मुंबई के मझगांव में गणेश प्रतिमा आगमन जुलूस के दौरान तनाव, अंडे फेंकने के आरोप के बाद पुलिस तैनात

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Digital UP News Desk

मुंबई: मझगांव इलाके में गणेश प्रतिमा के आगमन जुलूस के दौरान रविवार देर रात दो गुटों के बीच विवाद के बाद तनाव की स्थिति बन गई। आयोजकों का आरोप है कि जुलूस के दौरान पास की एक इमारत से गणेश प्रतिमा के आगमन जुलूस पर अंडे फेंके गए। घटना के बाद इलाके में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए, जिसके चलते पुलिस को मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी। हालांकि, सोमवार सुबह तक हालात नियंत्रण में आ गए और एहतियात के तौर पर इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया।

घटना के दौरान मझगांव की सड़कों पर करीब 10,000 से 15,000 लोगों की भीड़ जमा होने की बात सामने आई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को हटाया और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थिति पर नजर रखी। इसके साथ ही गणेश पंडाल के आसपास भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई।

गणेश आगमन जुलूस के दौरान विवाद

जानकारी के मुताबिक, मझगांव इलाके में गणेश प्रतिमा के आगमन को लेकर जुलूस निकाला जा रहा था। इसी दौरान आयोजकों ने आरोप लगाया कि पास की एक इमारत से जुलूस की ओर अंडा फेंका गया। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों में नाराजगी बढ़ गई और विवाद की स्थिति पैदा हो गई।

अखिल पब्लिक फेस्टिवल कमेटी के अध्यक्ष हितेश जाधव ने घटना को निंदनीय बताते हुए कहा कि भगवान गणपति के आगमन के दौरान इस तरह की घटना से इलाके में तनाव बढ़ा। उन्होंने पुलिस प्रशासन से जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

जाधव के मुताबिक, आयोजकों ने पुलिस से अनुरोध किया है कि मामले में 24 घंटे के भीतर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री आशीष शेलार ने भी आयोजकों को सहयोग का आश्वासन दिया है। आयोजकों का दावा है कि उन्हें भरोसा दिलाया गया है कि मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

पंडाल के पास की इमारत से अंडे फेंकने का आरोप

मझगांव चा मौर्य गणपति मंडल के उप सचिव विवेक राणे ने भी आरोप लगाया कि जिस समय गणपति आगमन जुलूस चल रहा था, उस दौरान पंडाल से करीब 30 से 40 मीटर की दूरी पर स्थित एक इमारत से अंडे फेंके गए।

राणे ने कहा कि जुलूस के दौरान पंडाल के सामने स्थित इमारत की ओर से कुछ लोगों ने कथित तौर पर अंडे फेंके। उनके अनुसार, घटना के बाद आयोजकों ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

हालांकि, पूरे मामले में पुलिस की जांच और आधिकारिक स्तर पर सामने आने वाली जानकारी महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल आयोजकों की ओर से लगाए गए आरोपों के आधार पर ही घटना की तस्वीर सामने आई है। पुलिस द्वारा मामले की जांच किए जाने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के पीछे कौन लोग जिम्मेदार थे और वास्तव में क्या परिस्थितियां थीं।

भीड़ बढ़ने के बाद पुलिस ने संभाला मोर्चा

घटना के बाद मझगांव इलाके में लोगों की भीड़ बढ़ गई। बताया गया कि कुछ समय के लिए सड़कों पर करीब 10,000 से 15,000 लोग जमा हो गए थे। भीड़ को देखते हुए पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की।

इसके बाद पुलिस ने लोगों को वहां से हटाया और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की। सोमवार सुबह तक स्थिति सामान्य बताई गई। बावजूद इसके, किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती जारी रखी गई।

विशेष रूप से गणेश पंडाल के बाहर पुलिस बल लगाया गया, ताकि प्रतिमा के दर्शन और धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो। साथ ही, इलाके में कानून-व्यवस्था पर लगातार नजर रखी गई।

24 घंटे में कार्रवाई की मांग

आयोजकों ने मामले में जल्द कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस प्रशासन से कहा है कि जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कदम उठाए जाएं। हितेश जाधव ने बताया कि आयोजकों की ओर से पुलिस से 24 घंटे के भीतर कार्रवाई का अनुरोध किया गया है।

उनका कहना है कि धार्मिक आयोजन के दौरान ऐसी घटनाएं माहौल को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए प्रशासन को मामले की निष्पक्ष जांच करते हुए तथ्य सामने लाने चाहिए। आयोजकों ने भी लोगों से संयम बनाए रखने की अपील की है।

वहीं, महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री आशीष शेलार से समर्थन मिलने की बात भी आयोजकों ने कही है। आयोजकों के अनुसार, मंत्री की ओर से मामले में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।

प्रशासन की सतर्कता बढ़ी

गणेश उत्सव के दौरान मुंबई के विभिन्न इलाकों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और लोग धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होते हैं। ऐसे में पुलिस और प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बड़ी जिम्मेदारी रहती है। मझगांव की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

पुलिस की मौजूदगी से इलाके में स्थिति को सामान्य बनाए रखने में मदद मिली। सोमवार सुबह तक स्थिति नियंत्रण में आ गई थी। इसके बावजूद एहतियात के तौर पर पुलिस बल की तैनाती जारी रखी गई, ताकि अफवाहों या किसी नए विवाद की स्थिति को समय रहते रोका जा सके।

लोगों से शांति बनाए रखने की अपील

घटना के बाद स्थानीय स्तर पर लोगों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की गई है। प्रशासन का प्रयास है कि गणेश उत्सव के धार्मिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हों। इसके लिए संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की निगरानी बढ़ाई गई है।

फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। आयोजकों द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। ऐसे में लोगों से अपील की जा रही है कि वे बिना पुष्टि किसी तरह की अफवाह पर भरोसा न करें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।

मझगांव की इस घटना के बाद पुलिस की प्राथमिकता इलाके में शांति बनाए रखना और किसी भी संभावित विवाद को आगे बढ़ने से रोकना है। सोमवार सुबह हालात नियंत्रण में आने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली, लेकिन एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था को बरकरार रखा गया है।