कानपुर समाधान दिवस: 10 साल बाद प्रेमप्रकाश को मिली संशोधित खतौनी, 147 मामलों में 11 का मौके पर निस्तारण

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रिपोर्ट – विक्की रघुवंशी 

कानपुर: प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जनकेंद्रित बनाने की दिशा में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस एक बार फिर आम नागरिकों के लिए राहत का माध्यम बना। सोमवार को मर्चेंट चैंबर ऑफ कॉमर्स में आयोजित सदर तहसील के संपूर्ण समाधान दिवस में वर्षों से लंबित कई मामलों का समाधान किया गया। सबसे उल्लेखनीय मामला यशोदा नगर निवासी प्रेमप्रकाश तिवारी का रहा, जिन्हें करीब 10 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद संशोधित खतौनी प्राप्त हुई। इसके साथ ही कुल 147 शिकायतों में से 11 का मौके पर निस्तारण किया गया। वहीं, विशेष शिविरों के माध्यम से 17 दिव्यांगजनों के यूडीआईडी कार्ड और 24 किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) भी बनाए गए।

10 वर्षों से लंबित राजस्व विवाद का हुआ समाधान

संपूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने की। इसी दौरान यशोदा नगर निवासी प्रेमप्रकाश तिवारी ने अपने राजस्व अभिलेखों से जुड़ा मामला जिलाधिकारी के समक्ष रखा। बताया गया कि वे पिछले एक दशक से अधिक समय से खतौनी में दर्ज त्रुटियों को ठीक कराने के लिए विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगा रहे थे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल अभिलेखों की जांच कराई। जांच के दौरान विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए अनधिकृत रूप से दर्ज काश्तकारों के नाम हटाए गए। इसके बाद संशोधित खतौनी तैयार कर मौके पर ही प्रेमप्रकाश तिवारी को उपलब्ध करा दी गई। इस कार्रवाई से न केवल उनकी वर्षों पुरानी समस्या समाप्त हुई, बल्कि प्रशासन की त्वरित कार्यशैली का भी उदाहरण सामने आया।

147 शिकायतें प्राप्त, 11 मामलों का तत्काल निस्तारण

संपूर्ण समाधान दिवस में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 147 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 11 मामलों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि शेष मामलों को संबंधित विभागों को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए भेजा गया।

जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण शासनादेश के अनुसार सात दिनों के भीतर किया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शिकायतों के समाधान में गुणवत्ता और पारदर्शिता दोनों का विशेष ध्यान रखा जाए।

बिजली कनेक्शन से लेकर आय प्रमाण पत्र तक मिली राहत

समाधान दिवस के दौरान कई नागरिकों को विभिन्न प्रशासनिक सेवाओं का तत्काल लाभ मिला।

बिनगवां निवासी कंचन सिंह नए बिजली कनेक्शन की समस्या लेकर पहुंचीं। जिलाधिकारी के निर्देश पर मौके पर ही झटपट पोर्टल के माध्यम से उनका आवेदन कराया गया और बिजली कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया पूरी कर दी गई।

इसी प्रकार, छपेड़ा पुलिया निवासी शिवम त्रिपाठी दिव्यांग पेंशन के लिए आवश्यक आय प्रमाण पत्र बनवाने पहुंचे थे। प्रशासन ने शिविर में ही उनका आय प्रमाण पत्र जारी कर दिया, जिससे उन्हें आगे की प्रक्रिया में सुविधा मिलेगी।

नगर निगम और केस्को की शिकायतों का भी हुआ समाधान

लक्ष्मीपुरवा निवासी केला देवी ने अपने घर के सामने लंबे समय से जमा कूड़े की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही नगर निगम की टीम को मौके पर भेजा गया और कूड़ा हटवाकर क्षेत्र की सफाई सुनिश्चित की गई।

वहीं, गंभीरपुर निवासी प्रकाश नारायण ने मोहल्ले की खराब स्ट्रीट लाइटों की समस्या उठाई। प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए स्ट्रीट लाइटें ठीक कराईं।

इसके अलावा रामचंद्र के बिजली बिल की जांच कर उन्हें वास्तविक स्थिति से अवगत कराया गया। वहीं मधू त्रिपाठी के बिजली मीटर की रीडिंग और ओटीपी के आधार पर बिल में आवश्यक सुधार किया गया।

राजस्व अभिलेखों और वरासत से जुड़े मामलों का भी निस्तारण

राजस्व विभाग से जुड़े कई मामलों में भी राहत प्रदान की गई। रूपरानी और सृजना देवी के नाम राजस्व अभिलेखों में सही तरीके से दर्ज कर संशोधित खतौनी उपलब्ध कराई गई।

इसी तरह लोकेन्द्र प्रताप सिंह के पिता के निधन के बाद लंबित वरासत आवेदन को स्वीकृति प्रदान की गई। इससे संबंधित राजस्व अभिलेखों को भी अद्यतन करने की प्रक्रिया पूरी की गई।

आर्थिक सहायता के मामले की हुई समीक्षा

समाधान दिवस के दौरान मृतक विमल कुमार गौतम की पत्नी को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के प्रकरण की भी समीक्षा की गई। जांच में यह पुष्टि हुई कि जिलाधिकारी स्तर से सहायता पहले ही स्वीकृत की जा चुकी थी। इसके बाद जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वीकृत धनराशि का अंतरण शीघ्र सुनिश्चित किया जाए ताकि लाभार्थी को समय पर सहायता मिल सके।

सबसे अधिक शिकायतें राजस्व विभाग से संबंधित

प्राप्त शिकायतों का विभागवार विश्लेषण भी किया गया। इनमें सबसे अधिक 50 शिकायतें राजस्व विभाग से संबंधित रहीं।

इसके अतिरिक्त:

  • राजस्व विभाग – 50
  • नगर निगम – 25
  • केडीए – 19
  • पुलिस विभाग – 18
  • केस्को – 8
  • शिक्षा विभाग – 7
  • स्वास्थ्य विभाग – 2
  • अन्य विभाग – शेष शिकायतें

यह आंकड़े दर्शाते हैं कि भूमि, राजस्व और शहरी सेवाओं से जुड़े मामलों में नागरिकों की अपेक्षाएं अधिक हैं। ऐसे में समाधान दिवस जैसी पहल लोगों को सीधे प्रशासन तक पहुंचने का प्रभावी मंच प्रदान कर रही है।

दिव्यांगजनों के लिए विशेष शिविर बना सहारा

संपूर्ण समाधान दिवस के साथ आयोजित विशेष शिविर में दिव्यांगजनों को एक ही स्थान पर विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया गया।

विशेषज्ञ चिकित्सकों ने 20 दिव्यांगजनों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इनमें से 17 लोगों के यूडीआईडी कार्ड बनाए गए, जबकि तीन लोगों को आगे की चिकित्सीय जांच के लिए रेफर किया गया।

इसके अतिरिक्त—

  • 5 दिव्यांगजनों का पेंशन के लिए पंजीकरण किया गया।
  • 8 लोगों का सहायक उपकरण हेतु पंजीकरण किया गया।
  • 2 दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल के लिए चिन्हित किया गया।
  • 2 लोगों के एनपीसीआई लिंक बैंक खाते खोले गए।
  • 6 लोगों के आय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कराए गए।

इस पहल से दिव्यांगजनों को विभिन्न विभागों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ी और एक ही स्थान पर कई सेवाएं उपलब्ध हो सकीं।

किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड शिविर

किसानों की सुविधा के लिए आयोजित विशेष शिविर में 24 किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) बनाए गए।

एलडीएम आदित्य चंद्रा ने किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड योजना की उपयोगिता, ऋण सुविधा, ब्याज संबंधी लाभ और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी दी। साथ ही किसानों को कृषि कार्यों के लिए संस्थागत ऋण का अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए जागरूक भी किया गया।

अधिकारियों की रही मौजूदगी

संपूर्ण समाधान दिवस में डीसीपी सत्यजीत गुप्ता, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जैन, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं एसडीएम सदर अनुभव सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरिदत्त नेमी, केडीए सचिव अभय पांडेय, अपर नगर आयुक्त अनूप कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने नागरिकों की शिकायतें सुनीं और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

कानपुर में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस ने एक बार फिर यह साबित किया कि यदि प्रशासन समयबद्ध और संवेदनशील तरीके से कार्य करे तो वर्षों से लंबित समस्याओं का भी समाधान संभव है। प्रेमप्रकाश तिवारी को दस वर्षों बाद संशोधित खतौनी मिलना इसका सबसे बड़ा उदाहरण रहा।

इसके अलावा दिव्यांगजनों, किसानों और आम नागरिकों को एक ही मंच पर विभिन्न सरकारी सेवाओं का लाभ मिलना इस पहल की उपयोगिता को और अधिक मजबूत बनाता है। आने वाले समय में यदि इसी प्रकार समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण की प्रक्रिया जारी रहती है, तो नागरिकों का प्रशासन पर विश्वास और भी सुदृढ़ होगा।

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