UP समेत 20 राज्यों में 1 सितंबर को भारी बारिश और आंधी का अलर्ट, जानें अपने शहर का मौसम
Digital UP News Desk
देश में मानसून की सक्रियता के बीच मौसम विभाग ने 1 सितंबर 2026 के लिए कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, असम, त्रिपुरा और मेघालय में मौसम खराब रहने की संभावना है।
कई इलाकों में भारी बारिश के साथ तेज आंधी चल सकती है। कुछ स्थानों पर हवा की गति 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। ऐसे में पेड़-पौधों, बिजली के ढांचे और खुले स्थानों पर रखी वस्तुओं को नुकसान की आशंका बनी रह सकती है। किसानों के लिए भी मौसम को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।
इसके अलावा पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और सड़क यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। वहीं, पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली की स्थिति बन सकती है। समुद्र में खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
बंगाल की खाड़ी में मौसमी गतिविधियां बढ़ा सकती हैं परेशानी
मौसम में बदलाव के पीछे बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका बताई जा रही है। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे लगे पश्चिम बंगाल तथा उत्तरी ओडिशा के तटीय क्षेत्रों के आसपास चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना है।
इसके साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में भी चक्रवाती परिसंचरण की स्थिति बनी हुई है। परिणामस्वरूप कई राज्यों में बादल सक्रिय रह सकते हैं और बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।
ऐसे में मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखना जरूरी है। खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में जाने वाले लोगों को यात्रा से पहले स्थानीय मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी जाती है।
दिल्ली में 1 सितंबर को कैसा रहेगा मौसम?
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 1 से 3 सितंबर के बीच बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है। पूर्वानुमान के अनुसार 1 सितंबर की शाम से मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। इस दौरान तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिनकी गति करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है।
दिल्ली में 1 सितंबर को अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
उत्तर प्रदेश में कई जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट
उत्तर प्रदेश में मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। गाजियाबाद, मेरठ, मुरादाबाद, गौतमबुद्ध नगर, बाराबंकी, रायबरेली, फतेहपुर, चित्रकूट, कौशांबी, सोनभद्र, बांदा, प्रतापगढ़, मिर्जापुर, बरेली, ज्योतिबाफुले नगर, कानपुर, हरदोई, पीलीभीत, जौनपुर, अंबेडकर नगर, शाहजहांपुर, बस्ती, आजमगढ़, अयोध्या, गाजीपुर, बलिया, संतकबीरनगर, देवरिया, गोंडा और हमीरपुर समेत कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना है।
राजधानी लखनऊ में 1 सितंबर को अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
बारिश और तेज हवाओं के दौरान लोगों को खुले स्थानों पर अनावश्यक रूप से रुकने से बचना चाहिए। किसानों को भी स्थानीय मौसम अपडेट के आधार पर कृषि संबंधी गतिविधियां तय करने की सलाह दी जाती है।
बिहार में भी तेज बारिश और आंधी की संभावना
बिहार के कई जिलों में 1 सितंबर को मौसम सक्रिय रहने का अनुमान है। गया, जहानाबाद, पटना, सारण, सिवान, गोपालगंज, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, बक्सर, भोजपुर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सहरसा, सुपौल, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज, भागलपुर, लखीसराय, मुंगेर और बेगूसराय में बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है।
इस दौरान हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। पटना में अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
झारखंड में 70 किमी प्रति घंटे तक चल सकती है हवा
झारखंड में भी मौसम को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। बोकारो, सरायकेला, पलामू, गुमला, धनबाद, सिमडेगा, रामगढ़, जमशेदपुर, चतरा, देवघर, हजारीबाग और दुमका में भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना है।
कुछ स्थानों पर हवा की गति 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। रांची में अधिकतम तापमान करीब 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
उत्तराखंड और हिमाचल में विशेष सावधानी जरूरी
पहाड़ी राज्यों में बारिश के साथ भूस्खलन का जोखिम बढ़ सकता है। उत्तराखंड के चंपावत, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, नैनीताल, हरिद्वार, ऋषिकेश, चमोली, पौड़ी गढ़वाल और टिहरी गढ़वाल समेत कई क्षेत्रों में बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी है।
देहरादून में अधिकतम तापमान करीब 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
वहीं, हिमाचल प्रदेश में 1 और 2 सितंबर को मौसम खराब रहने की संभावना है। सिरमौर, बिलासपुर, सोलन, धर्मशाला, कांगड़ा, मंडी और शिमला में बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा की गति 55 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। मनाली में अधिकतम तापमान करीब 14 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
जम्मू-कश्मीर में भी बारिश और तेज हवा
जम्मू-कश्मीर के रियासी, राजौरी, बांदीपोरा, गांदरबल, पुंछ, कुपवाड़ा, किश्तवाड़, अनंतनाग, बारामूला और जम्मू समेत कई इलाकों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना है।
हवा की गति 55 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। श्रीनगर में अधिकतम तापमान करीब 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
पश्चिम बंगाल, पंजाब और राजस्थान में भी असर
पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर, हावड़ा, कोलकाता, अलीपुरद्वार, दार्जिलिंग, पूर्व बर्धमान, पश्चिम मेदिनीपुर, बांकुड़ा और कालिम्पोंग में बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। हवा की गति 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
पंजाब के अमृतसर, बठिंडा, लुधियाना, फरीदकोट, फिरोजपुर, होशियारपुर, कपूरथला, संगरूर और जालंधर में मध्यम से भारी बारिश और तेज हवाओं का अनुमान है। यहां हवा की गति करीब 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है।
राजस्थान में 1 से 3 सितंबर के बीच कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। कोटा, जयपुर, चूरू, अजमेर, उदयपुर, भरतपुर, जैसलमेर, जालौर, करौली, श्रीगंगानगर, चित्तौड़गढ़, हनुमानगढ़, पाली, राजसमंद, बालोतरा और बीकानेर में बारिश की संभावना है। जयपुर में अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
मध्य प्रदेश में भी बारिश का दौर
मध्य प्रदेश में खंडवा, सिवनी, खरगोन, सीधी, उमरिया, शहडोल, नर्मदापुरम, धार, ग्वालियर, कटनी, अशोकनगर, उज्जैन, आगर मालवा, मंदसौर, रतलाम, नरसिंहपुर, भोपाल, इंदौर, दतिया, शिवपुरी और मंडला में बारिश और तेज हवाओं की संभावना है।
इस दौरान हवा की गति करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। भोपाल में अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
बारिश और तेज हवाओं के दौरान लोगों को खुले मैदान, कमजोर संरचनाओं और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। बिजली चमकने की स्थिति में सुरक्षित भवन के अंदर रहना बेहतर है। पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की एडवाइजरी पर ध्यान देना चाहिए।
वहीं, समुद्र में जाने वाले मछुआरों को मौसम सामान्य होने तक सावधानी बरतने की जरूरत है। जंगल या घने पेड़ों वाले इलाकों में वाहन चलाते समय भी अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है।

