वृंदावन में श्री कृष्ण रजत संकल्प शिला का पूजन, जन्माष्टमी पर होगा सहस्त्रधारा अभिषेक

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रिपोर्ट- योगेश भारद्वाज

वृंदावन। श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर से जुड़े धार्मिक संकल्प को लेकर वृंदावन स्थित सुदामा कुटी में विशेष आयोजन किया गया। अयोध्या में शिला पूजन के बाद रजत संकल्प शिला को विशेष रथ के माध्यम से श्रीधाम वृंदावन लाया गया, जहां नाभा पीठाधीश्वर जगतगुरु सुतीक्ष्ण दास जी महाराज के सानिध्य में शिला का विधिवत पूजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में साधु-संत और श्रद्धालु मौजूद रहे।

आयोजन के दौरान संतों ने धार्मिक परंपराओं के अनुरूप पूजा-अर्चना की और रजत संकल्प शिला पर पुष्प वर्षा की। कार्यक्रम में श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर के निर्माण की कामना को लेकर संतों और उपस्थित लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए। आयोजकों के अनुसार, श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर इस संकल्पित शिला का सहस्त्रधारा अभिषेक भी किया जाएगा।

अयोध्या के बाद वृंदावन पहुंची रजत संकल्प शिला

आयोजकों ने बताया कि भगवान राम की जन्मभूमि अयोध्या में शिला पूजन के बाद पहली बार रजत शिला को विशेष रथ के माध्यम से श्रीधाम वृंदावन के सुदामा कुटी लाया गया। शिला के पहुंचने पर वहां मौजूद साधु-संतों और श्रद्धालुओं ने धार्मिक उद्घोष के साथ उसका स्वागत किया।

इस अवसर पर संतों की ओर से अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का उल्लेख करते हुए मथुरा स्थित श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर को लेकर भी अपनी धार्मिक आकांक्षा व्यक्त की गई। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने शिला को श्रद्धा और संकल्प का प्रतीक बताया।

वहीं, आयोजकों के अनुसार सुदामा कुटी में रजत संकल्प शिला का पहुंचना ब्रज क्षेत्र के लिए विशेष धार्मिक अवसर है। उनका कहना है कि आने वाले समय में ब्रजमंडल के अन्य प्रमुख मंदिरों में भी इस संकल्प शिला के पूजन का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

जगतगुरु सुतीक्ष्ण दास महाराज ने किया पूजन

नाभा पीठाधीश्वर जगतगुरु सुतीक्ष्ण दास महाराज ने रजत संकल्प शिला का विधिवत पूजन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सुदामा कुटी के लिए यह विशेष सौभाग्य की बात है कि गुरुदेव की कृपा से ब्रजभूमि में सबसे पहले रजत संकल्प शिला पहुंची है।

उन्होंने कहा कि सभी साधु-संतों की उपस्थिति में शिला का पूजन संपन्न हुआ है। साथ ही उन्होंने श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर के निर्माण की धार्मिक आकांक्षा व्यक्त करते हुए कहा कि अब इस सपने को साकार होते देखना चाहते हैं।

पूजन कार्यक्रम के दौरान संतों ने धार्मिक विधि-विधान के साथ शिला की पूजा की। इसके बाद श्रद्धालुओं ने भी दर्शन कर अपनी श्रद्धा व्यक्त की।

जन्माष्टमी पर होगा सहस्त्रधारा अभिषेक

श्री कृष्ण जन्माष्टमी को लेकर भी रजत संकल्प शिला के लिए विशेष धार्मिक कार्यक्रम प्रस्तावित है। हिंदू पक्षकार दिनेश फलाहारी महाराज के अनुसार, जन्माष्टमी के अवसर पर शिला का सहस्त्रधारा अभिषेक किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह संकल्प शिला श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर के निर्माण की धार्मिक भावना से जुड़ी हुई है। उनके अनुसार, यदि भविष्य में न्यायालय का निर्णय मंदिर के पक्ष में आता है, तो संतों की इच्छा है कि इसी शिला को मंदिर निर्माण में प्रथम शिला के रूप में उपयोग किया जाए।

हालांकि, मंदिर-मस्जिद से जुड़े विवाद और न्यायिक प्रक्रिया के संबंध में अंतिम निर्णय संबंधित न्यायालय के आदेश के आधार पर ही होगा। इसलिए शिला को मंदिर निर्माण में इस्तेमाल किए जाने की बात फिलहाल आयोजकों और संबंधित पक्ष की धार्मिक इच्छा के रूप में सामने आई है।

ब्रजमंडल के मंदिरों में होंगे पूजन कार्यक्रम

शिला पूजन यात्रा के प्रभारी और संयोजक राजेश पाठक ने कहा कि अयोध्या के बाद रजत शिला पूजन का कार्यक्रम ब्रजभूमि में संतों के सानिध्य में आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आने वाली तिथियों में समूचे ब्रजमंडल के विभिन्न मंदिरों में संकल्प शिला के पूजन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

इसके माध्यम से आयोजक श्री कृष्ण जन्मभूमि से जुड़े धार्मिक संकल्प को ब्रज क्षेत्र के विभिन्न धार्मिक स्थलों तक पहुंचाने की योजना पर काम कर रहे हैं। कार्यक्रमों में स्थानीय संतों, धर्माचार्यों और श्रद्धालुओं की भागीदारी की संभावना जताई गई है।

इस आयोजन को लेकर संत समाज में भी उत्साह देखने को मिला। धार्मिक आयोजन होने के कारण बड़ी संख्या में साधु-संत कार्यक्रम में शामिल हुए और उन्होंने पूजा-अर्चना में हिस्सा लिया।

धर्म की जीत का व्यक्त किया विश्वास

आचार्य अनिल कृष्ण शास्त्री और महंत रामदास जी महाराज ने भी कार्यक्रम के दौरान अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि उन्हें धर्म की जीत का विश्वास है। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का उदाहरण देते हुए मथुरा में भी श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर को लेकर अपनी धार्मिक भावना व्यक्त की।

संतों ने कहा कि श्री कृष्ण की जन्मभूमि से जुड़ा विषय करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है। हालांकि, इस संबंध में चल रही न्यायिक प्रक्रिया का समाधान अदालत के निर्णय के आधार पर ही होगा।

कार्यक्रम में धार्मिक एकता और परंपरा को बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। संतों ने श्रद्धालुओं से धार्मिक आयोजनों में शांतिपूर्ण और मर्यादित तरीके से भाग लेने की अपील की।

कई संत और पदाधिकारी रहे मौजूद

सुदामा कुटी में आयोजित रजत संकल्प शिला पूजन कार्यक्रम में ब्राह्मण सभा के ब्रज प्रदेश अध्यक्ष पं. बिहारी लाल वशिष्ठ, जिला अध्यक्ष इंजीनियर राजकुमार शर्मा, विप्र नेता सुभाष शर्मा, विश्व हिंदू परिषद नेता जय राम शर्मा सहित कई संत और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

इसके अलावा कान्हा कौशिक, सुखराम सिंह, कमल बाबा, महेश दास, परमानंद गिरि, कैलाश महाराज समेत अन्य संतों और श्रद्धालुओं ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।

कार्यक्रम के दौरान धार्मिक वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं ने रजत संकल्प शिला के दर्शन किए। आयोजकों ने बताया कि आगे भी ब्रजमंडल के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर इस प्रकार के पूजन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

धार्मिक आस्था और न्यायिक प्रक्रिया दोनों पर नजर

श्री कृष्ण जन्मभूमि से जुड़ा विषय लंबे समय से धार्मिक और न्यायिक विमर्श का हिस्सा रहा है। ऐसे में रजत संकल्प शिला का वृंदावन पहुंचना आयोजकों के लिए धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया जा रहा है। वहीं, इस पूरे मामले में आगे की दिशा न्यायालय में चल रही प्रक्रिया और उसके निर्णय से तय होगी।

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