बिजनौर में साधुओं के वेश में ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार
रिपोर्ट- तापिश मिर्जा
बिजनौर। बिजनौर पुलिस ने साधुओं का वेश धारण कर लोगों को भय और धार्मिक आस्था का हवाला देकर कथित तौर पर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करने का दावा किया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी उत्तराखंड के रहने वाले बताए जा रहे हैं। उनके कब्जे से सोने की दो अंगूठियां, धातु की चेन और मंगलसूत्र समेत अन्य सामान बरामद किया गया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी साधु की वेशभूषा में हाईवे और सार्वजनिक स्थानों के आसपास लोगों से संपर्क करते थे। इसके बाद वे धार्मिक बातों और कथित तौर पर मृत्यु दंड जैसे भय का हवाला देकर लोगों को प्रभावित करते थे। पुलिस का कहना है कि इसी तरीके का इस्तेमाल कर वे भोली-भाली जनता को अपने जाल में फंसाकर उनके आभूषण और अन्य कीमती सामान ठग लेते थे।
नजीबाबाद में हाईवे किनारे सक्रिय था गिरोह
यह मामला बिजनौर जिले के थाना नजीबाबाद क्षेत्र से जुड़ा है। बताया गया है कि हाईवे किनारे साधुओं के वेश में घूम रहे आरोपियों की गतिविधियों को लेकर पुलिस को सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने जांच शुरू की और संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी।
इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो कथित आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को उनके द्वारा लोगों को अपने प्रभाव में लेकर ठगी किए जाने की जानकारी मिली है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरोह ने बिजनौर के अलावा उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में कितने लोगों को अपना निशाना बनाया।
पुलिस की कार्रवाई के बाद इस तरह के मामलों को लेकर लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। खास तौर पर हाईवे, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर अनजान लोगों के झांसे में आने से बचने की अपील की गई है।
साधु की वेशभूषा बनती थी ठगी का जरिया
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने लोगों का विश्वास हासिल करने के लिए साधु की वेशभूषा का इस्तेमाल किया। सामान्य तौर पर धार्मिक वेशभूषा देखकर लोग ऐसे व्यक्तियों की बातों पर आसानी से भरोसा कर लेते हैं। इसी विश्वास का कथित तौर पर आरोपियों ने फायदा उठाया।
आरोपी पहले लोगों से बातचीत शुरू करते और फिर धार्मिक या डर पैदा करने वाली बातें बताकर उन्हें प्रभावित करते थे। इसके बाद वे पीड़ित से आभूषण अथवा अन्य कीमती वस्तुएं अपने पास रखने के लिए कहते थे। पुलिस का आरोप है कि इसी तरीके से लोगों से ठगी की जाती थी।
हालांकि, पुलिस जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर ही पूरे गिरोह के तौर-तरीकों और नेटवर्क की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं।
मृत्यु दंड का खौफ दिखाने का आरोप
पुलिस के अनुसार, कथित आरोपी लोगों के मन में भय पैदा करने के लिए मृत्यु दंड जैसी बातों का हवाला देते थे। उनका उद्देश्य लोगों को मानसिक रूप से प्रभावित करना और अपनी बात मनवाना बताया गया है।
ऐसे मामलों में अक्सर आरोपी धार्मिक विश्वास, अंधविश्वास या डर का सहारा लेकर लोगों को प्रभावित करने की कोशिश करते हैं। बिजनौर पुलिस की कार्रवाई से एक बार फिर लोगों को यह संदेश मिलता है कि किसी भी अनजान व्यक्ति की बात पर विश्वास करने से पहले उसके दावे की पुष्टि करना जरूरी है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति धार्मिक या अन्य किसी बहाने से उनके आभूषण अथवा पैसे मांगता है तो तत्काल सतर्क हो जाएं और आवश्यकता पड़ने पर पुलिस को सूचना दें।
दो आरोपी गिरफ्तार, आभूषण बरामद
बिजनौर पुलिस टीम ने कार्रवाई के दौरान दो कथित साधु आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी उत्तराखंड के निवासी हैं। उनके पास से सोने की दो अंगूठियां, धातु की चेन और मंगलसूत्र बरामद किए गए हैं।
बरामद सामान को पुलिस ने जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना है। अब यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि ये आभूषण किन लोगों से कथित रूप से ठगे गए थे। इसके लिए पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और उनके पिछले आपराधिक रिकॉर्ड की भी जानकारी जुटा रही है।
इसके अलावा, पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि दोनों आरोपी अकेले काम करते थे या उनके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय था। चूंकि गिरोह को अंतरराज्यीय बताया जा रहा है, इसलिए जांच का दायरा बिजनौर से बाहर भी बढ़ सकता है।
एसपी ने प्रेस वार्ता में दी जानकारी
बिजनौर के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने प्रेस वार्ता के दौरान इस कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस टीम ने साधुओं की वेशभूषा में कथित रूप से ठगी करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले की जांच जारी है। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके द्वारा की गई अन्य कथित घटनाओं के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस का प्रयास है कि यदि आरोपियों ने अन्य स्थानों पर भी इसी तरह की घटनाओं को अंजाम दिया है तो उन मामलों की जानकारी सामने लाई जाए। इसके लिए स्थानीय पुलिस के साथ-साथ संबंधित क्षेत्रों से भी जानकारी जुटाई जा सकती है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने आभूषण, नकदी या अन्य कीमती सामान उसके हवाले न करें। धार्मिक वेशभूषा किसी व्यक्ति के वास्तविक परिचय या उसकी नीयत की पुष्टि नहीं करती है।
यदि कोई व्यक्ति डर, अंधविश्वास या किसी धार्मिक दावे के जरिए दबाव बनाने का प्रयास करता है तो लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। साथ ही, संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर पुलिस को तत्काल सूचना देना उपयोगी हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ठगी के मामलों में जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण बचाव है। इसलिए लोगों को बिना सत्यापन के किसी भी दावे पर विश्वास करने से बचना चाहिए।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल पुलिस की कार्रवाई के बाद दो आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके कब्जे से आभूषण बरामद होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, गिरोह का पूरा नेटवर्क कितना बड़ा है और आरोपियों ने अब तक कितने लोगों को कथित रूप से ठगा है, इसका पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा।
बिजनौर पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक इतिहास, संपर्कों और संभावित अन्य मामलों की जानकारी जुटाने में लगी है। साथ ही, बरामद आभूषणों के संबंध में भी जांच की जा रही है। यदि जांच में अन्य घटनाओं से इनके तार जुड़ते हैं तो पुलिस आगे और कार्रवाई कर सकती है।

