2 सितंबर को 23 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, यूपी-बिहार समेत कई राज्यों में तेज आंधी की चेतावनी
Digital UP News Desk
देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहने के बीच मौसम विभाग ने 2 सितंबर 2026 के लिए कई राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल समेत देश के 23 राज्यों में मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही कुछ इलाकों में तेज आंधी, आकाशीय बिजली और वज्रपात को लेकर भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, कुछ राज्यों में हवा की रफ्तार 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे में खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। तेज हवाओं के कारण पेड़ और कमजोर ढांचे प्रभावित हो सकते हैं। वहीं, पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और सड़क मार्ग प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए यात्रियों को मौसम की ताजा जानकारी लेने की सलाह दी गई है।
उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी से बढ़ सकती है परेशानी
मौसम में बदलाव के पीछे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी से आने वाली सक्रिय हवाओं और विभिन्न क्षेत्रों में बने चक्रवाती परिसंचरण को प्रमुख कारण माना जा रहा है। उत्तरी उत्तर प्रदेश के मध्य भागों के निचले क्षेत्रों में चक्रवाती परिसंचरण बनने की स्थिति बताई गई है। इसके अलावा पूर्वोत्तर असम और आसपास के इलाकों में भी ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है।
इसके प्रभाव से कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। कुछ क्षेत्रों में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। वहीं, पूर्वी भारत के कई हिस्सों में आकाशीय बिजली और वज्रपात को लेकर भी चेतावनी जारी की गई है।
23 राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट
2 सितंबर को उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, गुजरात, महाराष्ट्र, असम, त्रिपुरा, केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और तेलंगाना में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट बताया गया है।
हालांकि, मौसम की तीव्रता अलग-अलग क्षेत्रों में अलग रह सकती है। कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश, जबकि कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है।
दिल्ली में बारिश के साथ तेज हवाओं का अनुमान
राजधानी दिल्ली में 2 सितंबर को भारी बारिश और आंधी की चेतावनी दी गई है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। दिल्ली का अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
बारिश के दौरान लोगों को खुले स्थानों और कमजोर ढांचों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है।
उत्तर प्रदेश में कई जिलों में बारिश का अलर्ट
उत्तर प्रदेश में भी मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, मुरादाबाद, मथुरा, आगरा, सोनभद्र, कानपुर, मिर्जापुर, फतेहपुर, बांदा, प्रतापगढ़, चित्रकूट, कौशांबी, कासगंज, हरदोई, मैनपुरी, इटावा, शामली, बदायूं, गोरखपुर, प्रयागराज और देवरिया में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी बताई गई है।
राजधानी लखनऊ में अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। ऐसे में बारिश के दौरान यातायात और स्थानीय आवागमन पर असर पड़ सकता है।
बिहार में 60 किमी प्रति घंटे तक चल सकती हैं हवाएं
बिहार के कई जिलों में भी भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट है। सिवान, गया, जहानाबाद, पटना, गोपालगंज, बक्सर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, किशनगंज, अररिया, भागलपुर, मुंगेर, बेगूसराय, खगड़िया और लखीसराय में मौसम खराब रहने की संभावना है।
इस दौरान हवा की रफ्तार 55 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। पटना में अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
झारखंड और ओडिशा में भी तेज बारिश का अनुमान
झारखंड के देवघर, दुमका, बोकारो, हजारीबाग, रांची, धनबाद, रामगढ़, खूंटी, पलामू, चतरा, जमशेदपुर और सिंहभूम के इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी है। यहां हवा की रफ्तार करीब 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। रांची में अधिकतम तापमान 27 और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
इसी तरह ओडिशा के बलांगीर, नुआपाड़ा, भुवनेश्वर, पुरी, सुंदरगढ़, मयूरभंज और संबलपुर में भारी बारिश का अलर्ट बताया गया है। यहां करीब 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
पहाड़ी राज्यों के लिए विशेष सावधानी
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बारिश के साथ भूस्खलन का खतरा कुछ पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ सकता है। उत्तराखंड के चमोली, अल्मोड़ा, बागेश्वर, नैनीताल, पिथौरागढ़, टिहरी गढ़वाल, हरिद्वार, ऋषिकेश, पौड़ी गढ़वाल और रुद्रप्रयाग में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी है।
देहरादून में अधिकतम तापमान करीब 26 और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। वहीं हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा, चंबा, किन्नौर, मंडी, ऊना, हमीरपुर, सोलन, लाहौल-स्पीति, शिमला और कुल्लू में भी मौसम खराब रहने की संभावना है।
मनाली में अधिकतम तापमान करीब 14 और न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
जम्मू-कश्मीर और पश्चिम बंगाल में भी अलर्ट
जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं का पूर्वानुमान है। किश्तवाड़, पुंछ, बारामूला, अनंतनाग, रियासी, गांदरबल, उधमपुर, बांदीपोरा और जम्मू समेत कई इलाकों में मौसम प्रभावित हो सकता है। श्रीनगर में अधिकतम तापमान करीब 28 और न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
पश्चिम बंगाल के मालदा, बांकुड़ा, मुर्शिदाबाद, कोलकाता, बीरभूम, नादिया, कालिम्पोंग, दुर्गापुर, हावड़ा और जलपाईगुड़ी में मध्यम से भारी बारिश की संभावना है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 65 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
पंजाब, राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी बारिश
पंजाब के कपूरथला, बठिंडा, फरीदकोट, लुधियाना, अमृतसर, पठानकोट, संगरूर, बरनाला, गुरदासपुर और होशियारपुर में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट बताया गया है।
राजस्थान में टोंक, अजमेर, अलवर, जैसलमेर, जयपुर, बाड़मेर, भरतपुर, कोटा, डूंगरपुर, फलोदी, डीडवाना, जोधपुर और पाली में बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। जयपुर में अधिकतम तापमान करीब 33 और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
मध्य प्रदेश में सिवनी, देवास, बैतूल, हरदा, धार, विदिशा, छिंदवाड़ा, बालाघाट, गुना, उज्जैन, उमरिया, जबलपुर और नर्मदापुरम में मध्यम से भारी बारिश की संभावना है। हवा की रफ्तार 55 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
किसानों और यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए किसानों को खेतों में जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। तेज हवा और बारिश से खड़ी फसलों को नुकसान हो सकता है। वहीं, समुद्र में सक्रिय मौसम को देखते हुए मछुआरों को भी सावधानी बरतने और समुद्र में जाने से बचने की सलाह दी गई है।
इसके अलावा पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को रवाना होने से पहले मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन के ताजा अपडेट जरूर देखने चाहिए। घने जंगलों या पेड़ों वाले क्षेत्रों में तेज हवाओं के दौरान वाहन चलाने से बचना भी सुरक्षित विकल्प हो सकता है।

