मुरादाबाद TMU में वित्तीय जागरूकता को नया आयाम, छात्रों ने सीखे निवेश और वित्तीय नियोजन के गुर
रिपोर्ट- मो अरशद
मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय (TMU) में विद्यार्थियों को वित्तीय रूप से जागरूक और सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। विश्वविद्यालय के तीर्थंकर महावीर कॉलेज ऑफ लॉ एंड लीगल स्टडीज (TMCLLS) में इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल (IIC), TMU के तत्वावधान में SEBI Investor’s Awareness Programme का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय “Financial Planning & Investment Planning” रहा। इस दौरान विद्यार्थियों को बचत, निवेश, बजट, ऋण प्रबंधन और वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव के व्यावहारिक तरीकों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में करीब 50 विद्यार्थियों के साथ आयोजन टीम ने सहभागिता की। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को व्यक्तिगत वित्त से जुड़े बुनियादी और जरूरी पहलुओं से परिचित कराना था, ताकि वे भविष्य में अपनी आय और खर्च को बेहतर तरीके से प्रबंधित कर सकें। साथ ही, उन्हें निवेश के विभिन्न विकल्पों को समझने और जोखिम के अनुसार सही निर्णय लेने के लिए भी प्रेरित किया गया।
वित्तीय नियोजन को लेकर विद्यार्थियों को मिली महत्वपूर्ण जानकारी
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रो. (डॉ.) आशा राम त्रिपाठी, SEBI-SMART रिसोर्स पर्सन एवं बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी के पूर्व डीन तथा वाणिज्य विभागाध्यक्ष रहे। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ व्यक्तिगत वित्त और निवेश से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने बताया कि किसी भी व्यक्ति के मजबूत वित्तीय भविष्य के लिए केवल कमाई करना पर्याप्त नहीं है। इसके साथ ही आय का सही प्रबंधन, खर्च पर नियंत्रण, नियमित बचत और सोच-समझकर निवेश करना भी जरूरी है। इस क्रम में उन्होंने व्यक्तिगत वित्त के छह प्रमुख स्तंभों—आय, व्यय, बजट, बचत, निवेश और ऋण—को विस्तार से समझाया।
उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि आर्थिक निर्णय लेते समय अपनी जरूरतों और वित्तीय लक्ष्यों को प्राथमिकता देनी चाहिए। इसके साथ ही अनावश्यक खर्च से बचने की आदत भी विकसित करनी चाहिए।
50-30-20 बजट नियम समझाया
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को 50-30-20 बजट नियम के बारे में भी जानकारी दी गई। इस नियम के अनुसार व्यक्ति अपनी आय का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा आवश्यक जरूरतों पर, 30 प्रतिशत इच्छाओं पर और 20 प्रतिशत बचत एवं निवेश के लिए निर्धारित कर सकता है।
प्रो. त्रिपाठी ने जरूरत, इच्छा और आकांक्षा के बीच अंतर भी स्पष्ट किया। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि यदि इन तीनों के बीच अंतर स्पष्ट रहेगा, तो वे अपने खर्चों को बेहतर ढंग से नियंत्रित कर सकेंगे। परिणामस्वरूप बचत की आदत विकसित होगी और भविष्य के वित्तीय लक्ष्यों को हासिल करना आसान हो सकता है।
कम उम्र में निवेश शुरू करने के फायदे
सत्र के दौरान कंपाउंडिंग की शक्ति पर भी विशेष जोर दिया गया। विद्यार्थियों को उदाहरणों के माध्यम से बताया गया कि कम उम्र में निवेश शुरू करने से लंबे समय में कंपाउंडिंग का लाभ मिल सकता है।
उन्होंने समझाया कि निवेश के लिए बड़ी राशि का इंतजार करने के बजाय व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार छोटी रकम से भी शुरुआत कर सकता है। हालांकि, किसी भी निवेश से पहले उसके जोखिम, उद्देश्य और समयावधि को समझना आवश्यक है।
विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि निवेश का फैसला केवल दूसरे लोगों की सलाह या बाजार में चल रही चर्चाओं के आधार पर नहीं करना चाहिए। इसके बजाय अपनी वित्तीय स्थिति, लक्ष्य और जोखिम उठाने की क्षमता को ध्यान में रखकर निर्णय लेना चाहिए।
म्यूचुअल फंड और Risk-O-Meter की जानकारी
कार्यक्रम में म्यूचुअल फंड से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी भी विद्यार्थियों के साथ साझा की गई। उन्हें निवेश से जुड़े अलग-अलग जोखिम स्तरों के बारे में बताया गया। साथ ही Risk-O-Meter की भूमिका समझाई गई, जिससे निवेशक किसी योजना से जुड़े जोखिम को समझने में मदद ले सकते हैं।
विद्यार्थियों को सलाह दी गई कि निवेश विकल्प चुनने से पहले उसके जोखिम और संभावित उद्देश्य को अच्छी तरह समझना चाहिए। इस तरह वित्तीय लक्ष्य और जोखिम क्षमता के बीच संतुलन बनाकर बेहतर वित्तीय योजना तैयार की जा सकती है।
साइबर और वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव पर जोर
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा साइबर और वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव भी रहा। वित्तीय लेनदेन से जुड़े बढ़ते ऑनलाइन जोखिमों को देखते हुए विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार की धोखाधड़ियों के प्रति सतर्क किया गया।
सत्र में फिशिंग लिंक, विशिंग कॉल, लॉटरी स्कैम और कार्ड स्किमिंग जैसी धोखाधड़ी के तरीकों के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को समझाया गया कि अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध फोन कॉल पर व्यक्तिगत जानकारी देने या किसी लालच में बैंकिंग विवरण साझा करने से बचना चाहिए।
इसके अलावा, उन्हें स्पष्ट रूप से सलाह दी गई कि अपना पासवर्ड और OTP किसी के साथ साझा न करें। किसी भी संदिग्ध संदेश, कॉल या लिंक की सत्यता जांचे बिना उस पर प्रतिक्रिया न देने की भी सलाह दी गई।
SEBI-पंजीकृत मध्यस्थों के जरिए निवेश की सलाह
प्रो. त्रिपाठी ने विद्यार्थियों को निवेश के मामले में विश्वसनीय स्रोतों का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि निवेश से पहले संबंधित व्यक्ति या संस्था की विश्वसनीयता की जांच करना जरूरी है।
विद्यार्थियों को केवल SEBI-पंजीकृत मध्यस्थों के माध्यम से निवेश करने के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही वित्तीय जानकारी हासिल करने के लिए विश्वसनीय संसाधनों का उपयोग करने की सलाह दी गई।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को SEBI Investor वेबसाइट, Saarthi App और NSE वेबसाइट जैसे संसाधनों से वित्तीय जानकारी हासिल करने के लिए प्रेरित किया गया। इससे विद्यार्थियों को निवेश से जुड़े विषयों पर स्वयं जानकारी जुटाने और सही निर्णय लेने की आदत विकसित करने में मदद मिल सकती है।
अतिथियों ने वित्तीय शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला
कार्यक्रम के दौरान प्रो. (डॉ.) हरबंश दीक्षित, डीन, TMCLLS ने मुख्य वक्ता का स्वागत पौधा भेंट कर किया। वहीं प्रो. (डॉ.) सुशील कुमार सिंह, प्राचार्य, TMCLLS ने अपने स्वागत संबोधन में युवा विद्यार्थियों के लिए वित्तीय जागरूकता के महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि आज के समय में विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के साथ-साथ वित्तीय समझ विकसित करना भी महत्वपूर्ण है। शुरुआती उम्र में यदि युवा बजट, बचत और निवेश की मूल बातें समझ लें, तो वे भविष्य में अपने आर्थिक फैसलों को अधिक जिम्मेदारी के साथ ले सकते हैं।
कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन सुविग्य सक्सेना, असिस्टेंट प्रोफेसर, TMCLLS ने किया। उनकी भूमिका कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप से संचालित करने में महत्वपूर्ण रही।
मुख्य वक्ता को सम्मानित किया गया
कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रो. (डॉ.) हरबंश दीक्षित ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, विद्यार्थियों और आयोजन टीम का आभार व्यक्त किया। मुख्य वक्ता प्रो. (डॉ.) आशा राम त्रिपाठी को प्रशंसा-पत्र एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
इसके अलावा कार्यक्रम में शामिल सभी प्रतिभागियों को ई-प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए। इससे विद्यार्थियों में कार्यक्रम के प्रति उत्साह देखने को मिला।
विद्यार्थियों को मिली व्यावहारिक वित्तीय समझ
कुल मिलाकर, TMU में आयोजित यह जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए वित्तीय शिक्षा की दृष्टि से उपयोगी रहा। कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें केवल निवेश के विकल्पों की जानकारी ही नहीं मिली, बल्कि अपनी आय और खर्च को व्यवस्थित करने, बजट बनाने, बचत की आदत विकसित करने तथा भविष्य के लिए वित्तीय योजना तैयार करने की व्यावहारिक समझ भी मिली।
इसके साथ ही साइबर एवं वित्तीय धोखाधड़ी से बचने के उपायों पर दी गई जानकारी भी विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण रही। खासतौर पर पासवर्ड और OTP साझा न करने, संदिग्ध लिंक से बचने और केवल विश्वसनीय एवं SEBI-पंजीकृत माध्यमों से निवेश करने की सलाह उन्हें सुरक्षित वित्तीय व्यवहार अपनाने में मदद कर सकती है।

