मथुरा में गेस्ट हाउस सीलिंग पर व्यापार मंडल हुआ सक्रिय, अब समस्याओं के समाधान को होगी सभी विभागों की बैठक
मथुरा: मथुरा शहर में विभिन्न स्थानों पर छोटे गेस्ट हाउसों के विरुद्ध प्रशासन द्वारा की जा रही सीलिंग कार्रवाई के बाद गेस्ट हाउस संचालकों की चिंताएं बढ़ गई हैं। इसी क्रम में नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने गेस्ट हाउस संचालकों की समस्याओं को गंभीरता से उठाते हुए नगर अध्यक्ष सुनील अग्रवाल के नेतृत्व में नगर मजिस्ट्रेट अनुपम मिश्र से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने गेस्ट हाउस संचालकों के सामने आ रही प्रशासनिक और व्यावहारिक कठिनाइयों को विस्तार से रखा तथा उनके समाधान के लिए एकल खिड़की (सिंगल विंडो) व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया।
बैठक के दौरान व्यापार मंडल ने यह भी प्रस्ताव रखा कि शहर के सभी गेस्ट हाउस एवं होटल संचालकों के साथ एक व्यापक बैठक आयोजित की जाए। इस बैठक में फायर विभाग, पर्यटन विभाग, मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण (एमवीडीए) तथा प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहें, ताकि सभी आवश्यक नियमों, प्रक्रियाओं और औपचारिकताओं की जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध कराई जा सके।
प्रशासन ने बैठक आयोजित करने पर जताई सहमति
नगर मजिस्ट्रेट अनुपम मिश्र ने व्यापार मंडल के सुझावों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए संयुक्त बैठक आयोजित करने पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने व्यापार मंडल से कहा कि वह सभी गेस्ट हाउस एवं होटल संचालकों को बैठक के लिए आमंत्रित करे। साथ ही उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने का भी आश्वासन दिया।
प्रशासन का मानना है कि यदि सभी विभाग एक साथ बैठकर संचालकों की समस्याओं और नियमों पर चर्चा करेंगे, तो कई व्यावहारिक कठिनाइयों का समाधान सरलता से निकल सकेगा। इससे अनावश्यक भ्रम भी समाप्त होगा और नियमों के अनुपालन की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बन सकेगी।
छोटे संचालकों ने भी रखीं अपनी परेशानियां
प्रतिनिधिमंडल ने नगर मजिस्ट्रेट को बताया कि शहर में बड़ी संख्या में छोटे गेस्ट हाउस ऐसे हैं जिनका संचालन सीमित संसाधनों के साथ किया जाता है। इन प्रतिष्ठानों पर निर्भर अनेक परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है। लगातार विभिन्न विभागों के चक्कर लगाने और अलग-अलग औपचारिकताओं को पूरा करने में संचालकों को काफी समय और आर्थिक संसाधन खर्च करने पड़ते हैं।
व्यापार मंडल का कहना था कि कई संचालक नियमों का पालन करना चाहते हैं, लेकिन अलग-अलग विभागों की प्रक्रियाओं के कारण उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में यदि सभी आवश्यक अनुमतियों और औपचारिकताओं के लिए एकल खिड़की प्रणाली लागू की जाए, तो यह व्यवस्था अधिक प्रभावी और सुविधाजनक साबित होगी।
एकल खिड़की प्रणाली का रखा गया सुझाव
बैठक के दौरान व्यापार मंडल ने स्पष्ट रूप से सुझाव दिया कि होटल एवं गेस्ट हाउस से जुड़े सभी प्रशासनिक कार्यों के लिए एकल खिड़की प्रणाली विकसित की जाए। इसके माध्यम से संचालकों को अलग-अलग विभागों के कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी।
यदि यह व्यवस्था लागू होती है, तो फायर सुरक्षा, पर्यटन विभाग, विकास प्राधिकरण तथा अन्य संबंधित विभागों की आवश्यक प्रक्रियाएं एक समन्वित व्यवस्था के माध्यम से पूरी की जा सकेंगी। इससे समय की बचत होगी तथा प्रशासन और व्यापारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा।
संयुक्त बैठक से मिलेगा समाधान
नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के पदाधिकारियों का मानना है कि प्रस्तावित संयुक्त बैठक केवल समस्याएं सुनने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसमें नियमों की स्पष्ट जानकारी भी दी जाएगी। इसके अतिरिक्त संचालकों की जिज्ञासाओं का समाधान संबंधित विभागों के अधिकारी मौके पर ही करेंगे।
इस प्रकार भविष्य में लाइसेंस, सुरक्षा मानकों, भवन संबंधी औपचारिकताओं और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं को लेकर किसी प्रकार की असमंजस की स्थिति नहीं बनेगी। साथ ही संचालकों को समयबद्ध तरीके से आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्राप्त होंगे।
हजारों लोगों की आजीविका से जुड़ा है विषय
नगर महामंत्री शशिभानु गर्ग ने बताया कि इस पूरे विषय का संबंध केवल गेस्ट हाउस संचालकों तक सीमित नहीं है। इन प्रतिष्ठानों में कार्यरत बड़ी संख्या में कर्मचारी और उनके परिवार भी इसी व्यवसाय पर निर्भर हैं। इसलिए प्रशासन और व्यापार मंडल का प्रयास है कि नियमों का पालन भी सुनिश्चित हो तथा रोजगार पर अनावश्यक प्रतिकूल प्रभाव भी न पड़े।
उन्होंने कहा कि शीघ्र ही एक बड़ी बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें मथुरा नगर के सभी होटल व्यवसायियों, छोटे-बड़े गेस्ट हाउस संचालकों तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को आमंत्रित किया जाएगा। इस बैठक में समस्याओं के व्यावहारिक समाधान पर विशेष रूप से चर्चा होगी।
समन्वय से निकलेगा स्थायी समाधान
व्यापार मंडल का कहना है कि प्रशासन और व्यापारियों के बीच बेहतर संवाद किसी भी समस्या के समाधान की सबसे प्रभावी प्रक्रिया है। यदि सभी विभाग एक साथ बैठकर आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे, तो नियमों का पालन भी आसान होगा और व्यापारिक गतिविधियां भी सुचारु रूप से संचालित हो सकेंगी।
विशेषज्ञों का भी मानना है कि पर्यटन नगरी मथुरा में होटल और गेस्ट हाउस उद्योग स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए नियामकीय प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना पर्यटन क्षेत्र के विकास के लिए भी लाभकारी साबित हो सकता है।
बैठक में यह पदाधिकारी रहे मौजूद
नगर मजिस्ट्रेट से हुई मुलाकात के दौरान नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के नगर अध्यक्ष सुनील अग्रवाल, महामंत्री शशिभानु गर्ग, उपाध्यक्ष गुरमुख दास, चौधरी राजवीर सिंह, संयुक्त महामंत्री श्री भगवान चतुर्वेदी, नगर मंत्री एवं जन्मभूमि लिंक रोड व्यवसाय समिति के अध्यक्ष विजयवीर सिंह, महामंत्री कृष्ण गोपाल शर्मा, बलवीर सिंह, सुधीर तोमर, देवी सिंह, ओंकार गौतम, किशन चंद शर्मा, पवन शर्मा, भगवान सिंह सहित बड़ी संख्या में व्यापारी एवं गेस्ट हाउस संचालक उपस्थित रहे।
फिलहाल प्रशासन और व्यापार मंडल के बीच हुई सकारात्मक बातचीत से यह उम्मीद जगी है कि गेस्ट हाउस संचालकों की समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस पहल होगी। प्रस्तावित संयुक्त बैठक और एकल खिड़की प्रणाली जैसे सुझाव यदि प्रभावी रूप से लागू होते हैं, तो इससे प्रशासनिक प्रक्रियाएं अधिक सरल बन सकती हैं। साथ ही नियमों का पालन सुनिश्चित करते हुए स्थानीय व्यापार और रोजगार को भी संतुलित रूप से आगे बढ़ाने में सहायता मिलेगी।

