दिल्ली में 5 सितंबर को CJP का होगा मार्च, इंडिया गेट से पुलिस मुख्यालय तक जाएंगे समर्थक

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Digital UP News

नई दिल्ली: दिल्ली में 5 सितंबर को CJP की ओर से मार्च निकाले जाने की जानकारी सामने आई है। प्रस्तावित मार्च इंडिया गेट से शुरू होकर पुलिस मुख्यालय तक जाएगा। इसी बीच संबंधित मामले में सुप्रीम कोर्ट में FIR रद्द करने की याचिका पर सुनवाई का मामला भी सामने आया है। अदालत में हुई कार्यवाही के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इंटरवेंशन एप्लीकेशन (IA) दाखिल करने की अनुमति मांगी।

सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल ने संविधान के अनुच्छेद 142 के इस्तेमाल का भी हवाला दिया। वहीं, मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने मामले में अर्जेंसी को लेकर सवाल उठाया। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने IA दाखिल करने की अनुमति दे दी। अब मामले में आगे की सुनवाई कल होने की जानकारी दी गई है।

5 सितंबर को दिल्ली में प्रस्तावित मार्च

CJP की ओर से 5 सितंबर को दिल्ली में मार्च आयोजित किए जाने की बात कही गई है। प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत मार्च इंडिया गेट से शुरू होकर पुलिस मुख्यालय तक जाएगा। कार्यक्रम को लेकर आयोजकों की ओर से तैयारियां की जा रही हैं।

मार्च का उद्देश्य संबंधित मामले को लेकर अपनी बात सामने रखना बताया गया है। हालांकि, कार्यक्रम में कितने लोग शामिल होंगे और प्रशासन की ओर से इसके लिए क्या व्यवस्थाएं की जाएंगी, इसकी विस्तृत जानकारी इस स्क्रिप्ट में उपलब्ध नहीं है।

दिल्ली में किसी भी बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान यातायात और सुरक्षा व्यवस्था महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में प्रस्तावित मार्च के मद्देनजर संबंधित एजेंसियों की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं किए जाने की संभावना है।

सुप्रीम कोर्ट में FIR रद्द करने की याचिका

दूसरी ओर, इसी मामले से जुड़ी FIR को रद्द करने की मांग वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट के समक्ष है। इस याचिका पर सुनवाई के दौरान मामले से जुड़े पक्षों ने अपनी दलीलें रखीं।

सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इंटरवेंशन एप्लीकेशन यानी IA दाखिल करने की अनुमति मांगी। IA के जरिए कोई पक्ष अदालत के समक्ष मामले से संबंधित अतिरिक्त तथ्य या अपनी स्थिति रखने की अनुमति मांग सकता है।

सॉलिसिटर जनरल की ओर से अदालत के समक्ष संविधान के अनुच्छेद 142 का भी हवाला दिया गया। अनुच्छेद 142 सुप्रीम कोर्ट को लंबित मामलों में पूर्ण न्याय सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक आदेश जारी करने की शक्ति प्रदान करता है।

CJI सूर्यकांत ने अर्जेंसी पर उठाया सवाल

सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने मामले में अर्जेंसी यानी तत्काल सुनवाई की आवश्यकता को लेकर सवाल किया। अदालत ने यह जानना चाहा कि मामले में ऐसी क्या तात्कालिकता है, जिसके आधार पर तुरंत हस्तक्षेप की आवश्यकता हो।

अदालत में किसी मामले की सुनवाई के दौरान अर्जेंसी का मुद्दा महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इसी आधार पर तत्काल सुनवाई या अंतरिम राहत की मांग पर विचार किया जाता है। इस मामले में भी सुनवाई के दौरान इसी पहलू पर चर्चा हुई।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार अदालत ने IA दाखिल करने की अनुमति दे दी। इसके बाद मामले की आगे की सुनवाई के लिए अगली तारीख निर्धारित की गई है।

सुप्रीम कोर्ट ने IA दाखिल करने की दी अनुमति

सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को IA दाखिल करने की अनुमति दे दी। इसके साथ ही मामले में संबंधित पक्ष को अपनी बात अदालत के रिकॉर्ड पर रखने का अवसर मिलेगा।

IA दाखिल होने के बाद अदालत उसके माध्यम से रखे गए तथ्यों और दलीलों पर विचार कर सकती है। इसके बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।

यह प्रक्रिया इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि FIR रद्द करने की मांग वाली याचिका पर अदालत को संबंधित पक्षों की दलीलों और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर निर्णय लेना होगा।

अनुच्छेद 142 का हवाला क्यों महत्वपूर्ण

सुनवाई के दौरान संविधान के अनुच्छेद 142 का उल्लेख भी महत्वपूर्ण रहा। सुप्रीम कोर्ट को संविधान के इस प्रावधान के तहत किसी मामले में पूर्ण न्याय के लिए आवश्यक आदेश जारी करने की विशेष शक्ति प्राप्त है।

हालांकि, किसी मामले में इस शक्ति का प्रयोग किस प्रकार और किन परिस्थितियों में किया जाए, यह पूरी तरह अदालत के विचाराधीन होता है। इसलिए केवल अनुच्छेद 142 का हवाला दिए जाने को अदालत द्वारा उसके इस्तेमाल के निर्णय के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

इस मामले में भी अदालत की आगे की सुनवाई के बाद ही स्पष्ट होगा कि इस प्रावधान को लेकर क्या रुख अपनाया जाता है।

कल होगी मामले पर आगे सुनवाई

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर कल फिर सुनवाई होगी। ऐसे में अगली सुनवाई पर अदालत के समक्ष मामले से जुड़े पक्ष अपनी दलीलें रख सकते हैं।

FIR रद्द करने की याचिका पर अदालत का रुख और IA के माध्यम से रखे जाने वाले तथ्यों पर सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, अदालत के अंतिम आदेश के बाद ही मामले की कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी।

मार्च और न्यायिक सुनवाई पर नजर

एक तरफ 5 सितंबर को दिल्ली में इंडिया गेट से पुलिस मुख्यालय तक प्रस्तावित मार्च है, वहीं दूसरी ओर इसी मामले से संबंधित कानूनी कार्यवाही सुप्रीम कोर्ट में जारी है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मामले की गतिविधियों पर लोगों की नजर रहेगी।

प्रस्तावित मार्च के दौरान कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी होगी। वहीं न्यायिक स्तर पर मामले का फैसला अदालत में होने वाली सुनवाई और संबंधित पक्षों की दलीलों के आधार पर आगे बढ़ेगा।

कुल मिलाकर, दिल्ली में 5 सितंबर का प्रस्तावित CJP मार्च और सुप्रीम कोर्ट में FIR रद्द करने की याचिका से जुड़ी सुनवाई इस मामले के दो महत्वपूर्ण पहलू हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा IA दाखिल करने की अनुमति दिए जाने के बाद अब अगली सुनवाई में मामले की दिशा और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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