इटावा में टोरेंट गैस पर ग्राहकों से ज्यादा वसूली का आरोप, शिकायत करने पहुंचे लोगों ने किया हंगामा – तुरंत पढ़ें
रिपोर्ट – रोहित सिंह चौहान
इटावा: जिले में पीएनजी सेवा उपलब्ध कराने वाली कंपनी टोरेंट गैस पर ग्राहकों से तय मूल्यों से अधिक राशि वसूलने के आरोप सामने आए हैं। ग्राहकों का आरोप है कि कंपनी की ओर से अलग-अलग शुल्क के नाम पर उनसे अतिरिक्त भुगतान कराया जा रहा है। इतना ही नहीं, शिकायत लेकर पहुंचे कुछ ग्राहकों ने स्टाफ पर उनके साथ कथित तौर पर बदसलूकी करने का भी आरोप लगाया है।
मामले को लेकर ग्राहकों में नाराजगी देखने को मिली। शिकायत करने पहुंचे लोगों ने कंपनी के कार्यालय में हंगामा किया और अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की। ग्राहकों का कहना है कि पीएनजी कनेक्शन और बिलिंग से जुड़े मामलों में उनसे अलग-अलग चार्ज लिए जा रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
फिलहाल ग्राहकों की ओर से लगाए गए आरोपों पर कंपनी की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में वास्तविक स्थिति कंपनी और संबंधित विभाग की जांच या आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
तय मूल्य से ज्यादा वसूली का आरोप
ग्राहकों ने आरोप लगाया कि टोरेंट गैस की ओर से निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूली जा रही है। उनका कहना है कि बिल या भुगतान के दौरान अलग-अलग शुल्क जोड़ दिए जाते हैं, जिसके कारण उन्हें अनुमान से अधिक राशि का भुगतान करना पड़ता है। ग्राहकों के मुताबिक, कई बार उन्हें यह स्पष्ट जानकारी भी नहीं मिलती कि अतिरिक्त राशि किस मद में ली जा रही है। इसके चलते उपभोक्ताओं में असंतोष बढ़ रहा है।
ग्राहकों का कहना है कि यदि किसी सेवा के लिए अतिरिक्त शुल्क निर्धारित है, तो उसके बारे में पहले से स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इससे उपभोक्ता को भुगतान करते समय किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।
अलग-अलग चार्ज लगाने का आरोप
शिकायत करने पहुंचे ग्राहकों का आरोप है कि हर बार अलग-अलग चार्ज जोड़कर वसूली की जा रही है। उनका कहना है कि बिलिंग और अन्य सेवाओं के नाम पर अलग-अलग शुल्क लिए जाने से कुल भुगतान राशि बढ़ जाती है।
ग्राहकों ने मांग की है कि कंपनी की ओर से लगाए जा रहे सभी शुल्कों की स्पष्ट जानकारी दी जाए। साथ ही, यदि किसी ग्राहक से निर्धारित राशि से अधिक पैसा लिया गया है तो उसकी जांच कर उचित समाधान किया जाए।
उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस जैसी आवश्यक सेवा से जुड़े मामलों में बिलिंग प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। इसके अलावा, ग्राहकों को किसी भी शुल्क की जानकारी आसानी से उपलब्ध होनी चाहिए।
शिकायत करने पहुंचे ग्राहकों ने किया हंगामा
आरोपों को लेकर कई ग्राहक अपनी शिकायत लेकर कंपनी के कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने अपनी समस्याएं बताईं और अतिरिक्त वसूली के आरोपों पर जवाब मांगा। इसी दौरान ग्राहकों और स्टाफ के बीच कहासुनी की स्थिति बनने की बात सामने आई।
ग्राहकों का आरोप है कि शिकायत सुनने के बजाय कुछ स्टाफ सदस्यों ने उनके साथ कथित तौर पर बदसलूकी की। इससे ग्राहक और नाराज हो गए और उन्होंने कार्यालय में हंगामा किया।
मामले के दौरान ग्राहकों ने अपनी समस्याओं का समाधान किए जाने की मांग की। उनका कहना था कि उपभोक्ता होने के नाते उन्हें अपनी शिकायत दर्ज कराने और उसका समाधान पाने का अधिकार मिलना चाहिए।
स्टाफ पर बदसलूकी का भी आरोप
ग्राहकों ने कंपनी के कुछ कर्मचारियों पर व्यवहार ठीक नहीं होने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जब वे अपनी बिलिंग और चार्ज से संबंधित शिकायत लेकर पहुंचे तो उनकी बात ठीक से नहीं सुनी गई।
हालांकि, स्टाफ की ओर से लगाए गए इन आरोपों पर अभी विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसलिए इस संबंध में स्थिति कंपनी के पक्ष के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
किसी भी सेवा से संबंधित विवाद में ग्राहक और सेवा प्रदाता दोनों पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर मिलना जरूरी है। ऐसे में मामले की निष्पक्ष जांच के बाद वास्तविक स्थिति सामने आने की उम्मीद है।
बिलिंग प्रक्रिया को लेकर उठे सवाल
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल बिलिंग प्रक्रिया को लेकर उठ रहा है। ग्राहकों का कहना है कि उन्हें अलग-अलग शुल्क के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं दी जा रही है। इसके कारण उन्हें बिल की कुल राशि को समझने में परेशानी होती है।
उपभोक्ताओं की मांग है कि बिल में हर शुल्क का स्पष्ट विवरण दिया जाए। यदि कोई शुल्क कनेक्शन, मीटर, सेवा या अन्य प्रक्रिया से जुड़ा है, तो उसका उल्लेख बिल में अलग से किया जाना चाहिए।
इससे ग्राहकों को यह समझने में मदद मिलेगी कि उनसे किस सेवा के लिए कितनी राशि ली जा रही है। साथ ही, किसी गलतफहमी की स्थिति में शिकायत का समाधान भी आसानी से किया जा सकेगा।
ग्राहक ने बताई अपनी परेशानी
पीड़ित ग्राहक राजेश गुप्ता ने कंपनी से जुड़ी अपनी शिकायत और परेशानी के बारे में जानकारी दी। उनका कहना है कि ग्राहकों से तय राशि से अधिक वसूली की जा रही है और अलग-अलग शुल्क लगाए जाने से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ रही है।
उन्होंने मांग की कि कंपनी की ओर से ग्राहकों की शिकायतों को गंभीरता से सुना जाए और बिलिंग से जुड़े मामलों में स्पष्टता लाई जाए।
बाइट: राजेश गुप्ता, पीड़ित ग्राहक
उपभोक्ताओं ने समाधान की मांग की
ग्राहकों का कहना है कि वे कंपनी से किसी विवाद की स्थिति पैदा नहीं करना चाहते, बल्कि अपनी शिकायतों का उचित समाधान चाहते हैं। उनका कहना है कि यदि किसी शुल्क का प्रावधान है तो उसकी जानकारी ग्राहकों को स्पष्ट रूप से दी जानी चाहिए।
इसके साथ ही, ग्राहकों ने मांग की कि शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रभावी व्यवस्था हो और शिकायतों पर समयबद्ध तरीके से कार्रवाई की जाए।
ग्राहकों के अनुसार, आवश्यक सेवा से जुड़े मामलों में उपभोक्ताओं की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाना चाहिए। इससे कंपनी और ग्राहकों के बीच विश्वास भी बेहतर होगा।
कंपनी के आधिकारिक पक्ष का इंतजार
इस मामले में ग्राहकों की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद अब टोरेंट गैस के आधिकारिक पक्ष का इंतजार है। कंपनी की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए गए शुल्क किन सेवाओं के लिए हैं और क्या वसूली निर्धारित नियमों के अनुसार की गई है।
यदि ग्राहकों की शिकायतों में कोई तथ्यात्मक आधार पाया जाता है, तो संबंधित स्तर पर उसका समाधान किया जा सकता है। वहीं, यदि अतिरिक्त शुल्क नियमों के तहत निर्धारित हैं तो कंपनी की ओर से ग्राहकों को उनकी स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जा सकती है।
निष्पक्ष जांच से साफ होगी स्थिति
फिलहाल इटावा में सामने आया यह मामला ग्राहकों और पीएनजी सेवा प्रदाता के बीच बिलिंग और शुल्क से जुड़े विवाद के रूप में सामने आया है। ग्राहकों ने ज्यादा वसूली और कथित बदसलूकी के आरोप लगाए हैं।
अब जरूरत है कि संबंधित पक्ष मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करें। साथ ही, ग्राहकों की शिकायतों का उचित समाधान किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न बने।
कुल मिलाकर, इटावा में टोरेंट गैस के खिलाफ ग्राहकों की शिकायत ने बिलिंग प्रक्रिया और अतिरिक्त शुल्क को लेकर सवाल खड़े किए हैं। ग्राहकों ने तय मूल्य से ज्यादा वसूली और अलग-अलग चार्ज लगाने का आरोप लगाया है। वहीं, स्टाफ पर कथित बदसलूकी के आरोप भी लगाए गए हैं। फिलहाल कंपनी का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है, जिसके बाद पूरे मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

