मथुरा में अमर्यादित टिप्पणी के विरोध में निषाद समाज का प्रदर्शन, महंत राजू दास का फूंका पुतला

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रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज 

मथुरा: दामोदरपुरा राष्ट्रीय टीवी चैनल पर लाइव डिबेट के दौरान हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास द्वारा कांग्रेस प्रवक्ता और निषाद समाज के वरिष्ठ नेता कुँवर सिंह निषाद के खिलाफ कथित तौर पर की गई अमर्यादित टिप्पणी को लेकर निषाद समाज में नाराजगी देखने को मिली। इसी के विरोध में दामोदरपुरा मुख्य द्वार पर निषाद समाज के लोगों और स्थानीय ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के दौरान लोगों ने कथित टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए सार्वजनिक मंचों पर सामाजिक और राजनीतिक नेताओं के प्रति मर्यादित भाषा के इस्तेमाल की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने महंत राजू दास के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनका पुतला दहन किया और अपनी नाराजगी जाहिर की।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सार्वजनिक बहस और टीवी डिबेट के दौरान किसी भी व्यक्ति के खिलाफ व्यक्तिगत या आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं है। उनका कहना था कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन संवाद के दौरान सामाजिक मर्यादा और सम्मान बनाए रखना जरूरी है।

कथित टिप्पणी को लेकर जताई नाराजगी

प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि टीवी चैनल पर लाइव डिबेट के दौरान की गई कथित टिप्पणी से निषाद समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। समाज के लोगों ने इस मामले को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की और सार्वजनिक रूप से माफी की मांग की।

प्रदर्शनकारियों के अनुसार, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय लोगों को सार्वजनिक मंचों पर अपनी बात रखते समय भाषा की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। उनका कहना था कि किसी व्यक्ति के विचारों से असहमति हो सकती है, लेकिन असहमति व्यक्त करने का तरीका भी लोकतांत्रिक और सम्मानजनक होना चाहिए।

इसी मुद्दे को लेकर दामोदरपुरा में समाज के लोग एकत्र हुए और प्रदर्शन के माध्यम से अपनी बात सामने रखी।

दामोदरपुरा मुख्य द्वार पर जुटे लोग

कथित टिप्पणी के विरोध में निषाद समाज के लोगों और स्थानीय ग्रामीणों ने दामोदरपुरा मुख्य द्वार पर प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठ लोगों के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौजूद रहे।

प्रदर्शन के दौरान लोगों ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की। इसके बाद महंत राजू दास का पुतला दहन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य कथित अमर्यादित टिप्पणी के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराना है।

वहीं, प्रदर्शन के दौरान लोगों ने आपसी एकजुटता का संदेश भी दिया। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में सक्रिय व्यक्तियों के प्रति सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए।

सार्वजनिक माफी की मांग

प्रदर्शन में शामिल लोगों ने महंत राजू दास से कथित टिप्पणी को लेकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। उनका कहना था कि टीवी डिबेट जैसे सार्वजनिक मंच पर कही गई बातों का व्यापक प्रभाव पड़ता है, इसलिए ऐसी जगहों पर भाषा का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सामाजिक नेताओं और जनप्रतिनिधियों के प्रति सम्मानजनक भाषा का इस्तेमाल लोकतांत्रिक संवाद का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसी वजह से उन्होंने कथित टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए अपनी मांग रखी।

समाज के लोगों ने यह भी कहा कि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा सामने नहीं आनी चाहिए। इसके लिए सार्वजनिक बहसों में संयमित और मर्यादित संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

कार्रवाई की मांग को लेकर भी उठी आवाज

प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों और समाज के प्रतिनिधियों ने कथित अमर्यादित टिप्पणी को लेकर उचित कार्रवाई की मांग भी उठाई। उनका कहना था कि सार्वजनिक मंचों पर किसी भी समुदाय या सामाजिक समूह से जुड़े लोगों के प्रति आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि इस प्रकार की भाषा के इस्तेमाल पर रोक नहीं लगी तो समाज की ओर से लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रखा जाएगा। उन्होंने संबंधित पक्ष से मामले को गंभीरता से लेने और भविष्य में ऐसी टिप्पणियों से बचने की अपील की।

हालांकि, मामले में आगे की कार्रवाई या किसी कानूनी प्रक्रिया को लेकर स्थिति संबंधित पक्षों और अधिकारियों के निर्णय पर निर्भर करेगी।

पुतला दहन कर जताया विरोध

प्रदर्शन के दौरान युवाओं और समाज के वरिष्ठ लोगों ने नारेबाजी की। इसके बाद महंत राजू दास का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया गया।

पुतला दहन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कथित टिप्पणी को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि उनका विरोध किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत आस्था या विचारधारा को लेकर नहीं, बल्कि कथित तौर पर सार्वजनिक मंच पर इस्तेमाल की गई भाषा को लेकर है।

समाज के लोगों ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है। हालांकि, इसके साथ ही दूसरों के सम्मान और सामाजिक मर्यादा का ध्यान रखना भी आवश्यक है।

सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील

प्रदर्शन के बीच समाज के लोगों ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से उठाया जाना चाहिए। उनका कहना था कि किसी भी विवाद का समाधान संवाद और संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से किया जाना बेहतर है।

स्थानीय लोगों ने सामाजिक सौहार्द बनाए रखने पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि अलग-अलग विचार रखने वाले लोगों के बीच संवाद बना रहना चाहिए और किसी भी मुद्दे को लेकर कानून-व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

प्रदर्शनकारियों ने अपनी नाराजगी दर्ज कराने के साथ ही संबंधित पक्ष से संयमित भाषा के इस्तेमाल की अपील की।

बड़ी संख्या में स्थानीय लोग रहे मौजूद

दामोदरपुरा मुख्य द्वार पर आयोजित प्रदर्शन में निषाद समाज के कई प्रमुख प्रतिनिधियों के अलावा बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण शामिल हुए। समाज के लोगों ने एकजुट होकर कथित टिप्पणी पर अपना विरोध दर्ज कराया।

प्रदर्शन के दौरान समाज के प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों को सामने रखा और कहा कि सार्वजनिक जीवन में सक्रिय लोगों को अपनी बात रखते समय शब्दों का चयन सोच-समझकर करना चाहिए।

कुल मिलाकर, टीवी डिबेट में महंत राजू दास द्वारा कांग्रेस प्रवक्ता एवं निषाद समाज के वरिष्ठ नेता कुँवर सिंह निषाद के खिलाफ की गई कथित अमर्यादित टिप्पणी को लेकर दामोदरपुरा में निषाद समाज और स्थानीय ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। लोगों ने पुतला दहन कर विरोध जताया और सार्वजनिक माफी की मांग रखी। साथ ही, प्रदर्शनकारियों ने सार्वजनिक मंचों पर मर्यादित भाषा और सामाजिक सम्मान बनाए रखने की अपील की।

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