68,500 शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों का लखनऊ में प्रदर्शन, बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव

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Digital UP News Desk

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 68,500 शिक्षक भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में खास तौर पर 2018 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी शामिल रहे। अभ्यर्थियों ने बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास का घेराव कर अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की अपील की। प्रदर्शनकारियों ने दिव्यांग अभ्यर्थियों को न्याय देने और अन्य लंबित मांगों पर सरकार से स्पष्ट निर्णय लेने की मांग उठाई।

अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे समय से शिक्षक भर्ती से जुड़े कई मामले लंबित हैं। ऐसे में लगातार इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के बीच नाराजगी बढ़ रही है। इसी के चलते बड़ी संख्या में अभ्यर्थी लखनऊ पहुंचे और अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने के लिए प्रदर्शन किया।

2018 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने उठाई आवाज

प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थियों ने 2018 शिक्षक भर्ती से संबंधित समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न मामलों का समाधान अब तक पूरी तरह नहीं हो सका है। इसलिए सरकार को अभ्यर्थियों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए उचित निर्णय लेना चाहिए।

अभ्यर्थियों ने कहा कि शिक्षक भर्ती से संबंधित मामलों में पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित किया जाना जरूरी है। उनके अनुसार, वर्षों से भर्ती प्रक्रिया से जुड़े रहने के कारण कई अभ्यर्थियों का समय और अवसर दोनों प्रभावित हुए हैं। ऐसे में सरकार से उन्हें जल्द समाधान की उम्मीद है।

बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास का किया घेराव

अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शनकारी बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास के बाहर पहुंचे। यहां अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया और सरकार से जल्द कार्रवाई की मांग की।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक उनकी समस्याओं पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक वे अपनी मांगों को उठाते रहेंगे। उन्होंने सरकार से शिक्षक भर्ती से जुड़े मामलों में अभ्यर्थियों के हित को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई करने की अपील की।

प्रदर्शन के दौरान प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था भी की गई। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि, अपनी मांगों को लेकर अभ्यर्थी प्रदर्शन स्थल पर डटे रहे।

दिव्यांग अभ्यर्थियों को न्याय देने की मांग

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में दिव्यांग अभ्यर्थियों को न्याय दिलाना भी शामिल रहा। अभ्यर्थियों ने कहा कि दिव्यांग उम्मीदवारों के अधिकारों और उनके हितों को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लिया जाना चाहिए।

उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण और निर्धारित नियमों का प्रभावी ढंग से पालन होना चाहिए। इसके साथ ही जिन अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया से संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ा है, उनके मामलों की समीक्षा भी की जानी चाहिए।

प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि दिव्यांग अभ्यर्थियों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। इससे लंबे समय से इंतजार कर रहे उम्मीदवारों को राहत मिल सकती है।

OBC अभ्यर्थियों के लिए भी उठी मांग

प्रदर्शन के दौरान OBC वर्ग के अभ्यर्थियों से जुड़ी मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने OBC अभ्यर्थियों को 40 प्रतिशत अंक पर पास करने की मांग की।

अभ्यर्थियों का कहना है कि इस मांग पर भी सरकार को स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए। उन्होंने संबंधित नियमों और भर्ती प्रक्रिया के संदर्भ में अभ्यर्थियों के हित में निर्णय लेने की अपील की।

दरअसल, शिक्षक भर्ती को लेकर अलग-अलग वर्गों के अभ्यर्थी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाते रहे हैं। ऐसे में मंगलवार को लखनऊ में हुआ प्रदर्शन भी इसी सिलसिले की एक कड़ी माना जा रहा है।

पुलिस ने अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया

प्रदर्शन के दौरान स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कुछ अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया। इसके बाद उन्हें इको गार्डन भेजा गया। प्रशासन की ओर से प्रदर्शन को नियंत्रित रखने के लिए आवश्यक व्यवस्था की गई।

इको गार्डन को लंबे समय से विभिन्न संगठनों और अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल के तौर पर इस्तेमाल किया जाता रहा है। पुलिस की कार्रवाई के बाद प्रदर्शनकारियों को वहां ले जाया गया।

हालांकि, अभ्यर्थियों का कहना है कि उनका उद्देश्य अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना है। वे चाहते हैं कि सरकार उनकी समस्याओं को सुने और शिक्षक भर्ती से जुड़े लंबित मामलों पर जल्द फैसला करे।

वर्षों से समाधान का इंतजार

68,500 शिक्षक भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों का मामला लंबे समय से चर्चा में रहा है। भर्ती प्रक्रिया में शामिल अभ्यर्थियों के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि अलग-अलग कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण मामलों का समाधान अपेक्षित गति से नहीं हो पाया।

अभ्यर्थियों का कहना है कि नौकरी की उम्मीद में उन्होंने लंबे समय तक तैयारी की और भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लिया। इसके बाद सामने आई समस्याओं के कारण उन्हें लगातार अनिश्चितता का सामना करना पड़ा।

ऐसे में उनका कहना है कि सरकार को सभी पक्षों को ध्यान में रखते हुए ऐसा समाधान निकालना चाहिए, जिससे योग्य अभ्यर्थियों को राहत मिल सके और भर्ती प्रक्रिया को लेकर बनी स्थिति स्पष्ट हो।

सरकार से जल्द समाधान की उम्मीद

प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने सरकार से शिक्षक भर्ती से संबंधित सभी मांगों पर सकारात्मक और स्पष्ट निर्णय लेने की अपील की है। उनका कहना है कि उनकी मांगों को केवल प्रदर्शन तक सीमित न रखा जाए, बल्कि संबंधित विभाग स्तर पर गंभीरता से समीक्षा की जाए।

विशेष रूप से दिव्यांग अभ्यर्थियों के मामलों और OBC अभ्यर्थियों की 40 प्रतिशत अंक पर पास करने की मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों ने सरकार का ध्यान आकर्षित किया।

वहीं, पुलिस की ओर से हिरासत में लेकर इको गार्डन भेजे जाने के बाद भी अभ्यर्थियों की मांगें चर्चा में बनी हुई हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार और बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से इन मांगों पर क्या कदम उठाया जाता है।

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