हापुड़ के बाबूगढ़ में खाद्य विभाग का औचक छापा, डेयरी से लिए गए पनीर-खोया समेत 4 नमूने
रिपोर्ट – यतेंद्र भारद्वाज
हापुड़: जनपद हापुड़ के बाबूगढ़ क्षेत्र के ग्राम सरावनी में खाद्य विभाग की टीम ने अचानक कार्रवाई करते हुए एक डेयरी प्रतिष्ठान पर छापा मारा। विभागीय टीम के अचानक पहुंचने से मौके पर हलचल मच गई। कार्रवाई के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए पनीर, खोया, छाछ और दही के नमूने लिए गए।
खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इन खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका को देखते हुए नमूने संग्रहित किए गए हैं। अब इन सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। लैब रिपोर्ट आने के बाद ही खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उनमें किसी तरह की मिलावट के संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
सरावनी गांव में पहुंची खाद्य विभाग की टीम
जानकारी के अनुसार, बाबूगढ़ क्षेत्र के ग्राम सरावनी में स्थित जेपी डेयरी पर खाद्य विभाग की टीम ने औचक निरीक्षण किया। टीम के अचानक पहुंचने के बाद डेयरी परिसर में गतिविधियां तेज हो गईं।
खाद्य सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों ने मौके पर उपलब्ध खाद्य पदार्थों का निरीक्षण किया। इसके बाद विभागीय प्रक्रिया के तहत अलग-अलग खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए। कार्रवाई के दौरान मुख्य रूप से पनीर, खोया, छाछ और दही को जांच के लिए चुना गया।
विभाग की ओर से की गई इस कार्रवाई का उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच करना और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना बताया गया है।
पनीर, खोया, छाछ और दही के लिए गए सैंपल
खाद्य विभाग की टीम ने जेपी डेयरी से चार अलग-अलग खाद्य पदार्थों के नमूने लिए। इनमें पनीर, खोया, छाछ और दही शामिल हैं।
इन नमूनों को नियमानुसार जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। प्रयोगशाला में जांच के बाद यह पता चल सकेगा कि खाद्य पदार्थ निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हैं या नहीं।
हालांकि, अभी तक विभाग की ओर से किसी खाद्य पदार्थ में मिलावट की पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए लैब रिपोर्ट आने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
लैब रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
खाद्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, मौके से लिए गए नमूनों की प्रयोगशाला जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट मिलने के बाद ही खाद्य पदार्थों की वास्तविक गुणवत्ता के बारे में स्थिति स्पष्ट होगी।
यदि जांच रिपोर्ट में किसी खाद्य पदार्थ में निर्धारित मानकों से संबंधित कमी या मिलावट की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, यदि नमूने मानकों के अनुरूप पाए जाते हैं तो उसी आधार पर विभागीय स्थिति स्पष्ट होगी।
फिलहाल खाद्य विभाग की कार्रवाई नमूना संग्रह और जांच की प्रक्रिया तक सीमित है।
औचक कार्रवाई से डेयरी संचालकों में हलचल
खाद्य विभाग की अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र में मौजूद डेयरी संचालकों और खाद्य कारोबार से जुड़े लोगों में हलचल देखी गई। विभाग की ओर से समय-समय पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण और नमूना संग्रह की कार्रवाई की जाती है।
इस तरह के निरीक्षण का उद्देश्य खाद्य कारोबारियों को निर्धारित मानकों का पालन करने के लिए जागरूक करना भी है। साथ ही, उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा से जुड़े मानकों को बनाए रखना विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
त्योहारों और सामान्य दिनों में भी खाद्य जांच महत्वपूर्ण
दूध से बने उत्पादों जैसे पनीर, खोया, दही और छाछ का इस्तेमाल बड़ी संख्या में लोग करते हैं। ऐसे में इनकी गुणवत्ता पर निगरानी रखना खाद्य सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
विशेष रूप से त्योहारों के आसपास दूध से बने उत्पादों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे समय में खाद्य विभाग द्वारा नमूना संग्रह और निरीक्षण की कार्रवाई तेज की जाती है। हालांकि, वर्तमान कार्रवाई के संबंध में विभाग ने नमूनों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होने की बात कही है।
इसलिए उपभोक्ताओं के लिए भी यह जरूरी है कि वे खाद्य सामग्री खरीदते समय उसकी गुणवत्ता, पैकेजिंग और अन्य जरूरी जानकारी पर ध्यान दें।
विभाग ने प्रक्रिया के अनुसार लिए नमूने
जेपी डेयरी पर पहुंची टीम ने खाद्य पदार्थों के नमूने विभागीय प्रक्रिया के तहत लिए। अधिकारियों ने मौके पर उपलब्ध सामग्री का निरीक्षण किया और आवश्यक जानकारी जुटाई।
इसके बाद नमूनों को आगे की जांच के लिए भेजे जाने की प्रक्रिया शुरू की गई। खाद्य विभाग की ओर से लिए गए नमूनों की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
इस कार्रवाई से यह भी स्पष्ट है कि खाद्य विभाग क्षेत्र में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर निगरानी बनाए हुए है।
उपभोक्ताओं की सुरक्षा पर जोर
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सीधे तौर पर उपभोक्ताओं से जुड़ी होती है। इसलिए खाद्य विभाग द्वारा समय-समय पर दुकानों, डेयरी और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जाता है।
इस तरह की कार्रवाई के जरिए यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाता है कि बाजार में उपलब्ध खाद्य सामग्री निर्धारित मानकों के अनुरूप हो। इसके अलावा, यदि किसी प्रतिष्ठान के संबंध में गुणवत्ता से जुड़ी शिकायत सामने आती है, तो विभागीय स्तर पर उसकी जांच की जा सकती है।
सरावनी गांव में हुई यह कार्रवाई भी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की प्रक्रिया का हिस्सा है।
अधिकारी ने दी कार्रवाई की जानकारी
खाद्य विभाग की इस कार्रवाई के संबंध में डीओ हापुड़ चंद्र शेखर मिश्र ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जेपी डेयरी से पनीर, खोया, छाछ और दही के नमूने लिए गए हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों में मिलावट की स्थिति के संबंध में अभी कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। इसके लिए नमूनों की प्रयोगशाला जांच जरूरी है। लैब रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आएगी।
विभाग की ओर से जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कदम उठाए जाने की संभावना है।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल हापुड़ के बाबूगढ़ क्षेत्र के ग्राम सरावनी स्थित जेपी डेयरी पर खाद्य विभाग की औचक कार्रवाई के बाद लिए गए नमूनों की जांच रिपोर्ट का इंतजार है।
पनीर, खोया, छाछ और दही के नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि संबंधित खाद्य पदार्थ गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं। इसलिए वर्तमान समय में इसे केवल खाद्य गुणवत्ता जांच की कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।
कुल मिलाकर, हापुड़ के बाबूगढ़ क्षेत्र में खाद्य विभाग की टीम ने जेपी डेयरी पर औचक छापा मारकर चार खाद्य पदार्थों के नमूने लिए हैं। विभाग का कहना है कि प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। वहीं, इस कार्रवाई से क्षेत्र में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर निगरानी व्यवस्था का संदेश भी गया है।

