श्रावस्ती में निर्माणाधीन पानी की टंकी से गिरकर मजदूर की मौत, परिजनों ने उठाई जांच की मांग
रिपोर्ट – सूर्य प्रकाश शुक्ला
श्रावस्ती: उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में निर्माणाधीन पानी की टंकी पर कार्य के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया। भिनगा कोतवाली क्षेत्र स्थित नगर पालिका परिसर में बन रही पानी की टंकी से गिरने के कारण 25 वर्षीय मजदूर की मृत्यु हो गई। हादसे के बाद साथी मजदूरों और स्थानीय लोगों ने उसे तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद मृतक के परिजनों ने कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। वहीं, निर्माण कार्य से जुड़े इंजीनियर ने दावा किया है कि मौके पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच की जा रही है।
निर्माणाधीन पानी की टंकी पर हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार यह घटना भिनगा कोतवाली क्षेत्र के नगर पालिका परिसर में निर्माणाधीन पानी की टंकी पर हुई। बताया जा रहा है कि 25 वर्षीय मजदूर कलीम ऊपरी हिस्से पर कार्य कर रहा था। कार्य समाप्त होने के बाद नीचे उतरते समय उसका संतुलन बिगड़ गया और वह ऊंचाई से नीचे गिर गया।
इसके तुरंत बाद वहां मौजूद अन्य मजदूरों और कर्मचारियों ने उसे गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों ने सुरक्षा में लापरवाही का लगाया आरोप
मृतक के परिजनों का आरोप है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया। उनका कहना है कि मजदूरों से ऊंचाई पर कार्य तो कराया जा रहा था, लेकिन कथित रूप से हेलमेट और सेफ्टी बेल्ट जैसी आवश्यक सुरक्षा सामग्री उपलब्ध नहीं कराई गई थी।
इसके अलावा, परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि हादसे की सूचना उन्हें काफी देर बाद दी गई, जिससे उन्हें समय पर घटना की जानकारी नहीं मिल सकी।
हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच के बाद ही हो सकेगी।
इंजीनियर ने सुरक्षा इंतजाम होने का किया दावा
दूसरी ओर निर्माण कार्य से जुड़े इंजीनियर अतीक ने इन आरोपों से अलग पक्ष रखते हुए कहा कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा के सभी आवश्यक इंतजाम किए गए थे। उनके अनुसार कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन कराया जा रहा था।
इस प्रकार, मामले में दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं। ऐसे में वास्तविक स्थिति का पता प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
दिहाड़ी मजदूर था कलीम
मृतक कलीम दिहाड़ी मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। परिजनों के अनुसार उसके परिवार में पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं, जिनकी जिम्मेदारी अब परिवार के अन्य सदस्यों पर आ गई है।
वहीं, हादसे के बाद पूरे परिवार में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
पुलिस ने शुरू की आवश्यक कार्रवाई
घटना की सूचना मिलने के बाद भिनगा कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
इसके साथ ही, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
परिजनों ने कार्रवाई की मांग की
मृतक के पिता बरकत सहित अन्य परिजनों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया गया है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
परिजनों ने यह भी मांग की कि उन्हें न्याय दिलाने के साथ-साथ सरकारी नियमों के अनुसार आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाए।
निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों का महत्व
विशेषज्ञों का मानना है कि ऊंचाई पर होने वाले निर्माण कार्यों में सुरक्षा उपकरणों का उपयोग अत्यंत आवश्यक होता है। हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट, सुरक्षा जाल और प्रशिक्षित पर्यवेक्षण जैसी व्यवस्थाएं कार्यस्थल पर संभावित दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
इसी कारण, श्रम सुरक्षा से जुड़े नियमों में निर्माण एजेंसियों और ठेकेदारों को आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है।
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी स्थिति
फिलहाल इस मामले में परिजनों ने सुरक्षा में लापरवाही के आरोप लगाए हैं, जबकि निर्माण कार्य से जुड़े इंजीनियर ने सुरक्षा इंतजाम पर्याप्त होने का दावा किया है।
इसलिए, मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच, तकनीकी निरीक्षण और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही स्पष्ट होगी। प्रशासनिक जांच पूरी होने से पहले किसी भी पक्ष को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा।
प्रशासन की भूमिका पर सभी की नजर
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाती है तो घटना के वास्तविक कारण सामने आ सकेंगे। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भी आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा सकते हैं। इसके अलावा, श्रम सुरक्षा नियमों के प्रभावी पालन से निर्माण स्थलों पर काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा और अधिक मजबूत की जा सकती है।
श्रावस्ती के भिनगा क्षेत्र में निर्माणाधीन पानी की टंकी से गिरकर 25 वर्षीय मजदूर कलीम की मृत्यु का मामला कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े करता है। एक ओर परिजन कार्यस्थल पर सुरक्षा में लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर निर्माण कार्य से जुड़े इंजीनियर सुरक्षा इंतजाम पर्याप्त होने की बात कह रहे हैं।
ऐसे में निष्पक्ष जांच ही इस घटना की वास्तविक परिस्थितियों को स्पष्ट कर सकेगी। फिलहाल पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, यह घटना निर्माण कार्यों में श्रम सुरक्षा मानकों के प्रभावी पालन की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है।

