अलीगढ़ में दहेज में बाइक नहीं मिली तो दूल्हा बारात लेकर नहीं पहुंचा, मेहंदी लगाए इंतजार करती रही दुल्हन
Digital UP News Desk
अलीगढ़: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में दहेज में बाइक की मांग पूरी नहीं होने पर कथित तौर पर दूल्हे के बारात लेकर नहीं पहुंचने का मामला सामने आया है। शादी के लिए दुल्हन पक्ष ने पूरी तैयारियां कर रखी थीं। घर में मेहमान और रिश्तेदार पहुंच चुके थे, खाना तैयार था और दुल्हन तराना हाथों में मेहंदी लगाए दूल्हे सलमान का इंतजार कर रही थी। लेकिन तय समय पर बारात नहीं पहुंची। इसके बाद परिवार में अफरा-तफरी मच गई और दुल्हन की तबीयत भी बिगड़ गई।
मामला अलीगढ़ के क्वार्सी थाना क्षेत्र के नगला पटवारी से जुड़ा बताया जा रहा है। दुल्हन पक्ष का आरोप है कि दूल्हे की ओर से दहेज में बाइक की मांग की गई थी। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिवार बाइक देने में सक्षम नहीं था। आरोप है कि इसी वजह से शनिवार सुबह निर्धारित समय पर दूल्हा बारात लेकर नहीं पहुंचा।
शादी की पूरी तैयारी, लेकिन नहीं पहुंची बारात
जानकारी के मुताबिक, क्वार्सी थाना क्षेत्र के नगला पटवारी निवासी बली मोहम्मद की बेटी तराना की शादी रोरावर थाना क्षेत्र के शाह जमाल निवासी उमर के बेटे सलमान से तय हुई थी। दोनों परिवारों के बीच शादी की तैयारियां चल रही थीं। शनिवार सुबह करीब 10 बजे बारात पहुंचने का समय तय था।
दुल्हन पक्ष ने शादी के लिए घर को सजाया था। रिश्तेदार और मेहमान भी दूर-दूर से समारोह में शामिल होने पहुंच चुके थे। मेहमानों के लिए भोजन की व्यवस्था भी कर ली गई थी। परिवार को उम्मीद थी कि कुछ ही देर में बारात पहुंचेगी और शादी की रस्में शुरू हो जाएंगी।
हालांकि, निर्धारित समय बीतने के बाद भी बारात नहीं पहुंची। शुरुआत में परिवार को लगा कि रास्ते में किसी वजह से देरी हो रही होगी। लेकिन काफी समय गुजरने के बाद जब दूल्हे पक्ष की ओर से बारात आने की कोई सूचना नहीं मिली तो चिंता बढ़ने लगी।
दुल्हन को बारात नहीं आने की जानकारी मिली तो बिगड़ी तबीयत
जब तराना को पता चला कि दूल्हा बारात लेकर नहीं आ रहा है तो वह भावुक हो गई। परिजनों के मुताबिक, वह काफी देर तक रोती रही। इसी बीच उसकी तबीयत भी बिगड़ गई। शादी के लिए तैयार घर में अचानक खुशी की जगह चिंता और निराशा का माहौल बन गया।
वहीं, शादी में शामिल होने आए रिश्तेदार भी परेशान हो गए। परिजनों के सामने सबसे बड़ी चिंता यह थी कि आखिर बारात क्यों नहीं आई और अब आगे क्या किया जाए। दुल्हन पक्ष का कहना है कि उन्होंने अपनी क्षमता के अनुसार शादी की सभी तैयारियां पूरी की थीं।
बाइक की मांग पूरी न होने का आरोप
दुल्हन पक्ष की ओर से आरोप लगाया गया है कि दूल्हे सलमान की ओर से दहेज में बाइक की मांग की गई थी। परिवार का कहना है कि उनकी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वह दूल्हे को बाइक दे सकें। आरोप है कि बाइक की मांग पूरी नहीं होने के कारण दूल्हा बारात लेकर नहीं पहुंचा।
हालांकि, अभी तक यह मामला पुलिस में औपचारिक रूप से दर्ज नहीं हुआ है। इसलिए दहेज की मांग और बारात नहीं आने से जुड़े आरोपों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस स्तर से नहीं हुई है। दुल्हन पक्ष का कहना है कि वह परिवार और रिश्तेदारों से बातचीत करने के बाद संबंधित थाने में शिकायत देने की तैयारी कर रहा है।
पिता बोले- मजदूरी कर परिवार चलाते हैं
दुल्हन के पिता बल्लू खां ने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि वह मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उनके लिए बाइक खरीदना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि शादी को लेकर परिवार ने अपनी क्षमता के मुताबिक पूरी तैयारी की थी।
पिता के मुताबिक, बेटी की शादी के लिए रिश्तेदारों को भी बुलाया गया था। सभी लोग समय पर पहुंच गए, लेकिन बारात नहीं आई। इससे परिवार को मानसिक परेशानी के साथ-साथ सामाजिक स्थिति को लेकर भी चिंता हो रही है।
उन्होंने कहा कि बेटी की हालत देखकर पूरा परिवार परेशान है। शादी के लिए आए रिश्तेदार भी इस स्थिति से चिंतित हैं। अब परिवार यह तय करने में जुटा है कि मामले में आगे क्या कदम उठाया जाए।
रिश्तेदारों के सामने खड़ी हुई परेशानी
शादी समारोह में जब बारात नहीं पहुंची तो रिश्तेदारों के बीच भी तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। दुल्हन पक्ष के मुताबिक, समारोह के लिए भोजन समेत अन्य व्यवस्थाएं पहले ही पूरी कर ली गई थीं। ऐसे में बारात नहीं आने के बाद पूरा आयोजन प्रभावित हो गया।
परिवार का कहना है कि उन्होंने शादी को लेकर किसी तरह की कमी नहीं छोड़ी थी। इसके बावजूद यदि दहेज की मांग के कारण बारात नहीं आई है तो यह गंभीर सामाजिक मुद्दा है। परिजन अब मामले को लेकर कानूनी सलाह लेने की तैयारी में हैं।
पुलिस में शिकायत देने की तैयारी
फिलहाल दुल्हन पक्ष की ओर से पुलिस में शिकायत नहीं दी गई है। हालांकि, परिजनों का कहना है कि वे परिवार और रिश्तेदारों से विचार-विमर्श कर संबंधित थाने में शिकायत देने जा रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद ही पुलिस मामले के आरोपों की जांच कर सकेगी।
यदि दुल्हन पक्ष लिखित शिकायत देता है तो पुलिस दोनों पक्षों से बातचीत कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा सकती है। इसके साथ ही दहेज की मांग किए जाने और बारात नहीं आने के आरोपों की भी जांच की जा सकती है।
दहेज प्रथा पर फिर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर दहेज प्रथा को लेकर सवाल खड़े करती है। शादी जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर आर्थिक मांगों को लेकर रिश्तों में विवाद की स्थिति पैदा होना परिवारों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन सकता है। कानून में दहेज लेना और देना प्रतिबंधित है, फिर भी समय-समय पर दहेज से जुड़े विवाद सामने आते रहते हैं।
हालांकि, इस मामले में अभी दुल्हन पक्ष के आरोपों की पुलिस जांच बाकी है। इसलिए घटना से जुड़े सभी तथ्यों को आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट माना जा सकेगा।
फिलहाल अलीगढ़ में दुल्हन पक्ष अपने अगले कदम को लेकर रिश्तेदारों से बातचीत कर रहा है। तराना की तबीयत बिगड़ने के बाद परिवार उसकी देखभाल में जुटा है। दूसरी ओर, सभी की नजर इस बात पर है कि क्या दुल्हन पक्ष पुलिस में शिकायत दर्ज कराता है और पुलिस जांच में दहेज की बाइक की मांग से जुड़े आरोप कितने सही पाए जाते हैं।

