प्रयागराज में पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 7 की मौत-22 झुलसे, कई मकान क्षतिग्रस्त

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Digital UP News Desk

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज और कौशांबी बॉर्डर पर सोमवार को पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट से इलाके में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हादसे में 2 बच्चों समेत 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 22 लोग झुलस गए। विस्फोट इतना तेज था कि पटाखा फैक्ट्री पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और आसपास के कई मकानों को भी नुकसान पहुंचा।

यह हादसा प्रयागराज एयरफोर्स स्टेशन के आसपास के क्षेत्र में हुआ। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए। इसके बाद घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने का काम शुरू किया गया। स्थानीय लोगों ने भी राहत और बचाव कार्य में सहयोग किया।

तेज धमाके से दहला पूरा इलाका

बताया जा रहा है कि सोमवार को पटाखा फैक्ट्री में अचानक विस्फोट हो गया। धमाका इतना तेज था कि आसपास के इलाके में इसकी आवाज काफी दूर तक सुनाई दी। विस्फोट के बाद फैक्ट्री का ढांचा पूरी तरह ढह गया।

वहीं, फैक्ट्री के आसपास बने मकानों को भी नुकसान पहुंचा। पुलिस के अनुसार, करीब 100 मीटर के दायरे में स्थित कई मकान प्रभावित हुए हैं। प्रारंभिक जानकारी में 8 आसपास के मकानों के क्षतिग्रस्त होने की बात सामने आई है। इनमें से कुछ मकानों को काफी नुकसान हुआ है।

घटना के बाद स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। हालांकि, प्रशासन और पुलिस टीमों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और राहत-बचाव कार्य तेज किया।

7 लोगों की मौत, 22 घायल

पुलिस के अनुसार, हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों में दो बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं। इसके अलावा 22 लोग झुलसे हैं, जिन्हें उपचार के लिए अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

घायलों में कुछ की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। ऐसे में प्रशासन की ओर से अस्पतालों में उपचार की व्यवस्था को लेकर भी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। डॉक्टरों की टीम घायलों का इलाज कर रही है।

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने भी घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, राहत दल के पहुंचने से पहले आसपास के लोगों ने अपने स्तर पर घायलों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की कोशिश की।

चारपाई पर घायलों को लेकर दौड़े लोग

विस्फोट के बाद घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने मानवीयता की मिसाल पेश की। हादसे में घायल हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए आसपास के लोग मौके पर जुट गए। कुछ लोगों ने घायलों को चारपाई और अन्य साधनों की मदद से बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाने में सहायता की।

इसके बाद पुलिस और प्रशासन की टीमों ने राहत एवं बचाव अभियान को अपने हाथ में लिया। मलबे को हटाने और यह सुनिश्चित करने का काम किया गया कि कहीं कोई व्यक्ति अंदर तो नहीं फंसा है।

फैक्ट्री पूरी तरह क्षतिग्रस्त

विस्फोट के कारण पटाखा फैक्ट्री का अधिकांश हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। फैक्ट्री के आसपास भी मलबा फैल गया। प्रशासन की टीमें घटनास्थल का निरीक्षण कर रही हैं।

इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि फैक्ट्री में पटाखों का निर्माण और भंडारण किस तरह किया जा रहा था। हादसे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

पुलिस और प्रशासन की ओर से फैक्ट्री से जुड़े दस्तावेजों, लाइसेंस और सुरक्षा मानकों की भी जांच किए जाने की संभावना है। इसके अलावा यह पता लगाया जा रहा है कि फैक्ट्री में निर्धारित क्षमता और नियमों के अनुसार ही पटाखों का निर्माण एवं भंडारण किया जा रहा था या नहीं।

आसपास के मकानों को भी पहुंचा नुकसान

धमाके का असर केवल फैक्ट्री तक सीमित नहीं रहा। करीब 100 मीटर के दायरे में स्थित आसपास के कई मकान भी इसकी चपेट में आ गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, करीब 8 मकानों को नुकसान पहुंचा है।

वहीं, तीन मकानों के पूरी तरह जमींदोज होने की जानकारी भी सामने आई है। प्रशासन की टीम प्रभावित मकानों का जायजा ले रही है। इसके साथ ही प्रभावित परिवारों की स्थिति की भी जानकारी जुटाई जा रही है।

प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना और घटनास्थल को सुरक्षित करना है। इसके बाद हादसे के कारणों और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की विस्तृत जांच की जाएगी।

एयरफोर्स स्टेशन के पास हादसा, सुरक्षा को लेकर सवाल

पटाखा फैक्ट्री में हुआ यह हादसा एयरफोर्स स्टेशन के आसपास के क्षेत्र में होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर रहा है। हालांकि, घटना से एयरफोर्स स्टेशन पर किसी प्रकार के प्रभाव की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

ऐसे संवेदनशील क्षेत्र के आसपास विस्फोटक सामग्री से जुड़े कामकाज को लेकर सुरक्षा मानकों का पालन बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इसलिए जांच के दौरान इस पहलू को भी देखा जा सकता है कि फैक्ट्री को संचालन की अनुमति किन परिस्थितियों में मिली थी और वहां सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए थे।

मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक टीमें

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। राहत-बचाव अभियान के साथ-साथ घटनास्थल की घेराबंदी की गई, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और बचाव कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए।

इसके अलावा आसपास के लोगों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई। प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

घटना के बाद पुलिस ने हादसे से जुड़े तथ्यों को जुटाना शुरू कर दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों और फैक्ट्री से जुड़े लोगों से भी जानकारी ली जा रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि विस्फोट किस कारण हुआ और इसके लिए कौन से परिस्थितिजन्य कारण जिम्मेदार थे।

प्रशासन की जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर

प्रयागराज-कौशांबी सीमा क्षेत्र में हुए इस हादसे ने पटाखा निर्माण और भंडारण से जुड़ी सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर ध्यान खींचा है। ऐसे स्थानों पर सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी होता है, क्योंकि छोटी सी लापरवाही भी बड़ा हादसा बन सकती है।

फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान घायलों के उपचार, राहत-बचाव और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर है। वहीं, पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।

जांच पूरी होने के बाद यह पता चल सकेगा कि फैक्ट्री में विस्फोट किन परिस्थितियों में हुआ। साथ ही, यदि नियमों के उल्लंघन से जुड़ी कोई बात सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

 7 लोगों की जान गई

प्रयागराज और कौशांबी बॉर्डर पर पटाखा फैक्ट्री में हुआ विस्फोट बेहद गंभीर हादसा है। इसमें 7 लोगों की जान गई है और 22 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा आसपास के कई मकानों को नुकसान पहुंचा है। प्रशासन और पुलिस की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं।

फिलहाल हादसे की विस्तृत जांच जारी है। घटना की वास्तविक वजह और फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों से जुड़े तथ्यों की जानकारी जांच पूरी होने के बाद सामने आने की उम्मीद है।

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