नेपाल में फिर बाढ़ का अलर्ट, मौत का आंकड़ा 987 पहुंचा-चितवन में 321 शव बरामद
Digital UP News Desk
काठमांडू: नेपाल में हालिया विनाशकारी बाढ़ के बाद हालात अभी भी बेहद चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। एक ओर जहां राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है, वहीं दूसरी ओर कई नदियों और जलधाराओं का जलस्तर बढ़ने के कारण प्रशासन ने नए सिरे से बाढ़ का अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जोखिम वाले इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, बाढ़ और उससे जुड़ी घटनाओं में अब तक 987 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही करीब 3,916 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। सुरक्षा बलों की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में तलाशी अभियान चला रही हैं और अलग-अलग स्थानों से शव बरामद किए जा रहे हैं।
चितवन में सबसे ज्यादा शव बरामद
बाढ़ से प्रभावित जिलों में चितवन में सबसे ज्यादा शव बरामद किए गए हैं। ताजा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, चितवन में 321 शव बरामद हो चुके हैं। इसके बाद नवलपरासी पूर्व में 216, नवलपरासी पश्चिम में 170 और नुवाकोट में 95 शव बरामद किए गए हैं।
इसी तरह गोरखा में 65, धादिंग में 55, तनहूं में 38 और रसुवा में 27 शव बरामद किए गए हैं। इन आंकड़ों से पता चलता है कि बाढ़ का प्रभाव केवल पहाड़ी इलाकों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि नदियों के बहाव के साथ निचले क्षेत्रों तक भी इसका असर पहुंचा है।
सात जिलों में फिर बढ़ा खतरा
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए अधिकारियों ने रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा, तनहूं, नवलपरासी और चितवन के नदी किनारे बसे इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा है। नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण इन इलाकों में अचानक बाढ़ आने का खतरा बना हुआ है।
प्रशासन की ओर से स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे नदी के किनारे, पुलों और निचले इलाकों में अनावश्यक रूप से न जाएं। इसके अलावा प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
हालांकि, उपलब्ध ताजा आंकड़ों में NDRRMA ने कुल आठ जिलों में फ्लैश फ्लड से प्रभावित होने की जानकारी दी है। इसलिए अलग-अलग अपडेट में चेतावनी वाले जिलों की संख्या और प्रभावित क्षेत्रों का विवरण बदल सकता है।
3,916 लोग अब भी लापता
नेपाल में राहत एवं बचाव कार्य के सामने सबसे बड़ी चुनौती बड़ी संख्या में लोगों का अब भी लापता होना है। अधिकारियों के मुताबिक करीब 3,916 लोग लापता हैं। इनमें विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। ऐसे में सुरक्षा बलों ने नदी के किनारे, मलबे वाले क्षेत्रों और प्रभावित बस्तियों में तलाशी अभियान तेज कर दिया है।
नेपाल सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के जवान हेलीकॉप्टर तथा अन्य उपलब्ध संसाधनों की मदद से दुर्गम इलाकों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। अब तक हजारों लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार 11,814 लोगों को बचाया गया है।
राहत और बचाव अभियान जारी
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सड़क और पुलों को नुकसान पहुंचने के कारण राहत सामग्री पहुंचाने में भी मुश्किलें सामने आई हैं। कई पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और खराब मौसम ने बचाव अभियान को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है।
इसके बावजूद नेपाली सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की टीमें लगातार अभियान चला रही हैं। दूरदराज के इलाकों में फंसे लोगों तक भोजन, दवाएं और जरूरी राहत सामग्री पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
वहीं, प्रभावित क्षेत्रों में बिजली और संचार व्यवस्था को भी धीरे-धीरे बहाल किया जा रहा है। कुछ इलाकों में सड़क संपर्क बहाल होने के बाद राहत कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।
नदियों के बढ़ते जलस्तर ने बढ़ाई चिंता
हालिया आपदा के बाद नदियों का जलस्तर बढ़ना प्रशासन के लिए नई चिंता का विषय बन गया है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहले से कमजोर सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे दोबारा प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में प्रशासन लोगों से मौसम और स्थानीय चेतावनियों पर लगातार नजर रखने की अपील कर रहा है।
विशेषज्ञों के मुताबिक हिमालयी क्षेत्रों में ग्लेशियरों और अत्यधिक वर्षा से जुड़ी घटनाओं का जोखिम बढ़ रहा है। हालिया आपदा में भी ग्लेशियर से जुड़ी घटना के बाद अचानक तेज बहाव और मलबे ने व्यापक नुकसान पहुंचाया।
चितवन बना राहत और पहचान प्रक्रिया का प्रमुख केंद्र
बड़ी संख्या में शव नदी के बहाव के साथ चितवन तक पहुंचने के कारण वहां पहचान और अंतिम संस्कार से जुड़ी व्यवस्थाओं पर भी दबाव बढ़ा है। अधिकारियों और राहत कर्मियों के सामने चुनौती यह है कि बरामद शवों की पहचान कर उन्हें उनके परिवारों तक पहुंचाया जाए।
रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ मामलों में पहचान के लिए तस्वीरें, दस्तावेज और DNA नमूने जुटाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य लापता लोगों के परिजनों को उनके बारे में सही जानकारी उपलब्ध कराना है।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
नेपाल में बाढ़ का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। नए अलर्ट के बाद नदी किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करना और अफवाहों से बचना बेहद महत्वपूर्ण है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में नदियों के जलस्तर में अचानक बदलाव हो सकता है। इसलिए लोगों को नदी, पुल और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखनी चाहिए। साथ ही, स्थानीय प्रशासन द्वारा सुरक्षित स्थानों पर जाने का निर्देश मिलने पर उसे गंभीरता से लेना चाहिए।
फिलहाल नेपाल में राहत, बचाव और खोज अभियान एक साथ जारी हैं। मृतकों की संख्या 987 तक पहुंच चुकी है और हजारों लोगों का अब भी पता नहीं चल पाया है। ऐसे में अगले कुछ दिन राहत एवं बचाव अभियानों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

