि, भारतीय जनता पार्टी ने इन आरोपों को खारिज किया था। भाजपा की ओर से कहा गया कि पुस्तक के प्रकाशन से जुड़े फैसले की जिम्मेदारी प्रकाशक की है। साथ ही, पार्टी की ओर से प्रकाशक द्वारा की गई तथाकथित ‘तथ्यों की जांच’ और संपादकीय प्रक्रिया का भी उल्लेख किया गया था।
इस तरह, एक पुस्तक के प्रकाशन से जुड़ा मामला धीरे-धीरे राजनीतिक बहस का विषय बन गया। हालांकि अब हार्पर कॉलिन्स इंडिया की घोषणा के बाद सोनिया गांधी की आत्मकथा के भारत में पाठकों तक पहुंचने का रास्ता साफ हो गया है।
क्यों खास है ‘Belonging: A Journey of Love’?
सोनिया गांधी भारतीय राजनीति में कई दशकों से एक महत्वपूर्ण भूमिका में रही हैं। ऐसे में उनकी आत्मकथा को उनके सार्वजनिक जीवन के साथ-साथ निजी अनुभवों को समझने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
किसी भी वरिष्ठ राजनीतिक नेता की आत्मकथा में उसके व्यक्तिगत अनुभवों के अलावा उस दौर की राजनीति की झलक भी मिलती है। सोनिया गांधी के मामले में यह पहलू और महत्वपूर्ण हो जाता है, क्योंकि उनका सार्वजनिक जीवन भारत की राजनीति के कई बड़े बदलावों और घटनाक्रमों से जुड़ा रहा है।
विशेष रूप से, राजीव गांधी से उनका विवाह, भारत में उनका जीवन, नेहरू-गांधी परिवार के साथ उनका जुड़ाव और बाद में कांग्रेस की राजनीति में उनकी भूमिका ऐसे विषय हैं, जिनको लेकर पाठकों में पहले से ही काफी रुचि है।
हालांकि, किताब में किन घटनाओं और प्रसंगों को कितनी विस्तार से शामिल किया गया है, इसका पूरा आकलन पुस्तक के प्रकाशित होने के बाद ही किया जा सकेगा। फिलहाल प्रकाशक की ओर से सामने आई जानकारी से इतना स्पष्ट है कि पुस्तक में निजी जीवन और सार्वजनिक जिम्मेदारियों के बीच सोनिया गांधी के अनुभवों को प्रमुखता दी गई है।
10 नवंबर को भारत में आएगी किताब
हार्पर कॉलिन्स इंडिया के अनुसार, ‘Belonging: A Journey of Love’ भारत में 10 नवंबर 2026 को प्रकाशित होगी। पुस्तक की घोषणा के साथ ही इसके संभावित पाठकों के बीच उत्सुकता बढ़ गई है।
सोनिया गांधी लंबे समय तक कांग्रेस की अध्यक्ष रही हैं और भारतीय राजनीति में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है। इसलिए उनकी आत्मकथा केवल उनके समर्थकों या राजनीतिक विश्लेषकों के लिए ही नहीं, बल्कि आधुनिक भारतीय राजनीति और सार्वजनिक जीवन को समझने में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इसके साथ ही, पेंगुइन से जुड़े पिछले विवाद के बाद अब हार्पर कॉलिन्स द्वारा पुस्तक प्रकाशित किए जाने की घोषणा ने इस पूरे मामले को एक नया मोड़ दिया है। पुस्तक के भारत में उपलब्ध होने के बाद इसमें शामिल व्यक्तिगत अनुभवों और राजनीतिक संदर्भों को लेकर व्यापक चर्चा होने की संभावना है।
प्रकाशन से पहले ही बढ़ी उत्सुकता
कुल मिलाकर, सोनिया गांधी की आत्मकथा ‘Belonging: A Journey of Love’ भारत में अपने प्रकाशन से पहले ही चर्चा में है। एक ओर जहां यह पुस्तक सोनिया गांधी के निजी जीवन और उनके भारत से जुड़ाव को सामने लाने का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर इसके प्रकाशन से जुड़ा पिछला विवाद भी इसकी चर्चा का प्रमुख कारण रहा है।
अब हार्पर कॉलिन्स इंडिया ने आधिकारिक तौर पर भारत में इसके प्रकाशन की तारीख 10 नवंबर 2026 घोषित कर दी है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि पुस्तक में सोनिया गांधी ने अपने जीवन, परिवार, राजनीतिक सफर और भारत के साथ अपने लंबे संबंधों को किस नजरिए से प्रस्तुत किया है।

