कौशांबी में अवैध पटाखा फैक्ट्री में बड़ा विस्फोट, 11 लोगों की मौत; सीएम योगी ने जताया शोक

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Digital UP News Desk

कौशांबी। उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में सोमवार को पटाखा फैक्ट्री में हुए जोरदार विस्फोट ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। मनौरी क्षेत्र में हुए इस हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत की सूचना सामने आई है। मृतकों में कई बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद मौके पर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। पुलिस, प्रशासन और दमकल की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं और मलबे में फंसे लोगों की तलाश शुरू की गई। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, घटना प्रयागराज-कौशांबी सीमा के आसपास पिपरी थाना क्षेत्र में हुई।

तेज धमाके से मची अफरा-तफरी

जानकारी के मुताबिक सोमवार दोपहर पटाखा बनाने वाली इकाई में अचानक विस्फोट हुआ। इसके बाद लगातार धमाकों की आवाज सुनाई दी। घटना के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए। प्रारंभिक रिपोर्टों में बताया गया कि विस्फोट का असर आसपास के मकानों तक पहुंचा और कई भवन क्षतिग्रस्त हुए।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। इसके साथ ही राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया। मलबा हटाने के लिए अर्थमूवर मशीनों की मदद ली गई। अधिकारियों का मुख्य फोकस मलबे में किसी व्यक्ति के फंसे होने की स्थिति में उसे सुरक्षित बाहर निकालने और घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर रहा।

मृतकों में कई बच्चे शामिल

आपके उपलब्ध कराए गए अपडेट के अनुसार, इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई है। मृतकों की सूची में कई कम उम्र के बच्चे भी शामिल हैं। नाम इस प्रकार बताए गए हैं—

  • प्रियांजलि – 5 वर्ष
  • प्रवीण सिंह – 13 वर्ष
  • जाह्नवी – 12 वर्ष
  • आदित्य – 12 वर्ष
  • रवि – 8 वर्ष
  • ज्ञान सिंह – 40 वर्ष
  • आदित्य – 8 वर्ष
  • अंजू – 32 वर्ष
  • विक्रम सरोज – 35 वर्ष
  • अंश – 6 वर्ष
  • नन्हा – 4 वर्ष

मृतकों की पहचान और उम्र से संबंधित जानकारी को प्रशासनिक स्तर पर सत्यापित किया जा रहा है। हादसे के बाद स्थानीय लोगों में शोक का माहौल है। वहीं, प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

कई मकानों को पहुंचा नुकसान

विस्फोट की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आसपास के कई मकानों को नुकसान पहुंचने की खबर सामने आई है। अलग-अलग शुरुआती रिपोर्टों में प्रभावित मकानों की संख्या अलग बताई गई है। कुछ रिपोर्टों में चार से पांच मकानों के क्षतिग्रस्त होने की बात कही गई, जबकि अन्य रिपोर्टों में इससे अधिक मकानों के प्रभावित होने का उल्लेख है।

प्रशासन ने घटनास्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। बचाव अभियान के दौरान लोगों की अनावश्यक भीड़ को घटनास्थल से दूर रखा गया, ताकि राहत कार्य में किसी तरह की बाधा न आए। इसके अलावा, घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था की गई।

घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया

हादसे में कई लोगों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। कुछ गंभीर घायलों को प्रयागराज के अस्पतालों में इलाज के लिए भेजे जाने की खबर है। उपलब्ध रिपोर्टों में बताया गया कि राहत एवं बचाव दल ने घायलों को घटनास्थल से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाने का काम किया।

अस्पतालों में चिकित्सकों की टीमों को अलर्ट रखा गया। घायलों की स्थिति और उनकी संख्या को लेकर प्रशासन की ओर से लगातार जानकारी जुटाई जा रही है। वहीं, घटनास्थल पर मलबा हटाने का काम भी जारी रहा, ताकि किसी अन्य व्यक्ति के वहां फंसे होने की स्थिति में उसे जल्द बाहर निकाला जा सके।

अवैध पटाखा निर्माण पर उठे सवाल

इस घटना के बाद पटाखा निर्माण और सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यदि किसी इकाई में बिना आवश्यक अनुमति या निर्धारित सुरक्षा मानकों के पटाखों का निर्माण हो रहा था, तो इसकी जांच जरूरी होगी। प्रशासनिक अधिकारियों की जांच से ही यह स्पष्ट होगा कि फैक्ट्री के संचालन के लिए आवश्यक अनुमति थी या नहीं और वहां सुरक्षा नियमों का कितना पालन किया जा रहा था।

दरअसल, पटाखा निर्माण बेहद संवेदनशील गतिविधि है। ऐसे स्थानों पर ज्वलनशील सामग्री के भंडारण और निर्माण के दौरान निर्धारित सुरक्षा व्यवस्था का पालन आवश्यक होता है। इसलिए इस हादसे के बाद प्रशासन की ओर से जिले में संचालित अन्य पटाखा निर्माण इकाइयों की भी जांच किए जाने की संभावना है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जताया शोक

हादसे पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने तथा घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री की ओर से प्रशासन को प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही घायलों के इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही न होने देने पर जोर दिया गया है।

हादसे की जांच से सामने आएगा पूरा सच

फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता राहत और बचाव अभियान को पूरा करना है। इसके बाद हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी। जांच में यह देखा जाएगा कि विस्फोट किस वजह से हुआ, वहां किस प्रकार की सामग्री रखी गई थी, निर्माण कार्य के लिए आवश्यक अनुमति थी या नहीं और सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

इसके अलावा, यह भी महत्वपूर्ण होगा कि यदि फैक्ट्री अवैध रूप से संचालित हो रही थी तो संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था में चूक कैसे हुई। जांच के बाद जिम्मेदारी तय होने की उम्मीद है।

स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल

घटना के बाद मनौरी और आसपास के इलाकों में चिंता का माहौल है। स्थानीय लोग प्रशासन से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और अवैध रूप से संचालित होने वाली गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं, प्रभावित परिवारों के प्रति स्थानीय लोगों ने संवेदना व्यक्त की है।

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