मथुरा में उठी राजू दास के खिलाफ कार्रवाई की मांग, कलेक्ट्रेट पहुंचे सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता

41e7bf50-879d-41b7-9900-b229b5555a58

रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज 

मथुरा: लाइव टीवी डिबेट के दौरान महंत राजू दास द्वारा कांग्रेस प्रवक्ता कुंवर सिंह निषाद के साथ कथित तौर पर अभद्र भाषा के इस्तेमाल के विरोध में शनिवार को सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता और समर्थक मथुरा कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने मामले में तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने और निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई की मांग की।

कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शनकारियों की मौजूदगी को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए नारेबाजी भी की।

जिलाधिकारी से मुलाकात के लिए किया इंतजार

कुंवर सिंह निषाद के नेतृत्व में पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक जिलाधिकारी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपना चाहते थे। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, वे करीब दो घंटे तक जिलाधिकारी से मिलने का इंतजार करते रहे। हालांकि, इस दौरान जिलाधिकारी से मुलाकात नहीं हो सकी।

ज्ञापन स्वीकार नहीं किए जाने के बाद प्रदर्शनकारियों में नाराजगी देखने को मिली। इसके बाद उन्होंने जिला प्रशासन के खिलाफ भी नारेबाजी की। अंततः प्रदर्शनकारी बिना ज्ञापन सौंपे ही वापस लौट गए।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शिकायत से जुड़े मामले में प्रशासन को उनकी बात सुननी चाहिए थी और संबंधित अधिकारियों के माध्यम से शिकायत पर आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ानी चाहिए थी।

कुंवर सिंह निषाद ने कार्रवाई की मांग की

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस प्रवक्ता कुंवर सिंह निषाद ने कहा कि लाइव टीवी डिबेट के दौरान उनके साथ कथित तौर पर जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया गया, वह सार्वजनिक मंच की गरिमा के अनुरूप नहीं है। उन्होंने मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की।

निषाद ने आरोप लगाया कि महंत राजू दास को प्रदेश सरकार का संरक्षण प्राप्त है। हालांकि, यह आरोप कांग्रेस नेता की ओर से लगाया गया है और इस संबंध में संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।

उन्होंने प्रशासन से मांग की कि शिकायत पर तत्काल प्राथमिकी दर्ज की जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि संबंधित व्यक्ति सार्वजनिक रूप से माफी मांगता है तो विवाद का समाधान भी संभव है।

कुंवर सिंह निषाद ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल व्यक्तिगत सम्मान का मामला उठाना नहीं है, बल्कि सार्वजनिक जीवन में महिलाओं और सभी नागरिकों की गरिमा एवं सम्मान को लेकर आवाज उठाना भी है।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दो दिन के भीतर प्रभावी कार्रवाई नहीं होती है तो कांग्रेस कार्यकर्ता 1 सितंबर को बड़े स्तर पर आंदोलन कर सकते हैं।

कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने भी उठाए सवाल

कांग्रेस जिला अध्यक्ष मुकेश धनगर ने भी मामले को लेकर प्रशासन से कार्रवाई की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायत किए जाने के बावजूद अभी तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है।

मुकेश धनगर ने कहा कि सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान किसी व्यक्ति के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार का मामला गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि शिकायत की जांच निष्पक्ष तरीके से की जाए और कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए।

उन्होंने कहा कि यदि शिकायत पर कार्रवाई नहीं होती है तो कांग्रेस इस मुद्दे को आगे भी उठाएगी। साथ ही उन्होंने प्रशासन से राजनीतिक दबाव से अलग होकर कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करने की मांग की।

निष्पक्ष जांच की मांग

प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के सामने कई मांगें रखीं। इनमें कांग्रेस प्रवक्ता कुंवर सिंह निषाद की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज करना, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराना और आवश्यकता होने पर सुरक्षा उपलब्ध कराना प्रमुख रहा।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि किसी भी सार्वजनिक मंच पर विवाद की स्थिति में तथ्यों की जांच के बाद कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से शिकायत पर अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध कराने की भी मांग की।

हालांकि, प्रदर्शनकारियों और जिलाधिकारी के बीच मुलाकात नहीं होने के कारण ज्ञापन सौंपने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद प्रदर्शनकारी वापस लौट गए।

कलेक्ट्रेट में सुरक्षा व्यवस्था रही कड़ी

प्रदर्शन को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी गई। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौके पर तैनात रहे, ताकि प्रदर्शन के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो।

पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ा। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की और कार्रवाई की मांग दोहराई।

बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद

प्रदर्शन में कांग्रेस जिला अध्यक्ष मुकेश धनगर, यूथ कांग्रेस प्रदेश महासचिव अनाम धन्य तिवारी, कम्युनिस्ट नेता गफ्फार अब्बास एडवोकेट, यूथ कांग्रेस जिला अध्यक्ष दुर्गेश बघेल, देवेंद्र निषाद, बालवीर निषाद, मुकेश निषाद, भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष सोनू फौजी, माधव गौतम एडवोकेट, देवकीनंदन एडवोकेट, शालू सिकरवार एडवोकेट, देवकीनंदन कश्यप, डॉ. पुरुषोत्तम निषाद, डालचंद निषाद एडवोकेट, हीरालाल कश्यप, सुमित कश्यप, प्रेमवीर पाराशर, रोहित शर्मा, दिनेश शर्मा, प्रीतम सिकरवार, राहुल सिकरवार एडवोकेट, संजीव कुमार और कोमल सिंह समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं समर्थक मौजूद रहे।

आगे की कार्रवाई पर नजर

फिलहाल यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा में है। कांग्रेस नेताओं ने कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आगामी 1 सितंबर को बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रशासन की ओर से शिकायत पर क्या कदम उठाया जाता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।

वहीं, पूरे मामले में निष्पक्ष जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई के आधार पर आगे की तस्वीर सामने आएगी। फिलहाल प्रदर्शनकारियों ने कानून के अनुसार कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग को प्रमुखता से उठाया है।

रक्षाबंधन के अवसर पर मथुरा कलेक्ट्रेट में हुए इस प्रदर्शन ने एक बार फिर सार्वजनिक मंचों पर मर्यादित संवाद और नागरिक सम्मान से जुड़े सवालों को चर्चा में ला दिया है। अब देखना होगा कि संबंधित शिकायत पर प्रशासन और पुलिस की ओर से आगे क्या कार्रवाई की जाती है।

You may have missed