गाजियाबाद में PAN कार्ड का दुरुपयोग, टेलर की पत्नी के नाम पर 16.80 करोड़ का कारोबार; जांच शुरू

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Digital UP News Desk

गाजियाबाद: साहिबाबाद क्षेत्र में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक टेलर की पत्नी के PAN कार्ड नंबर का कथित रूप से दुरुपयोग कर 16 करोड़ 80 लाख रुपये का कारोबार किए जाने का आरोप है। आरोप है कि जालसाजों ने महिला के PAN नंबर का इस्तेमाल करते हुए एक फर्म का GST पंजीकरण कराया और उसके माध्यम से करोड़ों रुपये का कारोबार किया। मामले की जानकारी तब हुई, जब पीड़ित परिवार के मोबाइल फोन पर इनकम टैक्स विभाग से लगातार संदेश आने लगे।

इसके बाद परिवार ने मामले की गंभीरता को समझते हुए चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) से इसकी जांच कराई। जांच के दौरान सामने आया कि महिला के PAN नंबर से जुड़ी जानकारी का इस्तेमाल एक ऐसे कारोबार में किया गया, जिसके बारे में परिवार को कोई जानकारी नहीं थी। पीड़ित परिवार ने मामले की शिकायत पुलिस से की थी। अब 30 अगस्त को केस दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

इनकम टैक्स के मैसेज से खुला मामला

जवाहर पार्क निवासी हुकुम सिंह पेशे से टेलर हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी किरण गृहिणी हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य है और वह सिलाई का काम करके लगभग 10 से 15 हजार रुपये प्रतिमाह कमाते हैं। ऐसे में पत्नी के नाम पर करोड़ों रुपये के कारोबार की जानकारी उनके लिए बेहद चौंकाने वाली थी।

हुकुम सिंह के मुताबिक, उनकी पत्नी के मोबाइल पर करीब पांच महीने से इनकम टैक्स विभाग की ओर से लगातार संदेश आ रहे थे। शुरुआत में परिवार को इन संदेशों का कारण समझ नहीं आया। हालांकि, संदेश लगातार आने के बाद उन्होंने मामले की जांच कराने का फैसला किया।

उन्होंने एक CA से संपर्क कर PAN और उससे संबंधित वित्तीय जानकारी की पड़ताल कराई। जांच में पता चला कि उनकी पत्नी के PAN नंबर का इस्तेमाल कथित तौर पर एक फर्म के GST पंजीकरण में किया गया था। इसके बाद उस फर्म के माध्यम से करीब 16.80 करोड़ रुपये का कारोबार किए जाने की जानकारी सामने आई।

महिला को कारोबार की कोई जानकारी नहीं

पीड़ित परिवार का कहना है कि किरण गृहिणी हैं और उन्होंने कभी इस तरह की कोई फर्म नहीं बनाई। न ही उन्हें इस कारोबार या GST पंजीकरण के बारे में कोई जानकारी थी। ऐसे में परिवार ने इसे PAN कार्ड और व्यक्तिगत जानकारी के दुरुपयोग का मामला बताया है।

हुकुम सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में एक व्यक्ति, जिसका नाम मनोरमा माहेश्वरी बताया गया है, की संलिप्तता की आशंका जताई है। शिकायत के अनुसार, संबंधित व्यक्ति के PAN और GST नंबर के साथ उनकी पत्नी के PAN नंबर का इस्तेमाल व्यापारिक गतिविधियों में किया गया।

जांच के दौरान संबंधित आरोपी का पता असोडा ग्लास वर्ल्ड, गोविंदपुरम बताया गया है। हालांकि, मामले में आरोपों की वास्तविकता और संबंधित लोगों की भूमिका पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

चार महीने पहले पुलिस कमिश्नर से की थी शिकायत

हुकुम सिंह ने बताया कि उन्हें करीब चार महीने पहले अपनी पत्नी के PAN नंबर के कथित दुरुपयोग की जानकारी हुई थी। इसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस कमिश्नर से की। उन्होंने बताया कि शिकायत के बाद मामले की जांच भी कराई गई।

अब 30 अगस्त को इस मामले में केस दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और उपलब्ध दस्तावेजों एवं रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

साहिबाबाद के एसीपी अमित सक्सेना ने बताया कि मामला पुलिस के संज्ञान में है। उन्होंने कहा कि पहले भी इस प्रकरण की जांच की गई थी, जिसके बाद अब शिकायत दर्ज की गई है।

पांच साल पहले भी PAN नंबर के इस्तेमाल का आरोप

हुकुम सिंह का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब उनके परिवार से जुड़े PAN नंबर के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। उनके अनुसार, करीब पांच साल पहले भी उनके PAN नंबर का इस्तेमाल कर लगभग 38 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी की गई थी।

उस समय उन्होंने इनकम टैक्स विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी। हुकुम सिंह ने बताया कि उस मामले में भी उन्हें अपना पक्ष स्पष्ट करने के लिए कई जगह जाना पड़ा था। उन्हें उस समय ITR दाखिल करने वाले CA और साइबर कैफे संचालक पर शक हुआ था।

अब पत्नी के PAN नंबर से जुड़े कथित फर्जी कारोबार के मामले में भी उन्हें कुछ लोगों पर संदेह है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

PAN कार्ड की जानकारी का गलत इस्तेमाल कितना गंभीर?

टैक्स एडवोकेट राजीव मखीजा के मुताबिक, आज PAN कार्ड केवल इनकम टैक्स से जुड़ा दस्तावेज नहीं है। इसका इस्तेमाल बैंकिंग, निवेश, आयकर रिटर्न और कई अन्य वित्तीय गतिविधियों में पहचान के तौर पर किया जाता है। इसलिए PAN नंबर और उससे जुड़ी व्यक्तिगत जानकारी का गलत हाथों में पहुंचना व्यक्ति के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है।

किसी व्यक्ति के PAN विवरण का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल करके उसके नाम पर वित्तीय गतिविधियां, GST पंजीकरण या अन्य दस्तावेज तैयार किए जा सकते हैं। इससे संबंधित व्यक्ति को बाद में टैक्स नोटिस अथवा अन्य वित्तीय जांच का सामना करना पड़ सकता है।

इसी वजह से विशेषज्ञ लोगों को PAN कार्ड की जानकारी साझा करते समय सावधानी बरतने की सलाह देते हैं।

PAN कार्ड की कॉपी देते समय बरतें सावधानी

विशेषज्ञों के मुताबिक, किसी भी अनजान व्यक्ति, वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर PAN कार्ड का नंबर, फोटो या उसकी कॉपी साझा करने से बचना चाहिए। यदि किसी संस्था या सेवा के लिए PAN कार्ड की कॉपी देना आवश्यक हो, तो यह जरूर पता करें कि उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य के लिए किया जा रहा है।

इसके अलावा, जहां संभव हो, PAN कार्ड की कॉपी पर उद्देश्य और तारीख लिखकर देना बेहतर माना जाता है। इससे भविष्य में यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि दस्तावेज किस काम के लिए साझा किया गया था।

इसी तरह, लोगों को समय-समय पर अपने PAN से जुड़ी जानकारी और इनकम टैक्स रिकॉर्ड की जांच करते रहना चाहिए। यदि किसी ऐसे कारोबार, GST पंजीकरण या वित्तीय लेनदेन की जानकारी मिले, जिससे व्यक्ति का कोई संबंध नहीं है, तो संबंधित विभाग को तत्काल इसकी जानकारी देनी चाहिए।

पुलिस जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर

गाजियाबाद के साहिबाबाद में सामने आया यह मामला एक बार फिर व्यक्तिगत वित्तीय जानकारी की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करता है। खास तौर पर ऐसे लोगों के लिए यह मामला महत्वपूर्ण है, जिन्हें अपने PAN और अन्य दस्तावेजों के इस्तेमाल की जानकारी नियमित रूप से नहीं मिलती।

फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि महिला के PAN नंबर से GST पंजीकरण कैसे हुआ, संबंधित फर्म का संचालन किसने किया और 16.80 करोड़ रुपये के बताए जा रहे कारोबार में किन लोगों की भूमिका थी।

इसके साथ ही पांच साल पहले सामने आए 38 लाख रुपये के कथित फर्जीवाड़े से इस मामले का कोई संबंध है या नहीं, इसकी भी जांच की जा सकती है। पुलिस जांच और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट होगी।

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